Showing posts with label yoga. Show all posts
Showing posts with label yoga. Show all posts

Tuesday, January 10, 2017

खराब मूड को बदलने और मूड को बूस्ट करने के लिए अपनाएं ये खास योगासन

योग बॉडी में लचीलापन लाने और क्षमता में सुधार करने में मदद करता है यह बात अब किसी से छुपी नही है। अगर आप सोचते है योग सिर्फ स्वास्थ्य लाभ देते है तो आपको यह तथ्य जानकर हैरानी होगी कि योग के लगातार अभ्यास से मूड बूस्ट भी होता है।


योग का अभ्यास सकारात्मक रूप से मूड को प्रभावित करने का सबसे सस्ता उपाय है। योग गामा अमीनोबुटीरिक एसिड का रसायन स्तर बढ़ा देता है जिस वजह से चिंता विकारों को कम करने में मदद मिलती है और शोधों से भी यह बात साबित हो चुकी है कि दवाओं की अपेक्षा योग गामा एसिड बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका साबित होता है। 


योग मूड बनाने के साथ-साथ चिंता और तनाव से भी छुटकारा दिलाता है लेकिन योग क्रिया काफी विशाल है और हर मुद्रा और आसन मूड बूस्ट करने के लिए नही होती इसलिए हम कुछ ऐसे योग की सूचि आपके लिए लेकर आये है जो कुशलता पूर्वक मूड में सुधार लाते है।


सेतु बांध सर्वांगासन : इस आसन से आपके छाती, फेफड़े और कंधे खुलते है इसके अतिरिक्त यह मुद्र सिर दर्द में राहत देने और दिल को आराम का रोल करता है। योग मानता है कि शरीर को सात चक्रों में बांटा गया है और ये मुद्रा सातवें चक्र को उत्तेजित करता है। सर्वांगासन की मुद्रा से आप अनिद्रा, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को जड से मिटा सकते है।


सेतु बांध आसन करने की विधि
 : 

  • दोनों हाथ और पैर सीधे कर लेट जाए और उसके बाद अपने घुटनों को मोड़ कर पैरों के तलवे पर जमीन टिका ले।

  • अब धीरे-धीरे अपने नितंबों और कमर को उपर की तरफ उठायें।

  • दोनों पैरों के चारों कोनों में समान रूप से अपने वजन डालते हुए अपनी जांघों और पैर को बराबर रखें।

  • सेतु बांध मुद्रा धारण करते समय सामान्य रूप से साँस लेते रहे और ठोड़ी को छाती से स्पर्श होने दे और जितनी देर आपके लिए संभव हो उतनी देर तक इस क्रिया में रुके।


  • मुद्रा पूर्ण होने के बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में वापिस लौटना चाहिए।


सतर्कता : घुटने या गर्दन में दर्द होने की स्थिति में इस आसन से बचें।




नौकासन या नाव पोज
 : नाव मुद्रा ताकत निर्माण और पेट वसा को कम करने के अलावा तनाव रिलीवर भी है। इस योग क्रिया से आपके अंदर शारीरिक और मानसिक सहनशक्ति का निर्माण होता है जिससे वजह से यह चिंतित व्यक्ति के मूड में बदलाव लाकर यह मूड बूस्ट में सहायक साबित होता है। 


नौकासन मुद्रा कैसे धारण करनी है। 


  • अपनी पीठ को फ्लैट कर मैट पर लेट जाएं

  • सामान्य रूप से साँस लेते हुए पैर और हाथ को समानांतर उठाकर धीरे-धीरे आगे बढ़ें।

  • दोनों पैर को उठा कर 45 डिग्री के कोण पर स्थापित करें।

  • यह एक नाव की मुद्रा के रूप में होगा।

  • 8 से 10 बार स्थिरतापूर्वक इस स्थिति में साँस प्रयास करें।

  • निरंतर अभ्यास के बाद धीरे-धीरे आप इस योग क्रिया के समय को बढ़ा सकते हैं।

  • वापस सामान्य लेटी स्थिति में धीरे-धीरे वापिस आएं।


सतर्कता नियम : आप हर्निया, अल्सर, गर्दन की चोट या कूल्हे से संबंधित समस्याओं से पीड़ित है तो इस नौकासन को हरगिज ना करें।


बलासन या बाल पोज : बलासन योग का सबसे सरल और सबसे अधिक आराम देने वाला योग है। यह योग रीढ़ खिंचाव मदद करने के अलावा,घबराहट और चिंता को शांत कर एक शांतिपूर्ण नींद लेने में मदद करता है। 


बलासन योग करने की विधि
 :

  • घुटनों के बल बैठ कर पैरों और पंजों को बाहर निकाल ले।

  • इस स्थिति में नितंब का सम्पर्क ऊँची एड़ी से होता रहता है।

  • हाथों को आगे बढाते हुए धीरे-धीरे आगे झुकना शुरू करें।

  • ऊँची एड़ी को नितंबों से स्पर्श कराते हुए धीरे-धीरे आगे झुकते हुए पीठ में खिंचाव पैदा करें।

  • इस आसन को करते समय श्वास का आवागमन सामान्य होना चाहिए।

  • एक मिनट के लिए इस स्थिति को कायम रखें।

  • धीरे-धीरे सामान्य घुटना टेकने की स्थिति में वापस आएं।


ध्यान देने वाली सतर्कता : यदि आप घुटने या पीठ की चोट झेल चुके है या झेल रहे है तो इस आसन को करने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह जुरूर कर ले।




शीर्षासन
 : शीर्षासन सहनशक्ति और संतुलन बनाने में रखने में मदद करता है और याददाश्त में सुधार लाता है। यह योग थोडा कठिन होता है पर इस योग से लंबे समय से चले रहे अवसाद, चिंता और अनिद्रा को कम करने की शक्ति मिलती है। यह मस्तिष्क की रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में उपयोगी सिद्ध होता है।


