Monday, February 1, 2016

आई हैल्थ बिगाड़ती आदतें

हमारी आँखे तब तक निरंतर काम करती रहती है जब तक हम सोए नहीं जाते है।  इतना काम करने के बाद भी क्या हम अपनी आँखों को उतना महत्त्व देते है जितना हमें देना चाहिए। आइयें जानते है कुछ ऐसी आदतों को जो हमारी आँखों की हैल्थ को बिगाड़ने का काम करती है।  
  • आई लेंस जहाँ आँखों को चश्मे से निजात दिलाती है मगर क्या आप इन्हे रात में सोने से पहले निकाल कर आई सलूशन में डालते है।  यदि नहीं तो आप खुद अपनी आँखों को नुकसान पहुंचा रहें है। 
  • एक्सपायर्ड ऑय लेंस को प्रयोग करना एक ऐसी आदत है जिसकी जानकारी होने के बाद भी हम इसमें सुधार नहीं लाते है। 
  • आँखों में इन्फेक्शन होने पर बिना डॉक्टर से पूछे किसी भी प्रकार के आई ड्राप का प्रयोग भी इसी क्ष्रेणी में आता है। 
  • आई टेस्ट न कराना, हम सब की सबसे बुरी आदत है।  जिसके कारण समय पर आँखों का इलाज नहीं हो पाता है और आँखों का स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। 
  • ख़राब या एक्सपायर आई मेकअप का प्रयोग भी आँखों को नुकसान पंहुचा सकता है। 
  • आँखों को बिना रेस्ट दिए दिन रात इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर आँखे गड़ाए रहने पर आँखे थक जाती है ऐसे में यदि आप आँखों को आराम नहीं देंगे तो आँखे कमजोर होंगी। 
  • रात में बिना आई मेकअप उतारे सोना भी आँखों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालती है।
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बारिश में आँखों का रखे विशेष ख्याल

जब भी मानसून का मौसम आता है तो मन खुश हो जाता है, गर्मी से निजात, रिमझिम फुहारों से खुशगवार मौसम, बारिश की छटा ही निराली होती है। लेकिन मानसून के सीजन में आखों की विशेष देखभाल भी जरूरी होती है। तरह तरह के आँखों के संक्रमण इस ही मौसम में पनपते है। बच्चें एवं स्कूल कालेज जाने वाले छात्रों को विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि उनमें ही संक्रमण अधिक फैलता है।


कन्जकटीवाईटिस ( नेत्रशोथ)
आँखों का सफेदी वाला भाग एवं पलक का अन्दरूनी भाग कन्जकटीवा कहलाता है। आंख के इस भाग में जलन, लाली और सूजन होने को कन्जकटीवाईटिस या नेत्रशोथ कहते है । इसके मुख्य कारण है इन्फेक्शन और एलर्जी, इस मौसम में आने वाले वायरल बुखार जो शरीर की प्रतिरोघक क्षमता को कम कर देते है उसकी वजह से भी नेत्रशोथ हो जाता है। इस मौसम में सबसे ज्यादा फैलने वाली आम बीमारी यही है। कन्जकटीवाईटिस का संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है। आँखों को सबसे अधिक कन्जकटीवाईटिस से ही बचाने की जरूरत होती है। 

स्टाई (अंजनयारी या गुहेरी) स्टाई पलको के आसपास लाली लिए हुए आई सूजन को कहते है। इसमें पस (मवाद ) बन जाता है और पस के पूरी तरह साफ होने पर ही ठीक होती है। इसके होने का मुख्य कारण बिना धूले हाथों से आँखों को रगड़ना एंव बेक्टिरिया है। ये बिमारी भी इस मौसम में आम है।

ड्राईनेस ऑफ़ आई (शुष्क आखें)
आखों में ड्राइनेस आना इस मौसम में आम बात है आँखों में जलन चुभन और पानी आना इसके मुख्य लक्ष्ण है। 

स्वीमिंग पूल इन्फेक्शन इस मौसम में स्वीमिंग पूल में तैरने से भी बहुत इंफेक्शन फैलता है 

इनमें से किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरन्त नेत्र विशेषज्ञ से समर्पक करे। एवं इलाज शुरू करवाये। नेत्र विशेषज्ञ की सलाहों का अनुपालन करें। स्वयं डाक्टर बनने का प्रयास न करे एवं बिना डाक्टरी सलाह के कोई दवाई या ड्राप का प्रयोग कतई ना करे। ये आपकी आँखों के लिये घातक हो सकता है। 

इस मौसम में आप कुछ बातों का ध्यान रख के नेत्र समस्याओं से बच सकते है।- साफ सफाई का ध्यान रखे। 
- बिना धुले हाथों से आखों को ना छूएं।
- अपना तौलिया रूमाल एवं साबुन आदि किसी के साथ शेयर न करें।
- धुआं धूल प्रदूषण तथा तेज घूप एवं रोशनी से आँखों को बचा कर रखें।
- घर से बाहर निकलने पर अच्छे सनग्लासेज का प्रयोग करे।
- कन्जकटीवाईटिस या नेत्रशोथ के संक्रमण के समय भीड़भाड़ वाली जगह पर ना जाए। 
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Eyebrow bleaching tips in Hindi – आइब्रो (बिरोनी) ब्लीचिंग

केमिकल द्वारा बालों को रंगने की विधि ब्लीचिंग कहलाती है जिसमे बाल गहरे और खूबसूरत नज़र आने लगते हैं । कई लोगों के बाल तो कई रंगों के होते हैं लेकिन इनकी बरोनिया काली ही रहती हैं जो कि थोड़ा भद्दा लगने लगता है । लेकिन कास्मेटिक उद्योग ने इसका हल निकाला है जिसमे केमिकल द्वारा बरोनिया  के रंग को बदल दिया जाता है । आप ब्यूटी पार्लरों में जाकर अपनी बिरोनियो को अपने हिसाब से रंग करवा सकती हैं लेकिन यह एक खर्चे का सौदा होगा । अब यही ब्लीचिंग सामग्री दुकानों पर उपलब्ध है जहाँ से खरीदकर आप घर पे ही अपनी बरोनिया  को रंग सकती हैं और पारलर में होने वाले खर्चे से छुटकारा पा सकती हैं।

ब्लीच से दिखें जवां

आधुनिक दौर में 35 से 40 वर्ष की महिलाएं उन तरीको को अपना रही हैं जो उन्हें जवां दिखने में मदद करें । बरोनिया  की ब्लीचिंग भी उन्ही तरीकों में से एक है जो आपकी उम्र को 2 से 3 साल तक कम दिखाने में मदद करती है । आज के दौर में न सिर्फ महिलायें बल्कि पुरुष भी जवान दिखने के लिए ब्लीचिंग को अपना रहे हैं । कॉस्मेटिक्स के अलावा घरेलू सामग्री भी ब्लीचिंग के लिए अपनाई जा सकती है, जैसे कि नीबू ब्लीचिंग के लिए एक प्राकृतिक विकल्प होता है ।