शीर्षासन योग करने की विधि 



  • दृढ़ता से फर्श पर घुटने को नीचे झुकाते हुए पैर की उंगलियों को रखें।

  • हाथों से एक उंगली को ऐसे लॉक करें कि कोहनी त्रिकोण जैसी लगे।

  • आगे झुको और कोहनी से बने त्रिकोण के बीच में अपने सिर स्थापित करें।

  • संतुलन बनाए रखते हुए धीरे-धीरे फर्श पर से अपने पैरों के तलवों को ऊपर के उठाना शुरू करें।

  • धीरे कूल्हों, जांघों और पैर लिफ्ट कराते हुए उपर आस्मां की ओर ले जाने का प्रयास करें।

  • इस योग में सिर नीचे और पैर उपर में बनी सीधे मुद्रा बनाए रखने का प्रयास  लगातार करते रहें।

  • शरीर का पूरा वजन सब आपके सिर पर आ गया हो तो ऐसी स्थिति में स्थिर साँस लेने का पूर्ण ध्यान रखें।

  • शुरुआत में एक दीवार की मदद से आप ये योग कर सकते है।

  • मूल स्थिति में धीरे-धीरे ही लौटें।


सतर्क रहने योग बात : यदि महिला गर्भवती हैं या मोटापे के शिकार हैं या फिर उच्च रक्तचाप या चोट या अन्य कारणों की वजह से गर्दन की कमजोर मांसपेशियों से ग्रस्त हैं तो शीर्षासन करने की भूल ना करें।




उष्ट्रासन
 : इस मुद्रा से शारीरिक के साथ-साथ मानसिक संतुलन में कुशलता पूर्वक स्थिरता लाई जा सकती है। उष्ट्रासन तनाव को कम करने के लिए ही जाना जाता है इसकी मदद से आप अपने खराब मूड में जल्द बदलाव ला सकते है।


उष्ट्रासन अर्थात ऊंट मुद्रा करने की विधि : उष्ट्रासन को ऊंट मुद्रा भी कहा जाता है ऐसा इसलिए कहते है क्योकि इस योग को करते समय हमारी बॉडी एक ऊंट की भाति प्रतीत होती है।



  • फर्श पर सीधा अपने घुटने के बल बैठ जाये।

  • धीरे ऊपर अपने शरीर को उठाते हुए अपने हाथ को पीछे की ओर मोड़ते हुए एड़ियों को छूने की कोशिश करें।

  • बॉडी के उपर करने के साथ साथ गर्दन से उपर की दिशा की तरफ देखें।

  •  इस स्थिति को कुछ समय तक कायम रखें।

  • उष्ट्रासन मुद्रा से धीरे-धीरे वापिस लौटे।


सतर्कता पर ध्यान दे : आप जोड़ो की समस्या से दो चार हो रहे है या फिर हाल ही में सर्जरी करायी हो तो ऐसे समय इस योग को करने की कोई जरूरत नही है।


आगर आप अभी योग की शुरुआत कर रहे है तो मूड बदलने वाले इन सभी योग आसनों को आप एक प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक से परामर्श कर या संभव हो तो उसके अंतर्गत ही करें। ये सभी आसन आपको भय चिंता और तनाव से राहत देंगे। ध्यान देने योग्य परिणाम देखने के लिए नियमित रूप से इन योग अभ्यास की आवश्यकता पड़ेगी।
Share:
Read More

Saturday, January 23, 2016

बाबा रामदेव बाबा योग टिप्स से रखे अपनी सेहत का ख्याल Ramdev Yoga Tips in Hindi

देखा गया है की बहुत से लोग वजन कम करने की कोशिश करते है लेकिन उसमे फ़ैल हो जाते है। वैसे ऐसा सभी के साथ होता है, कुछ लोग वजन कम करने के लिए दवा लेते है, हज़ार नुस्खे अपनाते है लेकिन कोई फायदा नहीं होता है और आखिर में सब छोड़ देते है। पर आपकी बॉडी को हेल्थी रखने के लिए योग सबसे सस्ता और आसान उपाय है।
स्किन के लिए हम आपको आसान योगा पोसेस बताने जा रहे है। सुन्दर त्वचा के लिए अपनाइये बाबा रामदेव योगा के आसान नुस्खे।
अगर आप भारत में रहते है तो आपने रामदेव बाबा के बारे में पक्का सुना होगा। रामदेव एक ऐसे व्यक्ति है जिन्होंने योगसाधना को आगे बढ़ाया और उसका प्रचार प्रसार किया। रामदेव योगा के विषयों को लोगों को बताते है, जिनसे जनता को काफी लाभ मिलता है।
महंगे महंगे प्रोडक्ट उपयोग करने से अच्छा है की आप योगासन करे, जिसे आप निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। तो आइये विस्तार में जानते है इन् योग के बारे में कुछ जरुरी जानकारी।

Ramdev Yoga Tips in Hindi: शरीर को रखे हमेशा के लिए स्वस्थ



वज्रासन या डायमंड आसन:-
  1. वज्रासन करने से शरीर में रक्त का संचार अच्छी तरह से हटा है और शरीर को ऊपरी हिस्से में ज्यादा ऊर्जा संचारित होती है।
  2. इस आसन को करने से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है और बाल झड़ने की समस्या भी दूर होती है।
अर्ध चंद्रासन:-
  1. अर्ध चंद्रासन स्वस्थ के लिए बहुत अच्छा होता है। इस योगा को सदैव अच्छा देखने के लिए किया जाता है। इसे करने से शरीर का ऊपरी और निचला हिस्सा चमकता है।
  2. जीन महिलाओं को शरीर अट्रैक्टिव नहीं होता है, उनके लिए यह योगासन लाभकारी होता है। इसके करने से बैक फैट कम होता है। अगर आपकी रीढ़ की हड्डी में दर्द होता है और पाचन क्रिया में तकलीफ है तो आप इस योगासन को करे। इससे आपको बहुत फायदा होगा।
अधोमुखश्वानासन:- 
  1. अधोमुखश्वानासन को करने से तनाव कम होता है और आप रिलैक्स फील करते है। इसे करने से ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा रहता है।
  2. साथ ही आपका शरीर हमेशा स्वस्थ रहता है।
उष्ट्रासन:- 
  1. उष्ट्रासन करने से ब्रेन तक रक्त का संचार अच्छी तरह होता है। इसे करने से मासिक धर्म के दौरान होने वाला दर्द से आराम मिलता है।
  2. इससे आपका तनाव भी कम होता है।
कपालभाति प्राणायाम:-
  1. आसान योगा पोसेस करने से सांस संबंधी विकार दूर होते है। और पाचन क्रिया दुरुस्त होती है।
  2. यह सबसे अच्छा आसन माना जाता है। इससे वजन भी कम होता है।
ब्रिज पोज:-
  1. ब्रिज पोज या सेतु बंधासन, एक अच्छा आसन है जिसे करने से आप स्लिम हो जाते है और आपका पेट स्वस्थ हो जाता है। इससे गर्दन भी लम्बी हो जाती है। और ब्लड प्रेशर में भी आराम मिलता है।
  2. यह आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है।
इन रामदेव बाबा योगा टिप्स को अगर आप रेगुलर अपने रूटीन में करते है तो यह आपका मोटापा कम करेंगे बल्कि आपको कई बीमारियों से दूर भी रखेंगे।
Share:
Read More

जानिए मुहासों का कारण और योग द्वारा उनका उचित उपचार Yoga for Pimples in Hindi

युवावस्था में चेहरे पर मुहांसे हो जाना एक सामान्य समस्या है| कुछ लोगों को यह अधिक हो जाते है जिससे उनका चेहरा ख़राब दिखने लगता है| अगर चेहरे पर मुहांसे निकलते है तो आप क्या करते है, उन्हें फोड़ लेते है, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए| चेहरे पर हो रहे मुंहासों को फोड़ने पर, चेहरा ओर भी बिगड़ सकता है| ऐसा करने से चेहरे पर दाग हो जाते है तथा चेहरा खराब दिखने लगता है| इनका सर्वप्रथम इलाज तो यह है कि इन्हे फोड़े नहीं, इन्हे अपने आप ठीक होने दें|
कम उम्र में ही चेहरे पर मुंहासों का निकल आना, हमारी चिंता का मुख्य कारण होता है| मुंहासों की वजह से चेहरे का आकर्षण और सुंदरता पर ग्रहण लग जाता है| मुँहासे हटाने के लिए कई प्रकार के बाह्य प्रसाधनो का इस्तेमाल करते है, कई प्रकार के लैप, दवा लोशन, क्रीम लगाने के बाद भी कोई विशेष लाभ नहीं मिलता है|
प्राकृतिक चिकित्सकों और योग विशेषज्ञों के अनुसार इसका मुख्य कारण कब्ज की समस्या और व्यायाम का अभाव होता है| व्यायाम और योग एक ऐसी चिकित्सा है जिसके जरिए बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज संभव है, लेकिन युवाओं में योग के प्रति आलस्य और अरुचि है| योगाभ्यास मुहासों की रोकधाम के लिए बहुत उपयुक्त है| योग Yoga for Pimples in Hindi इसका एक नायाब तरीका है|

Yoga for Pimples in Hindi: योग के द्वारा करे मुहासों का उपचार



Causes of Pimples: मुंहासों के कारण

हमारे शरीर पर छोटी छोटी वसामय ग्रन्थियां (Sebaceous Glands) होती है जिनमे से द्रव्य स्त्रवन होता है| कभी-कभी इस द्रव्य के जमने के कारण, चेहरे के छोटे बालों की जड़ का मार्ग रुक जाता है| इस वजह से जीवाणु संक्रमण होकर मुँहासे उठ जाते है| आइये जानते है कुछ मुख्य Causes of Pimples –

  1. मिर्गी या गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल से भी मुंहासों की आशंका बाद जाती है|
  2. ज्यादा तैलीय, तीखा या मसालेदार भोजन का सेवन करने से भी मुंहासे हो सकते है|
  3. धूल, मिट्टी या धूप में ज्यादा रहने से भी मुहांसे होने लगते है|
  4. अत्यधिक तनाव की वजह से भी मुहांसे होना संभव है|
  5. जिन लोगों की त्वचा ज्यादा तैलीय होती है, उन लोगों में यह समस्या सामान्य है|
  6. सौंदर्य प्रसाधनों के इस्तेमाल से चेहरे के सुष्म रोपकुप का अवरोध हो जाता है, जिससे मुंहासे होने लगते है|
  7. युवावस्था में मनुष्य के शरीर में कई आंतरिक हार्मोनल परिवर्तन होते है| हार्मोन्स परिवर्तन क्रिया की वजह से भी मुहांसे होने लगते है|
  8. कब्जियत पेट की सभी समस्याओं का मुख्य कारण होता है| यदि पेट खराब होगा तो कई बीमारियां जन्म लेंगी ही| मुहासों का एक कारण यह भी है|
  9. मुँहासे मुख्यतः पानी कम पीने की वजह से भी होते है| पानी मनुष्य जीवन की प्राथमिक आवश्यकता है| पर्याप्त पानी का अभाव, फलों का रस, रेशेदार सब्जियों का सेवन न करना भी इसका एक कारण है|
  10. जिन व्यक्तियों के माता पिता को भी यह समस्या होती है उन्हें मुहांसे होने की आशंका ज्यादा होती है| ऐसे व्यक्तियों के लिए मुंहासों को ठीक करना परेशानी का सबब बन सकता है|