बरोनिया  की ब्लीचिंग की विधि

अगर आप घर पर ही अपनी बरोनिया  को ब्लीच करना चाहती हैं तो निम्न चरणों को अपनाएं । सबसे पहले ज़रूरी उपकरण और सामग्री एकत्र करें ।

सामग्री

स्पूली, अच्छे ब्रांड का फेसिअल ब्लीच, वेसलीन और लाइट शैम्पू यह हेयर टोनर ।

ब्लीचिंग के स्टेप्स

स्टेप 1

पानी और शैम्पू से सबसे पहले अपनी बरोनिया  को साफ़ करें

स्टेप 2

धोने के बाद इन्हें हलके कपड़े से पोंछ कर पंखे के नीचे सुखा लें ।

स्टेप 3

अब बरोनिया  पर वैसलीन लगायें यह स्किन पर होने वाले किसी भी तरह के केमिकल रिएक्शन को रोकता है ।

स्टेप 4

अब पैकेट में बताये गये निर्देशों को अपनाकर ब्लीच को बर्तन में मिक्स करें और ब्रश और स्पूली की सहायता से बालों में अच्छी तरह से लगायें ।

स्टेप 5

अब अपनी बरोनिया  की मोटी परत चढ़ाएं ।

स्टेप 6

अब अगर आप हल्का रंग चाहते हैं तो 5 मिनिट और अगर गहरा चाहते हैं तो 10 मिनिट इंतज़ार करें ।

स्टेप 7

इच्छित समय के बाद ब्लीच को किसी कपड़े या स्पूली के माध्यम से निकालें और माइल्ड शैम्पू से धो लें, आप पायेंगे शानदार रंग ।

ब्लीचिंग के फायदे और नुकसान

आईब्रो ब्लीचिंग के फ़ायदे

  • यह आपको आकर्षक बनाता है ।
  • सस्ता होता है ।
  • लगाना बहुत आसान है ।
  • चेहरे की सुन्दरता को निखारता है ।
  • आप जवां नज़र आने लगती हैं ।

आईब्रो ब्लीचिंग के नुकसान

  • इसमें हानिकारक केमिकल होते हैं ।
  • कुछ लोगों में इससे इलर्जी भी देखी जाती है ।
  • इसके बाद बालों में चिकनाहट नहीं रहती ।
  • यह सभी स्किन टोन्स और हेयर टोन्स के लिए उपयोगी नहीं है ।
  • ब्लीचिंग के कुछ दिन बाद जब बाद बढ़ते हैं तो अन्दर के बालों का प्राकृतिक रंग नज़र आने लगता है जिससे आप भद्दे दिखने लगते हैं ।
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काले घेरे / काले घेरों के लिए घरेलू उपचार – आंखों के नीचे डार्क सर्कल को ऐसे हटाएँ

काले घेरे उन काले दागों को कहते हैं जो लोगों की आँखों के नीचे उभरते हैं। इनके होने का मुख्य कारण तनाव या आँखों का ज़रुरत से ज्यादा कंप्यूटर या टीवी (Computer or TV) के संपर्क में आना है। कई लोगों की आँखों के नीचे काले धब्बे आनुवांशिक कारणों से आते हैं। कई बार अस्वास्थ्यकर भोजन की वजह से भी लोगों को इनका सामना करना पड़ता है। नीचे इनसे बचने के कुछ उपाय दिए जा रहे हैं।

आँखों के नीचे काले घेरो के कारण आपकी उम्र और सुन्दरता पर असर पड़ता है कई लोगो के सामने काले घेरे सुन्दरता के लिए समस्या में से एक है आँखों के आसपास काले घेरे चेहरे के लिए दाग है। काले घेरे का उपाय –

काले घेरे के कारण (The Reasons for dark circles)

  • नाक बंद (Nasal congestion)

क्या आप रात के समय खर्राटे लेते है? क्या आप अस्थमा के मरीज है या सबसे आम कारण साँस लेने में समस्या हो रही है । साँस लेने की समस्याओ का इलाज करे।
  • अनुचित आहार (Improper diet)

आंखों के नीचे काले घेरे ऐसे करें दूर, अनुचित आहार से त्वचा में वसा और कोलेजन में कमी हो जाती है तो उसके लिए वसा और विटामिन युक्त भोजन ले।
  • अनुवांशिकता (Heredity)

आँखों की पलकों के नीचे की त्वचा पतली है तो रक्त वाहिकाए नही जा सकती जिससे आँखों के नीचे की त्वचा पर काले घेरे पड़ जाते है तनाव और चिंता  भी काले घेरे का कारण हो सकता है।
  • त्वचा पर झाई पड़ना (Skin pigmentation)

आँखों के नीचे की त्वचा की मृत कोशिकाओ को दूर करने के लिए सामान्य स्क्रब्स का प्रयोग करे आँखों के नीचे त्वचा के रंग को हल्का करने के लिए नींबू लगाये या काले घेरे पर विटामिन ई का तेल भी लगा सकते है। इससे त्वचा पर झाई पड़ना दूर हो जाता है।

काले घेरे के लिए घरेलू उपचार (Home remedies for dark circles)

  • एक कटोरी में एक बड़ा चम्मच टमाटर का रस और एक बड़ा चम्मच नींबू का रस ले अब उन्हें अच्छी तरह से मिला ले उसके बाद इसे चेहरे पर लगाये और रुई की मदद से इसे साफ़ करे दिन में दो बार इस प्रयोग को करे।
  • रात को 7-8 बादाम पानी में भिगो दे और सुबह जल्दी उठकर उसे पीस ले अब उसमे एक बड़ा चम्मच दूध का मिला ले उसके बाद इस पेस्ट को काले घेरे पर लगाये 15 दिन नियमित रूप से इस प्रयोग को करेंगे तो आँखों के नीचे के काले घेरे कम हो जायेंगे।
  • कुछ पुदीने की पत्तिया ले और उन्हें पीस कर इसका पेस्ट बना ले अब इसमें एक बड़ा चम्मच नींबू का रस मिलाये उसके बाद काले घेरे पर इसे लगाये काले घेरे कम हो जायेंगे।

इस प्रयोग को भी आप 15 दिन नियमित रूप से करे। (Ways to remove dark circles naturally)

  • एक कटोरी में एक बड़ा चम्मच ककड़ी का रस और एक बड़ा चम्मच नींबू का रस ले इसे अच्छी तरह से मिला ले फिर इस मिश्रण को काले घेरे पर लगा ले 15 मिनिट बाद इसे धो ले 20 दिन इस प्रयोग को नियमित करे।
  • एक कटोरी में 1 बड़ा चम्मच नींबू के रस में एक चुटकी हल्दी मिलाये और अच्छी तरह से मिला ले और रुई की मदद से काले घेरे पर लगा ले।
  • एक कटोरी में एक चम्मच गुलाब जल और एक चम्मच नीबू के रस को अच्छी तरह से मिला ले अब इसे आंखों के नीचे के काले घेरे पर लगा ले।
  • आलू और खीरे के स्लाइस काटे और इसे अपनी आँखों पर रख ले आपको काले घेरे से राहत मिलेगी।
  • बादाम का तेल,गेंहू के बीज का तेल और विटामिन ई के तेल को मिक्स करके भी काले घेरे पर लगा सकते है।
  • रात में कम से कम 8 घंटे की नींद ले उचित आहार मुख्य रूप से विटामिन ई युक्त भोजन ले आपको काले घेरे से छुटकारा मिलेगा।

काले घेरो को मिटाने के लिए खीरे का प्रयोग (Cucumber for raccoon eyes)

खीरा एक बेहतरीन फल है और त्वचा पर भी यह काफी उपकारी सिद्ध होता है। यह भी साबित हो चुका है कि खीरे की मदद से आँखों के नीचे के काले घेरों को दूर किया जा सकता है। इसमें हलके रूप से एस्ट्रिंजेंट (astringent) के भी गुण होते हैं जिससे कि सांवली त्वचा में काफी निखार आता है। एक ऐसा खीरा लें जिसकी चौड़ाई ज्यादा हो। अब इन टुकड़ों को आधे घंटे तक फ्रिज (fridge) में रखें तथा इसके बाद इन्हें काले घेरों पर धीरे धीरे मलें। वैकल्पिक तौर पर आप खीरे को पीसकर इसका गूदा निकाल सकते हैं तथा इसमें एक चम्मच शहद मिला सकते हैं। अब इस गूदे को अपनी आँखों के नीचे लगाएं तथा 15 मिनट तक रखें। इसे ठंडे पानी से हटा लें। अगर आप इस विधि का रोजाना प्रयोग करें तो काले घेरों को दूर कर सकते हैं।

बादाम के तेल से काले घेरे दूर करें (Get rid of dark circles with almond oil)

थोड़े से बादाम को पानी में भिगोयें तथा इन्हें पीसकर इनका तेल निकालें। आप बाज़ार से भी बिना खुशबू का बादाम का तेल खरीद सकते हैं। यह आपकी आँखों के नीचे के काले घेरों को ठीक करने की बेहतरीन युक्ति है। आप रात को सोने जाने से पहले इस तेल का प्रयोग अपनी आँखों के नीचे कर सकते हैं। इससे त्वचा को तेल सोखने का पर्याप्त समय मिल जाएगा। सुबह उठने के बाद त्वचा को ठन्डे पानी से धो लें। अगर आप रोज़ाना टीवी या कंप्यूटर के सामने काफी देर बैठते हैं, तो इस पद्दति का प्रयोग रोजाना करने का प्रयास करें। आपको जल्दी ही काफी बदलाव नज़र आएगा।

कच्चे आलू से काले घेरे हटाएं (Remove dark circles with raw potato)

कच्चे आलू में प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट (natural bleach agent) होते हैं, जो आँखों के नीचे के काले घेरों को हल्का करते हैं। आँखों के नीचे से पूरी तरह काले धब्बों को हटाने के लिये कच्चे आलू के रस का प्रयोग इनपर रोजाना करें। कच्चे आलू का एक टुकडा काटें तथा इसे अपनी आँखों के नीचे लगाएं। वैकल्पिक तौर पर आप कच्चे आलू का गूदा भी बना सकते हैं और इसे बराबर मात्रा में काले घेरों पर लगा सकते हैं। इस रस को काले घेरों और पलकों पर भी अच्छे से लगाएं।

काले घेरे हटाने के लिए टमाटर का प्रयोग (Tomato for dark discoloration under eyes)

टमाटर में भी प्राकृतिक रूप से ब्लीचिंग करने के गुण होते हैं, जिससे कि आपके काले घेरे हलके होते हैं। आप एक चम्मच टमाटर और एक चम्मच नींबू के रस का मिश्रण तैयार कर सकते हैं। इन्हें अच्छे से मिलाएं तथा त्वचा के उन भागों पर लगाएं जहां आपको काले घेरे दिख रहे हों। इस मिश्रण को 10 मिनट तक रखें तथा ठन्डे पानी से धो लें। अगर आप नींबू के रस का प्रयोग नहीं करना चाहते तो सिर्फ टमाटर का रस भी आपके लिए सही रहेगा। आप टमाटर के रस में पुदीने के पत्ते, नमक और नींबू का रस मिलाकर इसका सेवन भी कर सकते हैं। अगर आप रोजाना इस रस को पीने और मिश्रण को लगाने की प्रक्रिया को अंजाम देते हैं तो आँखों के नीचे से काले धब्बे हटाना कोई समस्या की बात ही नहीं होगी।

काले घेरों के लिए टी बैग्स का प्रयोग (Tea bags to lighten skin around eyes)

चाय की पत्तियों में एंटी ऑक्सीडेंटस (antioxidants) होते हैं जो शरीर के ऑक्सीडेंटस को दूर करने में आपकी सहायता करते हैं। शरीर में बढ़ते हुए ऑक्सीडेंटस भी आँखों के काले घेरों की काफी बड़ी वजह साबित होते हैं। 2 प्रयोग किये हुए टी बैग्स लें तथा इन्हें फ्रिज (fridge) में रखें। अब पीठ के बल लेटकर इन टी बैग्स को दोनों आँखों पर एक एक करके लगाएं। 10 से 15 मिनट के लिए इसे छोड़ दें और फिर टी बैग्स हटा लें। अब अपना चेहरा धो लें और आँखों के नीचे एक नयी ताजगी का अहसास करें। अच्छे परिणामों के लिए इस विधि का प्रयोग हफ्ते में दो बार करें।
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आंखों को यूं बचाएं संक्रमण से

मॉनसून के आते ही आंखों में कई तरह की परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है। बरसात के दौरान आंखें वायरल संक्रमण का आसान शिकार बन सकती हैं। कंजक्टिवाइटिस मानसून के दिनों में महामारी की तरह फैलता है। वायरस, बैक्टीरिया और फंगस के संक्रमण की वजह से कंजक्टिवाइटिस होता है। कंजक्टिवाइटिस वैसे तो ज्यादा खतरनाक बीमारी नहीं है, लेकिन आंखों में होने के कारण यह कष्टदायक होता है।