आप यह भी पढ़ सकते है:- बाबा रामदेव की योग विधियों से भगाए कैंसर का रोग


Yoga for Pimples: मुंहासों के लिए योग

पार्लरों और कॉस्मेटिक में फिजूल पैसा ना बर्बाद कर, अपनी दैनिक दिनचर्या में कुछ परिवर्तन कर मुहासों से मुक्ति पायी जा सकती है| अगर आप हमेशा के लिए मुंहासों की परेशानी से छुटकारा पाना चाहते है तो योग करें –

व्रजासन

इसके लिए जमीन पर आसन बिछाकर, दोनों पैर मोड़कर बैठ जाएं| फिर पैरों के पंजों को फैला कर, एड़ियों को बहार की तरफ फैलाये| इसके बाद कुल्हो को एड़ी पर रखकर बैठ जाएं| इसे व्रजासन कहते है| इस आसन को प्रतिदिन करने से पेट से जुड़ी समस्या में आराम मिलेगा साथ ही मुहासों की परेशानी भी दूर हो जाएगी|

शशकासन

इस आसन को करने के पूर्व पर्याप्त मात्रा में पानी पिये| फिर शौच आदि से निवृत होकर शशकासन को करना चाहिए| इसे करने के लिए व्रजासन की अवस्था में बैठ जाएं| इसके पश्चात दोनो हाथों को ऊपर की तरफ करके सामने की तरफ फैलाये तथा दोनों हाथों को जमीन पर फैलाये तांकि कोहनियाँ सीधी रहे| अब नाक और सिर को जमीन से लगाने का प्रयास करें लेकिन कुल्हो को न उठाएं| यह प्रक्रिया करते समय गहरी सांस ले व् छोड़े| प्रतिदिन इस योग का अभ्यास करें|

इन आसनों के अलावा धनुरासन, अग्निसार आसन, पवनमुक्तासन, आदि करना आपके लिए लाभप्रद हो सकता है| इन सभी Yoga for Pimples in Hindi के करने से मुहासों की समस्या तो नष्ट हो ही जाएगी, साथ-साथ आपके शरीर को दिमागी ताजगी, स्फूर्ति तथा पेट की परेशानी से भी मुक्ति मिलेगी|
Share:
Read More

कमर की चर्बी दूर करना है तो रोज करे वक्रासन योग

आजकल के गलत खान-पान और व्यायाम की कमी के चलते हमारे शरीर में चर्बी की मात्रा अधिक हो जाती है। जिससे हमारा शरीर बेडोल और मोटा दिखाई देने लगता है। शरीर को फिट बनाए रखने के लिए हमें नियमित रूप से योगासन का सहारा लेना चाहिए। योग करने से ना केवल शरीर सुन्दर बनता है बल्कि कई तरह की बीमारियो से भी बचाव होता है।
योग के अंतगर्त कई आसान आते है उसमे से एक होता है वक्रासन| वक्रासन ऐसा आसान है जिसे बैठ कर किया जाता है। वक्र संस्कृत का शब्द है, वक्र का अर्थ होता है टेढ़ा, लेकिन इस आसन के करने से मेरुदंड सीधा होता है। हालाँकि शरीर पूरा टेढ़ा ही हो जाता है।
कमर की चर्बी दूर करने के लिए वक्रासन सबसे श्रेष्ठ आसन है। इस आसन के नियमित अभ्यास से लीवर, किडनी, पेनक्रियाज प्रभावित होते हैं नतीजनत् यह अंग निरोगी रहते हैं। इससे स्पाइनल कार्ड मजबूत होती है। हर्निया के रोगियों को भी इससे लाभ मिलता है। याने की इस योग को करने से हमें की तरह के फायदे मिलते है। तो आइये जानते है Vakrasana Yoga in Hindi, वक्रासन योग को करने की विधि, लाभ और इससे जुडी कुछ सावधानियों के बारे मे|

वक्रासन योग करने की विधि




 इसे हर उम्र के लोग कर सकते है, लेकिन इसे करते समय सावधानी बरतना बेहद जरुरी है। सबसे पहले किसी साफ और शुद्ध वातावरण वाले स्थान पर आसान या दरी बिछाकर दंडासन की स्थिति में बैठ जाएं। दोनों हाथ बगल में रखे| कमर गर्दन सीधी और निगाह सामने की और होना चाहिए|अब दायें पैर को मोड़कर बायीं जंघा के पास घुटने से सीध में सटाकर रखें, बायां पैर सीधा रहे।
इसके बाद बाएं हाथ को दाएं पैर एवं पेट को बीच से लाकर (क्रास करते हुए) दाएं पैर के पंजे के पास टिकाएं। दाएं हाथ को कमर के पीछे भूमि पर सीधा रखें। जिसे मेरुदंड के समांतर रखते हैं। अब गर्दन को घुमाकर दायीं और मोड़कर देखें जिंतना पीछे देख पायें , बाएं पैर, कमर और दाएं हाथ सीधे रहेंगे। इस 4 से 6 बार कर सकते हैं।  कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद इसी प्रकार दूसरी ओर से करना चाहिए।
आप यह भी पढ़ सकते है:- Kapalbhati Benefits in Hindi: वजन कम करने में सहायक है कपालभाति प्राणायाम