कंजक्टिवाइटिस एक संक्रामक रोग है, जो एक व्यक्ति से दूसरे में बहुत तेजी से फैलता है। बच्चे इस रोग के शिकार सबसे ज्यादा होते हैं और उन्हें यह संक्रमण स्कूल, खेल के मैदान में दूसरे संक्रमित बच्चों के संपर्क में आने से होता है। इस संक्रमण में आंखों में जलन होती है, आंखें लाल हो जाती हैं और आंखों से पानी आने लगता है। पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होने लगता है। आंखों में चुभन और खुजली होती है, सूजन आ जाती है और तेज दर्द होता है। कई बार इस संक्रमण के कारण बुखार भी हो जाता है। आमतौर पर इस संक्रमण की शुरुआत एक आंख से ही होती है, लेकिन जल्द ही दूसरी आंख भी इसकी चपेट में आ जाती है। आपकी आंखें हैल्दी रहें इसके लिए कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं।
  • आंखों की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें।  आंखों को दिन में दो-तीन बार साफ और ठंडे पानी से धोएं।  
  • किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। संक्रमित व्यक्ति से हाथ न मिलाएं और उनकी चीजें जैसे चश्मा, तौलिया, तकिया आदि न छुएं।
  • ऑफिस में बहुत से लोग एक ही कम्प्यूटर का इस्तेमाल करते हों तो की-बोर्ड और माऊस को संक्रमण रहित करके ही काम करें।
  • किसी दूसरे व्यक्ति का रूमाल या तौलिया इस्तेमाल ना करें। संक्रमण आमतौर पर तौलिए या हाथ पोंछने के अन्य सामान आदि से एक-दूसरे तक फैलता है।
  • अपना आई-मेकअप का सामान किसी के साथ शेयर न करें।
  • नाखून न बढ़ाएं क्योंकि उनमें गंदगी जमा हो सकती है।
  • आंखों में अगर लाली हो या आंखों से पानी निकल रहा हो तो कांटैक्ट लैंस न लगाएं।
  • जब भी घर से बाहर जाएं, धूप का चश्मा जरूर पहनें। यह न सिर्फ धूप से आंखों की सुरक्षा करता है बल्कि धुएं और धूल-मिट्टी से होने वाली एलर्जी से भी बचाव करता है।
  • आंखों को बार-बार हाथ से न छुएं।
  • अगर आंख में कुछ गिर जाए, तो उसे मलें नहीं, बल्कि साफ पानी से धो लें। आराम न मिले तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा आंखों में न डालें।
  • गंदगी और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने सें बचें।
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उम्र के साथ बढ़ने वाली आँखों की समस्याएं

जैसे-जैसे हमरी उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे हमारे पूरे शरीर के साथ-साथ, हमारी आँखों पर भी असर पड़ता है। उम्र बढ़ने के साथ, हमारी नज़र भी कमजोर होने लगाती है। बहुत से लोग तो 50 की उम्र पार करते ही, आँखों की रक्षा हेतु चश्मा या कांटेक्ट लेंस पहनना शुरू कर देते हैं।
बढ़ती उम्र के व्यक्तियों के लिए यह भी जरुरी हो जाता है कि वह अपनी आँखों का ख्याल रखें और कम से कम साल में एक बार आँखों की जाँच जरूर कराएं। वहीं कभी-कभी उम्र के अलावा आँखों पर किसी के कारण भी बुरा असर पड़ सकता है, जैसे- ग्लूकोमा और मोतियाबिंद। ये दोनों ऐसी बीमारियां हैं जो बढ़ती उम्र प्रभाव को और ज्यादा ख़राब कर देती हैं।
वहीं यदि आपको डायबिटीज, हाइपरटेंशन या उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं हों तो, आपके लिए यह बेहद जरुरी होता है कि आप अपना रेगुलर चेकअप कराएं।

कुछ अन्य बीमारियां जो बढ़ती उम्र में बेहद आम होती हैं-

प्रेसबायोपिया (Presbyopia) – इस रोग में मुख्यतः आपको पास की चीजें या बहुत छोटी चीजों को देखने में परेशानी आती है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जोकि उम्र बढ़ने के साथ बढ़ती है। लेकिन जब तक कि हमारी उम्र 40 की ना हो जाएं हम इस बात पर कोई ध्यान नहीं देते। प्रेसबायोपिया को चश्में के द्वारा ठीक किया जा सकता है।
फ्लोटर्स (Floaters) – इस बीमारी में हमारी आँखों में छोटे- छोटे धब्बे या चिह्न बन जाते है। अकसर लोग इस बीमारी को बहुत रोशनी वाले कमरें या फिर घर से बाहर रोशनी में ही नोटिस करते हैं। यह एक सामान्य सी बीमारी है, लेकिन कभी-कभी यह आँखों के लिए गंभीर समस्या उत्पन्न कर सकती है, जैसे – रेटिना डिटैचमेंट, मुख्य रूप से यदि आपको प्रकाश की चमक भी नज़र आ रही है। यदि आपको अचानक ही आँखों में अलग प्रकार का या ज्यादा स्पॉट या फिर चमक सी नज़र आ रही है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
मोतियाबिंद (Cataracts)- मोतियाबिंद में आई लेंस पर धुंधली परत सी बन जाती है। सामान्य स्वस्थ आँखों में आई लेंस, कैमरे के लेंस की तरह बिलकुल साफ़ होती है। प्रकाश आराम से आँखों लेंस से होते हुए, रेटिना तक बिना किसी रुकावट के पहुंच जाता है, और वहीं छवि का निर्माण होता है। वहीं यदि आपको मोतियाबिंद हो चुका है, तो प्रकाश आसानी से, लेंस से होकर रेटिना तक नही पहुंच पाता और आपको देखने में समस्या आ सकती है। मोतियाबिंद बेहद धीरे-धीरे होता है, आँखों में दर्द, पानी आना, और लाल हो जाने जैसी समस्याएं इसमें आम होती हैं। कुछ लोगों में यह बहुत थोड़े समय के लिए होता है और आपको देखने में कोई परेशानी नहीं होती। यदि यह बढ़ जाये और मोटी हो जाये, तो इसके लिए आपको सर्जरी करने की आवश्यकता हो सकती है।
ग्लूकोमा (Glaucoma)- ग्लूकोमा एक ऐसी बीमारी है, जिसमें हमारी आँखों का ऑप्टिक नर्व डैमेज हो जाता है और यह स्थिति समय के साथ और भी खराब होती चली जाती है। ग्लूकोमा, ज्यादातर आँखों पर बढे दबाव के साथ जुड़ा हुआ है। हमारी आँखे, टायर की तरह ही होती हैं, और उन्हीं की तरह एक निश्चित सीमा तक दबाव को झेल सकती हैं। लेकिन जब यही इसमें दबाव् बढा दिया जाये, तो यह ऑप्टिक नर्व को नुक्सान पहुंचाना शुरू कर देती है, जिसे प्राइमरी ओपन एंगल ग्लूकोमा कहा जाता है।
यह एक दुर्लभ बीमारी है, और यह दबाव के अलावा कुछ अन्य कारणों से भी हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, आंख में चोट, गंभीर संक्रमण, रक्त वाहिकाओं में रुकावट, या आंखों की सूजन इत्यादि। प्राइमरी ग्लूकोमा के लक्षण अक्सर नज़र नहीं आते, और न ही आपको आँखों में दर्द होता है, इसलिए आपको रेगुलर डॉक्टर से अपने आँखों का चेकअप करते रहना चाहिए। इसके इलाज में आईड्रॉप और सर्जरी का इस्तेमाल होता है।
रेटिनल विकार (Retinal disorders)- रेटिना आँखों के पीछे एक पतली परत होती है, जोकि कोशिकाओं से मिलकर बनी होती है। यह, जो चित्र हमें नज़र आती है उसे इकट्ठा करके, मस्तिष्क तक उसकी तस्वीर को भेजता है। रेटिना में किसी प्रकार की समस्या होने से यह छवि, दिमाग तक नहीं पहुंच पाती। इसमें उम्र बढ़ने से साथ आँखों के मैक्यूला का नष्ट होना (AMD), डायबिटीक रेटिनोपैथी और रेटिनल डिटैचमेंट शामिल है। प्रारंभिक निदान और उपचार, इन समस्यायों से छुटकारा पाने और अपनी नज़र में सुधार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
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आँखो का लालपन और सूजन से बचने के घरेलू उपाय