Vakrasana Benefits: वक्रासन योग के लाभ

  1. इस आसन से पेट संबंधी कई रोग स्वत: ही दूर हो जाते हैं।
  2. इससे कंधे का दर्द दूर होता है|
  3. उच्च रक्तचाप को कम करने में भी यह बहुत लाभदायक है|
  4. अल्सर से ग्रसित लोगो को यह योग नहीं करना चाहिए|
  5. यह आसान यकृत (लीवर) और तिल्ली (प्लीहा) के लिए बेहद लाभदायक है।
  6. इसके नियमित करने से स्पाइनल कार्ड मजबूत होती है।
  7. हर्निया के रोगियों को भी इससे फायदा मिलता है।
  8. जिन लोगो को पित्ताशय में पथरी होती है उन्हें यह आसान जरूर करना चाहिये|
  9. इस आसन के नियमित अभ्यास से कमर की चर्बी कम होती है और आपकी कमर पतली बनती है।
  10. इस आसन को करने से लीवर, किडनी, पेनक्रियाज प्रभावित होते हैं जिससे यह अंग निरोगी रहते हैं।
  11. वक्रासन पेट संबंधी कई छोटे-छोटे रोग, दमा (अस्थमा), मधुमेह रोग, वायु सम्बन्धी रोग, कब्ज, गुप्त रोग स्त्री एवं पुरुषो के व कमर दर्द आदि में अति लाभकारी है। यह शरीर को हमेशा तरुण एवं जवान बनाये रखने में भी मदद करता है।

वक्रासन योग से जुडी सावधानी

अगर आपकी गर्दन में दर्द है या फिर आप किसी ह्रदय रोग से पीडि़त हैं तो यह आसन अपने मन से ना करे, किसी योग्य चिकित्सक या योग के जानकार की देख-रेख में ही करें। इस योग को करते वक्त ख्याल रखे की जब आप दाएँ पैर को घुटने से मोड़कर लाते हैं, तो बायाँ पैर घुटने की सीध में रखना चाहिए। पीछे रखा गया हाथ कोहनी से सीधा रखते हुए मेरुदंड से 6 से 9 इंच के बीच में रखें। और यदि आप पेट और कमर के रोगी है तो योग चिकित्सक की सलाह लें।

वक्रासन योग करने का समय

वक्रासन योग शरीर के लिए बेहद ही फायदेमंद है। जिन लोगो को पेट और कमर की चर्बी कम करनी है तो इस योग को जरूर करे| इसे करने के लिए सुबह का वक्त सबसे अच्छा माना जाता है।
Share:
Read More

Kapalbhati Benefits in Hindi: वजन कम करने में सहायक है कपालभाति प्राणायाम

कपालभाति यह एक संस्कृत शब्द है। कपाल मतलब माथा और भाति मतलब प्रकाश होता है। रोज़ कपालभाति प्राणायाम करने से व्यक्ति के माथे और चेहरे पर कांति और चमक आ जाती है। चेहरे पर चमक होना स्वस्थ व्यक्ति की पहचान होती है। व्यायाम के माध्यम से आसानी से वजन को कम किया जा सकता है। तो आइये जानते है Kapalbhati Benefits in Hindi.
आधुनिक जीवन शैली में ज्यादातर लोग उनके वजन को लेकर परेशान रहते है। आज के समय में मोटापे से छुटकारा पाने के लिए हर कोई संभव कोशिश पूरी करता है। पर बहुत काम लोगो को इसका फायदा मिलता है। मोटापे को जल्द से जल्द कम करने के लिए आपको अपनी जीवन शैली में बदलाव करना बहुत जरुरी है। और जानिए Weight Loss Tips in Hindi.
कपालभाति की मदद से वजन को कम करना बहुत आसान है। नियमित रूप से कपालभाति प्राणायाम करने से आपको थोड़े ही दिनों में इसका फायदा दिखेगा और आप फ़र्क़ महसूस करने लगेंगे।
स्वस्थ और ताकतवर रहने के लिए योग से अच्छा कोई साधन नहीं है। योग और प्राणायाम करने से आप आसानी से स्वस्थ रह सकते है और बिना किसी रुकावट के सुखी जीवन व्यतीत कर सकते है।

जानिए कपालभाति किस प्रकार है वजन घटाने में मददगार

  1. वजन घटने के लिए योग क्रिया सबसे आसान और सरल उपाय है। ऐसी ही एक क्रिया है कपालभाति, जिससे निश्चित तोर पर मोटापे से छुटकारा पाया जा सकता है।
  2. कपालभाति को खड़े होकर या बैठ कर दोनों तरीको से किया जा सकता है। इस क्रिया में सांस लेने और छोड़ने की गति जितनी बढ़ती है आपको उतना ही फायदा होता है।
  3. कपालभाति को निरंतर अभ्यास करने से मोटापा घटाने में तो मदद मिलती ही है साथ ही पेट के आस पास की चर्बी भी कम होती है।

Kapalbhati Benefits in Hindi: जानिए कपालभाति के अनेकों लाभ


  1. भारत में ऐसे कई लोग है जिन्होंने कपालभाति की मदद से ३० से ४० किलो वजन कम किया है।
  2. पेट की अतिरिक्त बढ़ती हुई चर्बी के लिए यह बहतु फायदेमंद है। यह आपके कमर के आकर को फिर से सामान्य पोजीशन में लाने में मदद करता है।
  3. चेहरे की झुर्रिया और आँखों के निचे का कालापन दूर करने में मदद करता है। और चेहरे पर दोबारा चमक लौटाता है।
  4. गैस, एसिडिटी और कब्ज की समस्या करने में कपालभाति बहुत फायदेमंद होता है।
  5. शरीर को डिटॉक्स करता है।
  6. याददाश्त को बढ़ाता है।
  7. कपालभाति करने से पसीना अधिक आता है, जिससे शरीर स्वच्छ रहता है।
  8. शरीर और मन के सारे नकारात्मक तत्व और विचारों को मिटा देता है।