आँखों का संक्रमण कई तरह का होता है। औषधीय विज्ञान में इसकी कई श्रेणियाँ हैं और सबके लक्षण अलग अलग हैं। अगर आप कंजक्टिवाइटिस से परेशान हैं तो औषधियों का सेवन करने से पहले घरेलू नुस्खे अपनाना श्रेयस्कर रहता है। कंजक्टिवाइटिस में आँखें सुर्ख लाल हो जाती हैं और यह एक संक्रामक रोग है जो एक से दूसरे व्यक्ति को फैलता है। अब आप कई तरह के प्राकृतिक उपाय अपना सकते हैं जिनके प्रयोग के बाद इस बीमारी से आपको छुटकारा मिल जाएगा। कुछ लोगों को पता नहीं होता कि ये रोग एलर्जी के कारण होता है,संक्रामक है या वायरस की वजह से होता है।

लक्षण

  • आँखों से पानी आना
  • एक आँख से दूसरी आँख में फैलना
  • आँखों में परेशानी
  • पलकों के ऊपर जलन
कंजंक्टिवाइटिस वायरस या बैक्टीरिया किसी के द्वारा भी हो सकती है पर दोनों के लक्षण अलग अलग होते हैं। ऊपर दिए गए लक्षण वायरस से हुए कंजक्टिवाइटिस के हैं। पर अगर आप गुलाबी आँखों के संक्रमण के शिकार हैं जो कि बैक्टीरिया द्वारा होता है तो आप अपनी आँखों से एक हरा और पीला द्रव्य निकलता अनुभव कर सकते हैं। इस स्थिति में भी यह संक्रंमण एक आँख से दुसरे में फैलता है।

प्राकृतिक घरेलू नुस्खे

स्तन का दूध

स्तन के दूध में एक ख़ास तरह का गुण होता है जिसे औषधीय भाषा में इम्म्युनोग्लोबिन ए कहते हैं। यह आँखों को गुलाबी करने वाले बैक्टीरिया से बचाव करने में काफी हद तक सक्षम होता है। क्योंकि इससे आपकी आँखों के बैक्टीरिया की रोकथाम होती है अतः इससे आपकी आँखों का संक्रमण भी ठीक हो जाता है। विज्ञान ने आँखों से निकलने वाले कोलोस्ट्रम नामक द्रव्य और इससे नवजात शिशु की आँखों पर हुए संक्रमण पर शोध किया है। इस शोध में यह पाया गया है कि स्तनपान इस संक्रमण को कम करता है।

लगाने की विधि

दूध की कुछ बूँदें लें एवं आँखों के संक्रमित क्षेत्र पर लगाएं। अब अपनी पलकों को थोड़ा उठाने का प्रयत्न करें जिससे कि ये दूध आँखों के भीतरी भाग की ओर चला जाय। अच्छे परिणामों के लिए इस विधि का प्रयोग दिन में ३ बार करें।

हर्बल चाय का लेप

यह एक जान अमान्य तथ्य है कि अगर आप हर्बल चाय का सेवन पीने में या फिर इसके कैप्सूल को खाकर करें तो इससे कंजंक्टिवाइटिस में काफी आराम मिलता है। आँखों की किसी भी परेशानी के लिए यह एक काफी कारगर इलाज है। चाय बनाकर इसे ठंडा होने दें और फिर इससे अपनी आँखों को धोएं। अगर आप जलन की मात्रा बढ़ाना चाहते हैं तो चाय में थोड़ा नमक डाल दें।

प्रयोग की विधि

चाय बनाने में पानी का बिलकुल प्रयोग ना करें क्योंकि इससे आपकी आँखों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पर अगर आप बिलकुल स्वच्छ पानी का प्रयोग करते हैं तो फिर इससे अच्छी बात हो ही नहीं सकती।

शहद

घर में शहद मिलना काफी आसान है क्योंकि कई बार रसोई में चीनी की जगह शहद का प्रयोग किया जाता है और ये आपको स्वस्थ भी रखता है। सारे देश और यहां तक कि विदेशों में किये गए शोध के मुताबिक़ शहद में एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं और शरीर को ऊर्जा देने में भी ये काफी लाभकारी है। यहाँ तक कि वैज्ञानिकों के एक समूह ने १९ जांच केंद्र बिठाकर यह पाया कि शहद अन्य एंटीबायोटिक क्रीम्स से ज़्यादा बेहतर काम करता है।

शहद के प्रकार

शहद कई प्रकारों में उपलब्ध होता है। मनुका शहद एक ऐसा शहद है जो कि काफी लाभकारी है क्योंकि इसमें डिहाइड्रोक्सीएसीटोन नामक यौगिक की काफी ज़्यादा मात्रा होती है।

प्रयोग की विधि

जब आप कंजंक्टिवाइटिस के शिकार हों तो आपको शहद लगाने की विधि के बारे में भी पूरा ज्ञान होना चाहिए। जिन सामग्रियों की आपको आवश्यकता होगी वो हैं १/४ चम्मच कच्चा शहद,चुटकी भर नमक और १/४ कप शुद्ध जल। गर्म पानी लें और उसमें नमक एवं कच्चा शहद मिलाएं। पानी को ज़्यादा गर्म ना करें क्योंकि इससे पानी के गुण नष्ट हो सकते हैं। ये दोनों चीज़ें पानी में मिलाने के पश्चात एक साफ़ ड्राप लें और उसमें मिश्रण भरकर आँखों में डालें।
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आँख आना- कारण और लक्षण

हालाँकि आँख का आना किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन यह परेशानी छोटे बच्चों में देखने को ज्यादा देखने को मिलती है। क्योंकि बाहर खेलते समय बच्चों की आखों में धूल और मिट्टी के कण चले जाते है जिस वजह से उन्हें आंखों में दर्द और सूजन जैसी समस्या हो सकती है।
नीचें आपको इसके कुछ कारण बताये जा रहे है-
  • वायरस और बैक्टीरिया का संक्रमण
  • शैंपू, गंदगी, धुआं, और क्लोरीन के कारण
  • एलर्जी के कारण, मुख्य रूप से धूल, पोलन, या एक विशेष प्रकार की एलर्जी जोकि केवल कांटेक्ट लेंस पहनने वाले लोगो को ही प्रभावित करता है।
  • वायु प्रदूषण- सड़क पर गाड़ियों के जहरीला धुँआ भी इसका कारण होता है
आँख आने के लक्षण
यह एक संक्रामक (छूने से फैलने वाला) रोग है। यह एक से दूसरे लोगों में तेज गति से फैलता है। घर में किसी रोगी के तौलिए या रूमाल के इस्तेमाल से भी यह रोग फैलता है। यहाँ आपको इस बिमारी के कुछ मुख्य लक्षण बताये जा रहे है:-
  • आंखों में सूजन या आंखें लाल होना
  • लगातार आंखों से पानी निकलना
  • पलकों के किनारे पर कीचड़ दिखना विशेषकर रात में
  • आंख से हरा या सफेद पदार्थ निकलना
  • आंखों में जलन
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Eye infection types and remedies in Hindi – आँखों के संक्रमण के प्रकार और उपचार