Kapalbhati Pranayam Procedure: इस आसन को करने की सही प्रक्रिया

  1. एक समान, सपाट और स्वच्छ जगह पर जहाँ पर स्वच्छ हवा हो वहाँ पर कपडा लगाकर बैठ जाये।
  2. आप सिद्धासन, वज्रासन या पद्मासन में बैठ जाये।
  3. बैठने के बाद अपने पेट को ढीला छोड़ दे।
  4. अब अपने नाक से सांस निकलने की क्रिया शुरू करे। सांस को बाहर छोड़ते समय पेट और अंदर की और धक्का दे।
  5. सांस अंदर लेने की क्रिया करने की जरुरत नहीं है। इस क्रिया में सांस अपने आप अंदर लिया जाता है।
  6. लगातार आपन जितने समय ऐसा कर सकते है उतनी देर करे।
  7. आप चाहे तो बीच में कुछ समय का आराम भी ले सकते है।
ऊपर आपने जाने कपालभाति के फायदे जो आपको वजन काम करने में मदद करे। तो आप इस योग को नियमित रूप से करे देखे की आपको कितना फायदा मिलता है।
Share:
Read More

Surya Namaskar Benefits in Hindi – जानिए सूर्य नमस्कार के लाभ

आजकल हर कोई फिट रहना चाहता है, और फिट रहने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते| रोज सुबह सैर पर जाते है, ढेरों वर्कआउट करते है, यहाँ तक की डाइटिंग भी करते है । लेकिन क्या आप जानते है की प्रतिदिन नियमित रूप से सूर्य नमस्कार को सही तरीके से करके भी आप फिट रह सकते है। यह अकेला योगासन ही विभिन्न व्यायामों के बराबर फायदेमंद माना जाता है योगासनो में सबसे असरदारी और लाभदायक सूर्य नमस्कार है। इसमें सभी तरीके के आसनो का सार छिपा हुआ है।
इसे करने से शरीर निरोगी और स्वस्थ होता है। और खास बात यह है की इसमें किसी भी तरह का व्यय नहीं लगता है। अमीर हो या गरीब, स्त्री हो या पुरुष, वृद्ध हो या बच्चा इसे हर कोई कर सकता है। यहाँ तक की बॉलीवुड के मशहूर हस्तिया जैसे की करीना कपूर, शिल्पा शेट्टी और विक्टोरिया बेकहम ने भी इसे पहचाना है और समय-समय पर लोगों को इसके प्रति प्रोत्साहित भी किया है।
इसमें 12 तरह के आसन होते हैं और इन 12 आसनों के साथ-साथ 12 श्लोकों का उच्चारण किया जाता है। कई लोग इसे सर्वांग व्यायाम भी कहते हैं। सूर्य नमस्कार को हमेशा प्रातःकाल खुले स्थान पर करना चाहिए। सूर्य मुद्रा हमारे शरीर के अग्नि तत्वों को संचालित करती है। सूर्य नमस्कार करने से सिर्फ वजन ही कम नहीं होता, बल्कि आँखों की रोशनी भी बढ़ती है। इसे करने से कई रोगो से छुटकारा मिलता है| तो आइये जानते है Surya Namaskar Benefits in Hindi और इसे करने का तरीका।

सूर्य नमस्कार करने से मिलते है ये स्वास्थ लाभ

Surya Namaskar Benefits in Hindi


  1. सूर्य नमस्कार से मिलते है ये स्वास्थ लाभ
  2. सूर्य नमस्कार करने से शरीर लचीला होता है।
  3. आँखों की रौशनी बढ़ती है।
  4. इसे करने से  रीढ़ की हड्डी भी मजबूत होती है।
  5. मानसिक शांति पाने के लिए भी इसे रोज करना चहिये।
  6. बालो को सफ़ेद होने, झड़ने और रुसी से बचाने में भी सहायक है|
  7. वजन घटाने में यह बहुत मददगार है। इसे नियमित तौर पर करने से डाइटिंग से भी ज्यादा फायदा पहुंचता है।
  8. क्रोध और तनाव पर काबू पाने में यह बहुत मददगार है।
  9. त्वचा के लिए यह बहुत लाभप्रद योगासन है।
  10. इन् 12 आसनों को नियमित करने से शरीर में खून का प्रवाह सही ढंग से होता है और ब्लड प्रेशर की आशंका घटती है।
  11. सुबह के वक्त खुले वातावरण में सूर्य नमस्कार करने से शरीर को भरपूर मात्रा में विटामिन डी मिलता है जिससे हड्डियों में ताकत आती है।

आप यह भी पढ़ सकते है:- Benefits of Yoga in Hindi – जानिए योग के जादुई लाभ

सूर्य नमस्कार मंत्र

सूर्य नमस्कार के 12 आसनों को करते वक्त 12 श्लोक का उच्चारण किया जाता है, इन श्लोकों में सूर्य के 12 नाम है जिससे यह आसन और अधिक प्रभावी होता है। यहाँ पढ़िए वो 12 मंत्र कौन से है
  1. ॐ मित्राय नमः
  2. ॐ रवये नमः
  3. ॐ सूर्याय नमः
  4. ॐ भानवे नमः
  5. ॐ खगय नमः
  6. ॐ पूष्णे नमः
  7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः
  8. ॐ मारिचाये नमः
  9. ॐ आदित्याय नमः
  10. ॐ सावित्रे नमः
  11. ॐ अर्काय नमः
  12. ॐ भास्कराय नमः
  13. ॐ सवितृ सूर्यनारायणाय नमः

जानिए सूर्य नमस्कार करने का तरीका

सूर्य नमस्कार का अभ्यास बारह स्थितियों में किया जाता है जो इस प्रकार है
  1. दोनों हाथों को जोड़कर सावधान की मुद्रा में सीधे खड़े हों जाये। ध्यान आज्ञा चक्र पर केंद्रित करके ‘ॐ मित्राय नमः’ मंत्र का उच्चारण करे।
  2. सांस लेते हुए दोनों हाथों को कानों से सटाएं और ऊपर की ओर करके भुजाओं और गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं। ध्यान को गर्दन के पीछे विशुद्धि चक्र पर केंद्रित करे।
  3. तीसरे चरण में श्वास धीरे-धीरे बाहर निकालते हुए आगे की ओर झुकें। हाथ गर्दन के साथ, कानों से सटे हुए नीचे जाकर पैरों के दाएं-बाएं पृथ्वी का स्पर्श करें। घुटने सीधे रहें। इस वक्त आपका माथा घुटनों का स्पर्श करता हुआ हो। ध्यान नाभि के पीछे ‘मणिपूरक चक्र’ पर केन्द्रित करते हुए कुछ क्षण इसी स्थिति में रहे।
  4. श्वास भरते हुए बाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं। गर्दन को अब पीछे की ओर झुकाएं। इस स्थिति में कुछ समय रुकें।
  5. अब धीरे-धीरे श्वास को छोड़ते हुए दाएं पैर को भी पीछे की और ले जाएं जिससे दोनों पैरों की एड़ियां मिली हुई हों। पीछे की ओर शरीर को खिंचाव दें।
  6. अब श्वास भरते हुए दंडवत लेट जाएं।
  7. इसके पश्चात अब सीने से ऊपरी भाग को ऊपर की ओर उठाएं ताकि  शरीर में खिंचाव हो।
  8. फिर पीठ के हिस्से को ऊपर की और उठाएं। सिर झुका हुआ हो और शरीर का आकार पर्वत के मुद्रा में हो।
  9. अब चौथी प्रक्रिया को वापिस कीजिये मतलब की बाएं पैर को पीछे ले जाएं।
  10. अब तीसरी स्थिति को भी दोहराएं यानी श्वास धीरे-धीरे बाहर निकालते हुए आगे की ओर झुकें। हाथ गर्दन के साथ, कानों से सटे हुए नीचे जाकर पैरों के दाएं-बाएं पृथ्वी का छुए|
  11. श्वास लेते हुए दोनों हाथों को कानों से लगाये और हुए ऊपर की ओर  तान देते हुए भुजाओं और गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं।
  12. अब वापिस से पहली स्थिति में आ जाएं।

सूर्य नमस्‍कार में बरते सावधानियां

सूर्य नमस्कार जितना लाभदायक है, इसके लिए सावधानियां बरतना भी उतना ही आव्यशक है। कमर और रीढ़ की हड्डी के मरीज को इसे नहीं करना चाहिए। वहीं इसका तीसरा व पांचवा आसन सर्वाइकल और स्लिप डिस्क के रोगियों के लिए वर्जित है।
इसलिए जरूरी है कि आप अपने प्रशिक्षक को पहले अपनी मेडिकल हिस्ट्री बताएं जिससे आपको पता चले कि इसके कौन से आसन आपके लिये सही नहीं है|
इसके अतिरिक्त, यह भी जरूरी है कि इसके सभी आसनों को सही तरीके से किया जाए क्योंकि अगर कोई भी आसन गलत तरीके से किया गया तो उसके कुछ साइड एफेक्ट्स हो सकते हैं।
Share:
Read More

Anulom Vilom Pranayam in Hindi: जानिए इस योग के फायदे

अनुलोम विलोम प्रणायाम में सांस लेने और छोड़ने की विधि को बार-बार दोहराया जाता है।वैसे इस प्राणायाम को ‘नाड़ी शोधक प्रणायाम’ भी कहा जाता है।इस प्रणायाम को करने से नाड़ी से जुड़े बहुत से रोग दूर होते है और आप स्वस्थ महसूस करते है। आइये जानते हैAnulom Vilom Pranayam in Hindi.
वृद्धावस्था में इस योग को करने से गठिया, सूजन और जोड़ो का दर्द ठीक होता है। यह योग आपको स्वस्थ और निरोग रखने में मदद करता है।

अनुलोम विलोम प्रणायाम करने की सही विधि

दरी और कम्बल स्वच्छ जगह पर बिछाये और उस पर अपनी सुविधानुसार सिद्धासन, स्वस्तिकासन, पद्मासन में बैठ जाये। इसके बाद आप अपनी दाहिने हाथ के अंगूठे से नासिका के दाये छिद्र को बंद कर ले। और ठीक इसी प्रकार आप अपनी दूसरी नासिका पर भी कर सकते है। इस क्रिया को पहले ३ मिनट तक करे और बाद में इसका अभ्यास १० मिनट तक करे। इस प्रणायाम को आप खुली हवा में बैठकर करे।

Anulom Vilom Pranayam in Hindi: अनुलोम विलोम प्रणायाम करने से लाभ

  1. अनुलोम विलोम प्रणायाम करने से वात, पित्त के विकार को दूर करता है।
  2. रोज़ाना इस योग को करने से फेफड़े शक्तिशाली बनते है।
  3. इससे नाडिया शुद्ध होती है और शरीर स्वस्थ, कांतिमय और शक्तिशाली बनता है।
  4. इससे शरीर का कोलेस्ट्रोल स्तर नियंत्रित रहता है।
  5. शुद्ध अंग शरीर के सभी अंगो में जाकर उन्हें पोषण प्रदान करता है।
  6. इसको करने से हृदय को शक्ति मिलती है।

अनुलोम विलोम प्रणायाम से जुडी कुछ सावधानियां

कमजोर और एनीमिया से पीड़ित व्यक्ति को इस प्रणायाम को करने में दिक्कत हो सकती है। इस योग को करने में आपको थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।
ऊपर दिए गए अनुलोम विलोम प्रणायाम को ध्यान में रखकर आप खुद को स्वस्थ रख सकते है।
Share:
Read More