आँखें शरीर का काफी नाज़ुक अंग होती हैं और कई तरह की समस्याएं ऐसी हैं जिनसे ये प्रभावित हो सकती हैं। आँखों के संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं, पर इनके मुख्य कारण होते हैं छोटे जीवाणु और वायरस से हुआ संक्रमण। कभी कभी ऐसे संक्रमण आँखों में कुछ चले जाने की वजह से होते हैं जैसे धुल या गन्दगी। जो लोग खराब लेंस पहनते हैं उनके भी इस संक्रमण के शिकार होने की संभावना काफी ज़्यादा रहती है।

आँखों के कुछ मुख्य संक्रमण

१. कंजक्टिवाइटिस

यह सबसे आम संक्रमणों में से एक है जिससे आँखों में जलन होती है और आँखें लाल होने की शिकायत भी सामने आती है। यह आमतौर पर हवा से पैदा होने वाली समस्या है अतः आपको हमेशा बचकर रहना पड़ेगा।

२. स्टाइ

इसे डॉक्टरी भाषा में होर्डियोलम कहते हैं। यह आँखों की पलकों के नीचे छोटी सी सूजन के रूप में सामने आती है।

३. ब्लेफेराइटिस

यह एक प्रकार की आँखों की सूजन है जो आँखों की पलकों को ज़्यादा प्रभावित करती है तथा इससे लोगों को खुजली,जलन तथा काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

४. ऑर्बिटल सेलुलाइटिस

यह आँखों के पास हुई एक प्रकार की जलन या संक्रमण है। यह काफी गंभीर रूप धारण कर सकती है और अगर सही समय पर इलाज ना किया गया तो आँखों की रौशनी के लिए भी ख़तरा बन सकती है।

५. केराटाइटिस या कॉर्निया की अल्सर

यह किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा आँखों के कॉर्निया में आघात पहुंचाने की वजह से होती है।

६. डेकरियोसिस्टाइटिस

यह आंसुओं की ग्रंथियों के पास हुए संक्रमण को कहते हैं।

लक्षण

आँखों का लाल होना,पीला या हरा द्रव्य निकलना, आँखों में खुजली, आँखों के अंदर दर्द,नज़र धुंधली होना, आँखों से पानी आना, सूजन,फोटोफोबिया, लगातार आँखों का खुजलाना।

आँखों के संक्रमण के उपचार

१. स्टाइ हटाने के लिए उभरी हुई सूजन पर गर्म कपडे से गर्म भाप करें।
२. स्टाइ का उपचार आप चाय के बैग को पानी में डुबोकर भी कर सकते हैं। इस बैग को स्टाइ पर रखें तथा कुछ देर रहने दें। इससे स्टाइ का आकार ५० % तक कम हो जाता है क्योंकि चाय में टैनिक एसिड होता है। स्टाइ के सूख जाने के बाद भी इस प्रक्रिया का प्रयोग करें।
३. आप अमरुद की पत्तियों को स्टाइ के उपचार के लिए प्रयोग में ला सकते हैं। इन पत्तियों को गर्म करें और एक अारामदायक गीले कपडे में रखें। अब इस गीले कपडे का उपयोग भाप के रूप में आँखों का लालपन और सूजन हटाने के लिए करें।
४. आप एक चम्मच हल्दी को दो गिलास पानी में मिलाकर आई ड्रॉप्स भी बना सकते हैं। सूजन जाने तक इसे रोज़ दिन में ३ बार प्रयोग करें।
५. २ गिलास पानी में अकाशिया के पत्तों को ५ मिनट तक उबालें। इसको आँखों की भाप के रूप में प्रयोग करके आँखों की पलकों पर ४ से ५ मिनट तक रखें।
६. आप धनिये को १ गिलास पानी में उबालकर आँखों के लिए अच्छा घोल बना सकते हैं। यह स्टाइ के उपचार का काफी बढ़िया तरीका है।
७. एलो वेरा का प्रयोग आँखों की कई समस्याओं और स्टाइ के उपचार के लिए किया जा सकता है। एलो वेरा की एक पत्ती तोड़ें एवं उसके रस को आँखों पर लगाएं।
८. क्लोरीन युक्त पानी में तैराकी ना करें।
९. आप कैमोमिल,लैवेंडर एवं गुलाब की वसा का प्रयोग करके गर्म पट्टी बना सकते हैं एवं कंजक्टिवाइटिस का इलाज कर सकते हैं।
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Home remedies in Hindi to improve eyesight – नेत्र दृष्टि बढ़ाने के घरेलू उपचार

आँखें शरीर का सबसे ज़रूरी और खूबसूरत हिस्सा होती हैं जो कई बार आपकी पहचान भी बन जाती हैं । आँखों की देखभाल अत्यंत आवश्यक होती है । आँखों की माशपेशियां शरीर में सबसे अधिक क्रियाशील होती हैं ।
आधुनिक दौर में आनुवंशिकता, काम का दबाव, तनाव, पोषण की कमी, अधिक पढाई जैसे कारकों के कारण लोगों के चश्मे के नंबर बढ़ते जा रहे हैं । आँखों को धूल और इन्फेक्शन से बचाने के अलावा यहाँ कुछ ऐसे तरीके बताये जा रहे हैं जो आपकी आँखों की दृष्टि बढ़ा सकते हैं । घरेलू उपचार द्वारा आँखों की रोशनी किस तरह बढ़ाई जा सकती है आइये जानते हैं –

आँखों के कुछ व्यायाम

पेंसिल पुशअप्स

एक पेंसिल लें और उसके मध्य में कोई अक्षर लिखें या निशान लगायें अब इसे आँखों से सामने बाँहों की दूरी पर पकड़ें और उस निशान पर फोकस करें अब धीरे धीरे इसे नाक की ओर लायें और फोकस बनाये रखें । इसे तब तक करीब लायें जब तक यह दो भागों में न दिखाई देने लगे, और जैसे ही यह दो भागों में बंटे इसे हटा लें और थोड़ी देर आँखों को खुला छोड़ कर इधर उधर देखें । थोड़ी देर बाद पुनः इसे 4 से 5 बार दोहरायें । यह आँखों की रोशनी बढाने का सर्वोत्तम व्यायाम है ।

आई रोलिंग

अपनी आँखों को घड़ी की सुई की दिशा में 10 बार घुमाएँ और 2 मिनिट के आराम के बाद उल्टी दिशा में 10 बार घुमायें । यह आँखों को स्वस्थ रखता है ।

कनपटी की मालिश

अपनी कनपटी के दोनों ओर एक साथ अंगूठों से घड़ी की दिशा मे और  घड़ी की विपरीत दिशा मे 20 बार मालिश करें और इसी प्रकार नाक के जोड़ और माथे के बीच में भी मालिश करें ।

पलकों को गर्म करें

अपनी हथेलियों को रगड़ कर गर्म करें और फिर उन्हें दोनों आँखों की पलकों पर रखें 5 सेकंड के लिए फिर हटा ले, इस प्रक्रिया को 3 बार दोहरायें ।

झपकी

किसी जरुरी काम से फुर्सत होने के बाद कुर्सी पर बैठकर सर पीछे टिकाएं और 3 मिनिट आँखे बंद करके झपकी लें । यह आँखों को तरोताजा करती है ।

दैनिक भोजन

  • आपकी दिनचर्या और भोजन का आँखों पर बहुत प्रभाव पड़ता है । इसलिये ऐसा भोजन करें जो विटामिन्स और न्यूट्रीशन से भरपूर हो ।
  • हरी सब्जियां, खट्टे फल, मछली, फल और सूखे मेवे आँखों को पोषण प्रदान करते हैं ।
  • विटामिन E, C और A से भरपूर फल और सब्जियां लें ।
  • अंगूर और ब्लू बेरीज जैसे फल भी आँखों की ज्योति बढ़ाते हैं ।
  • लेसिथिन और सिस्टेनाइन युक्त चीजें जैसे लहसुन और प्याज जरूर खाएं ।
  • पानी अधिक से अधिक पीयें ।
  • धूम्रपान आँखों को नुकसान पहुंचाते है इसलिये इनसे दूर रहें ।

आँखों की देखभाल करें

  • जब भी बाहर जायें चश्मा लगायें जो आँखों को धूल और धूप से बचाता है ।
  • कंप्यूटर, लैपटॉप और टी.वी. अधिक देर तक देखने की बजाये बीच बीच में ब्रेक लेते रहें ।
  • यदि आप किसी ऐसी जगह काम कर रहे हैं जहाँ आपकी आँखों को नुकसान पहुँच सकता है तो पर्याप्त सुरक्षा का प्रबंध करें और सुरक्षित रखने वाले उपकरणों का प्रयोग करें ।
  • गहरी नींद आँखों को पर्याप्त आराम देती है और नेत्र ज्योति बढ़ाती है ।
अगर आप अपनी आँखों को हमेशा स्वस्थ रखना चाहते है और उन्हें हमेशा खूबसूरत बनाये रखना चाहते हैं तो ऊपर बताये गये तरीकों को अपनाएँ और इन्हें हमेशा स्वस्थ रखें ।
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Hindi tips for Eyebrow threading at home – घर बैठे सुन्दर भौंहे पाने के उपाय

थ्रेडिंग उन सब महिलाओं के लिए काफी आवश्यक हो गया है जो अपनी भौंहों को सुन्दर बनाए रखना चाहती हैं। इसके लिए आपको रोज़ाना ब्यूटी पार्लर जाने की ज़रुरत पड़ती है। पर अब आप घर बैठे ही कुछ आसान उपायों की मदद से थ्रेडिंग कर सकती हैं। थ्रेडिंग करने से पूर्व आपको धागे की लम्बाई तय कर लेनी चाहिए। पहली बार थ्रेडिंग करने से आपको दर्द भी हो सकता है,अतः आपको ठंडा पानी और बर्फ अपने साथ रखनी चाहिए। भौंहों को सही आकार देकर उन्हें सुन्दर बनाने काम महिलाएं छोटी उम्र से ही शुरू कर देती हैं। भौंहों को छांटना और उन्हें सही आकार देना कई क्रियाओं और कदमों को अपने में शामिल करता है।

१. आकार तय करें

खूबसूरत भौंहों को आकार देने की दिशा में सबसे पहला कदम है भौंहों का आकार तय करना। छंटाई की प्रक्रिया शुरू होने के पहले ही आपको पता होना चाहिए की भौंहें कहाँ से शुरू होकर कहाँ ख़त्म होंगी और कहाँ बाल ज़्यादा रहेंगे। इसके लिए आप सफ़ेद आईलाइनर की मदद से भौंहों का आकार बनाकर छंटाई शुरू कर सकती हैं।

२. अच्छे स्तर के ट्वीज़र प्रयोग करेंUse tweezers of good quality

भौंहों की छंटाई के लिए अच्छे क्वालिटी के ट्वीज़र प्रयोग में लाएं। खराब क्वालिटी के ट्वीज़र प्रयोग करने से ज़्यादा मात्रा में बालों के खिंचाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है जिससे बाद में दर्द होता है और दाग बढ़ते हैं।

३. पहले बालों को ट्रिम कर लेंTrim the hair if necessary

अगर आप अपनी भौंहों को एक बेहतर आकार देना चाहती हैं तो वैक्सिंग के पहले अपने लम्बे बालों को ट्रिम कर लें। इससे दर्द कम करने में मदद मिलती है।

४. अलग थलग बालों की छंटाई

Clean up the stray hairs
अपनी भौंहों को एक बेहतर आकार देने के लिए भौंहों के ऊपर और नीचे के अलग थलग पड़े बालों की भी छंटाई करें।

५. पेंसिल,पाउडर या मूस का प्रयोग

सही आकार की भौंहों के बीच में कुछ खाली जगहें दिखना सामान्य बात है। इस गलती को सुधारने के लिए आप पेंसिल,पाउडर या मूस का प्रयोग कर सकती हैं। इससे दरारें भरने मोईन मदद मिलेगी और आपकी भौंहें और भी ज़्यादा सुन्दर दिखेंगी।

६. आईने से थोड़ी दूर रहे

Stay a bit away from the mirror
अपनी भौंहों के आकार प्रकार का निरिक्षण करने के समय आईने के ज़्यादा पास खड़े ना रहे। इससे आपको अपनी भौंहों की सही स्थिति का पता नहीं चलेगा। उनकी असली स्थिति भाँपने के लिए आईने से थोड़ी दूरी बनाए रखें।

७. त्वचा की नमी वापस लाएं

वैक्सिंग की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम यह भी है कि त्वचा के जिन भागों ने अपनी नमी और आर्द्रता खो दी है उनमें नमी देकर उन्हें नया जीवन देना। आप एस्ट्रिंजेंट,लोशन या क्रीम की मदद से अपनी त्वचा की नमी को वापस प्राप्त कर सकती हैं।

घर में थ्रेडिंग करने के कदम

१. सामानों की सूची

सामानों की सूची तैयार करें। आपको थ्रेडिंग के लिए एक मज़बूत धागे की आवश्यकता होगी। आइब्रो पेंसिल और ठन्डे पानी की भी ज़रूरत होगी।

२. किनारों को बांधें

धागे को लें और उसके दोनों किनारों को बांधकर एक गोलाकार आकार दे दें।

३. धागे को पकड़ने का तरीका

एक हाथ में धागे की गाँठ को पकड़ें और दुसरे हाथ में धागे का अन्य भाग पकडे रहे। आपकको सही तकनीक द्वारा थ्रेडिंग की विधि आनी चाहिए।

४. हाथों को मोड़ें

अब अपने हाथों को गाँठ से अलग ५ से ६ बार घुमाएं। आपको इस बात को लेकर सावधान रहना होगा कि धागे के बीच के हिस्से में गाँठ ना पड़ जाए।

५. हाथों को खोलने और बंद करने की विधि

थ्रेडिंग के दौरान अपने हाथों को सही प्रकार से खोलें और बंद करें। जब एक हाथ खुला हो तो दूसरा हाथ बंद होना चाहिए। आपकी भौंहों से बाल तब निकलेगा जब धागे को बीच में से घुमाया जाएगा। एक बार जब अतिरिक्त बालों को थ्रेडिंग की सहायता से हटा दिया जाए तो दूसरे अलग थलग बालों को कैंची की मदद से काटा जा सकता है।
how to do eyebrow threading

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Hindi tips for bloodshot or red eyes – रक्तमय और लाल आँखों से बचाव के लिए कुछ जरुरी सुझाव

रक्तमय और लाल आँखे क्या है?

आपकी आँखे ऐसी कई चीज़े है जिनके द्वारा लाल हो सकती है जैसे नींद की कमी के कारण,धुएंयुक्त  वातावरण से, क्लोरीनयुक्त स्विमिंग पूल में तैराकी से इन सभी चीजों से आपकी आँखे लाल हो सकती है.आँखों के लाल होने का वास्तविक कारण है आँखों के सफ़ेद भाग में फैलाव होना जिससे धमनियों के आकार में भी परिवर्तन आता है और आपकी आंखे लाल हो जाती है I

मुख्य कारण क्या है

वातावरण

 वातावरण में हवाई मलबे,धुआं, निकास गैस और रासायनिक पदार्थ सभी के कारण आँखों में जलन हो सकती है जो उन्हें लाल कर सकती हैI
 तैराकी

स्विमिंग पूल में पाया जाने वाले क्लोरिन से आपकी आँखों में विशेष रूप से जलन हो जाती है जिससे आँखे लाल हो जाती है इसके अलावा  कंप्यूटर स्क्रीन में लम्बे समय तक काम करने से आँखों में  तनाव में आता है जिससे अक्सर आँखे लाल हो जाती हैi

नींद की कमी होना

रात में लगातार कम करते रहने से आपकी नींद पूरी नही हो पाती और आँखे लाल दिखने लगती हैi
 लक्षण क्या है ?
आपकी आँखों का वास्तविक सफ़ेद हिस्सा सामान्य से बड़ा दिखने लगता है और छोटी धमनिया लाल हो जाती है आपकी आँखों में सूजन महसूस होने लगती है इसे ठन्डे पानी से कम किया जा सकता है लेकिन कोई असुविधा नही होनी चाहिए आमतौर पर अधिकांश दोनों आँखों  पर प्रभाव पड़ता है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए, जब:
  • जलन होती है
  • खुजली
  • सूजी हुई आँखे
  • प्रकाश की रोशनी से असहनीयता
  • पलकों में सूजन
  • बाहरी तत्व की झनझनाहट
  • पलको का गिरना
  • आँखों की भोहो का फूल जाना
  • आँखों के आसपास की त्वचा पर जलन होना

 इस स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए?

रक्तमय द्रष्टि के कारण किसी भी काम को करते समय आपको आँखों में जलन होती है ( हमेशा उत्पाद के साथ दिए हुए जानकारी और चेतावनी को ध्यान से पड़ना चाहिए) अगर आपकी आँखों में सम्पूर्णता की कमी है लेकिन साथ ही अगर आँखों में थोड़ी पीड़ा होती है तो आपको आँखों की रोशनी का चेकअप कराना चाहिए इससे आपकी आँखों की रोशनी फिर से सामान्य हो जायगीI

उत्तम सुझाव

लगातार देर रात तक जागने की बजाय पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करे जब आप ज्यादा लम्बी यात्रा के दौरान ड्राइविंग कर रहे हो तब हर तीन घंटे में एक ब्रेक लेने की कोशिश करे और तैराकी करते समय चश्मा लगाये जिससे की पानी का क्लोरिन आपकी आँखों में न जाये I

कुछ असरदार और सुरक्षित समाधान

लाल आँखों के इलाज के लिए हवा की नमी को बरक़रार रखने वाले उपकरण का इस्तेमाल करे जब आप एयर कंडिशनर और रूम हीटर के वातावरण के संपर्क में आते है तो आपकी आँखे सुख जाती है इन उपकरणों के कारण कमरे की नमी चली जाती है और आपकी आँखों में जलन होने लगती है जब आप हवा की नमी को बरक़रार रखने वाले उपकरण का इस्तेमाल करते है तो आँखों में सूखापन नही आता और वे किसी भी समय लाल नही पड़ती इस उपकरण से आपकी आँखों की नमी और स्वस्थता बनी रहेंगी I

लगातार आँखों को झपकना उनके सूखेपन और लालपन को दूर करेगा

आँखों को आप लगातार झपकते रहिये जिससे वे लाल नही होगी जब आप कंप्यूटर पर देर तक काम करते है तो इससे भी आपकी आँखों में सूखापन आता है लेकिन अगर आप आँखों को लगातार झपकेंगे तो आँखों की नमी वापस आ जायगी I

प्राकृतिक आंसू और आँखों का ड्राप

यह आपकी आँखों को चिकनाहट प्रदान करेगा यह आसानी से किसी भी दुकान पर उपलब्ध है और ज्यादा महंगा भी नही है इसका उपयोग आप लम्बे समय तक आँखों को लाल और फूलने से दूर रख सकेंगे आप आई ड्राप का भी इस्तेमाल कर सकते है जब आपको आँखों में थकावट महसूस हो रही हो इससे आँखों को आराम एवं ताजगी मिलेगी I

एलर्जीक वस्तुओ से दूर रहने का प्रयास किया जाना चाहिए

जिन वस्तुओ और पशुओ से आपको एलर्जी है उनसे दूर रहे  डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ऐन्टीहिस्टमीन का सेवन करे इससे आपकी आँखो में जब एलर्जी की वजह से लालपन आ जाता है, उससे राहत मिलेगी I

मेकअप हटाया जाना चाहिए

रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छे से धोये जिससे सारा मेकअप निकल जाये काजल और मस्कारे को हटाने के लिए विशेष उत्पाद का उपयोग करे दिन के अंत में आँखों की सफाई बेहद जरुरी होती है I
त्वचा की देखभल करने के लिए जिन उत्पादों का हम इस्तेमाल करते है वह कभी कभी आँखों के सवेंदनशील क्षेत्रो को नुकसान पहुंचती है इसलिए उनकी जाँच जरुरी हैI
आपके शरीर की त्वचा सवेंदनशील होती है लेकिन आपके आँखों के आसपास की त्वचा ज्यादा सवेंदनशील होती है इसलिए त्वचा पर कोई भी नयी क्रीम का प्रयोग आपके चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले उसे आपकी हाथो की हथेली पर लगा कर देखे, ऐसा करने से  आपकी आँखे लाल और फूलेगी नहीI

सिगरेट का धुआं या प्रदूषण

 किसी भी तरह धूम्रपान और प्रदुषण से आँखों के अन्दर जलन पैदा हो सकती है जिससे आपकी आँखे लाल हो सकती है जो लोग धूम्रपान नहीं करते उन्हें उन जगह से दूर रहना चाहिए जहाँ दुसरे लोग  धूम्रपान कर रहे हैंI 

सूरज की रोशनी से सुरक्षा


आँखों को सूरज की रोशनी से दूर रखे धूप का चश्मा आँखों की सुरक्षा के लिए बेहतर विकल्प होता हैI

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