जानिए ध्यान से मिलने वाले अनगिनत लाभ और इसे करने का तरीका Meditation Practice

आज के वक्त में यदि हम किसी से भी यह सवाल करते है की उसका जीवन कैसा चल रहा है? तो अधिकतर लोगो से नकारात्मक जवाब ही सुनने को मिलता है| कोई अपने परिवार को कैसे चलाया जाये इस चिंता में डूबा हुआ है| किसी को मनपसंद साथी नहीं मिल रहा है तो कोई अपने करियर को लेकर चिंतित है|
यह चिंताए और परेशानी तो उम्र भर चलती है| तो क्या इसका मतलब इंसान हमेशा दुःख में डूबा रहेगा? क्या आप जानते है हम सब में से आधे व्यक्ति दुखी इसलिए है की क्योकि वे बेवजह ही खुद दुःख को आमंत्रित कर रहे है|
लेकिन हम आपको बताना चाहते है की दुःख करने से किसी प्रकार लाभ नहीं पहुँचता है| अगर आप लाइफ में वो पाना चाहते है जो आपको चाहिए तो इसके लिए आपको आशावादी होना पड़ेगा| सकारात्मक सोच से ही जीवन को सुधारा जा सकता है | हम जानते है इस तनाव भरे माहोल में ऐसा बनना थोड़ा मुस्किल है|
किन्तु ध्यान इसमें आपकी मदद कर सकता है| ध्यान करने से आत्मिक शांति मिलती है, सुख प्राप्त होता है| इससे करने से मनुष्य के अंदर आत्मविश्वास आता है| और इतना ही नहीं ध्यान हमें कई तरह के स्वास्थ सम्बन्धी लाभ भी पहुँचाता है| आज इस लेख में हम आपको Meditation in Hindi अर्ताथ ध्यान करने के फायदे और तरीको के बारे में बता रहे है|


Meditation in Hindi – ध्यान से मिलते है कई फायदे

आपने हमेशा लोगो को ध्यान करते देखा होगा और उससे फायदा पाते देखा होगा| लेकिन जब आप इसे खुद करने का फैसला लेते है तो इसे करने में आप बोरिंग महसूस करते है| इसे करते वक्त आप के मन में कई विचार आते है| जैसे की आप इस वीकएंड में क्या करेंगे, या फिर किसी मूवी की कहानी| ऐसा होने पर आपको लगता है आपको ध्यान करते नहीं आता और आप ध्यान करना छोड़ देते है|

लेकिन हम आपको बता दे की यदि आप पुरे मन से इसे करने लगे या फिर लगातार Meditation Practice करे तो आप इसे करने में सफल जरूर होंगे| धीरे धीरे आपको ध्यान लगाते जरुर आ जायेगा| इसलिए बिना किसी रुकावट के इसे करते जाये| वैसे तो ध्यान करना अनिवार्य नहीं है, लेकिन इससे होने वाले फायदों की लिस्ट इतनी लम्बी के हम आपको इसे करने की ही सलाह देंगे|
ध्यान लगाने का अर्थ यह बिल्कुल भी नहीं है कि इसमें आपका शरीर बेजान या फिर मृत की तरह हो गया है जैसे नींद में होता है। केवल आँखें बंद करके, आलती-पलती लगा कर बैठ जाने का मतलब ध्यान नहीं होता। अपने कर्मों और विचारों में सजगता विकसित करना ध्यान कहलाता है। यहां हम आपको बता रहे है ध्यान करने के तरीके|
इसके लिए सुखासन की स्तिथि में बैठ जाये| आँखे बंद और चित्त स्थिर होना चाहिए| इसके पश्चात एक एक करके अपने शरीर के पैर के अंगूठे से लेकर सिर तक का अवलोकन करें। इस दौरान महसूस करे कि आप जिस अंग का अलोकन कर रहे हैं वह अंग स्वस्थ होता जा रहा है। ऐसा प्रतिदिन करते रहने से ध्‍यान जाग्रत होने लगेगा और आपका शरीर स्वस्थ होता जायेगा|

आप यह भी पढ़ सकते है:- Benefits of Yoga in Hindi – जानिए योग के जादुई लाभ


Meditation Benefits in Hindi – ध्यान करने के सेहतमंद लाभ


वजन कम करे

ध्यान के द्वारा वजन भी कम किया जा सकता है| बर्शते ध्यान पुरे मन से किया जाये| इसलिए जो लोग अपना Weight Loss करना चाहते है वो ध्यान को अवश्य अपनाये|

स्मरण शक्ति बढ़ाये

ध्यान करने से हमारे मस्तिष्क को अधिक ऊर्जा मिलती है| फलस्वरुप हमारा मस्तिष्क अपनी अधिकतम क्षमता के साथ कार्य करता है| ध्यान के जरिये स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है| इसलिए स्टूडेंट्स को तो ध्यान जरूर करना चाहिए|

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये

धयान करने से हमारे शरीर का प्रतिरोधक तंत्र मजबूत होता है| दरहसल इसे करने से हमारे शरीर में शक्ति का संचार होता है| और इस शक्ति के कारण हम स्वयं को पहले से अधिक स्वस्थ महसूस करते है| ध्यान करने से शरीर की रोगो से लड़ने की क्षमता बढ़ती है| मधुमेह से ग्रसित लोगो के लिए भी यह फायदेमंद है|

अन्य लाभ इन्हे भी जाने:- 

  1. क्रोध करने की आदत ठीक हो जाती है।
  2. ध्यान करने से विचार करने की क्षमता में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है|
  3. मानसिक तनाव, डर, चिंता से छुटकारा मिलता है।
  4. मैडिटेशन करने से वजन घटाना भी आसान होता है|
  5. भूलने की समस्या से मुक्ति मिलती है और स्मरण शक्ति मजबूत होती है।
  6. दिल से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह फायदेमंद है|
  7. ध्यान लगाने से निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है| यह खुद पर नियंत्रण रखना सिखाता है|
  8. गठिया से ग्रसित लोग अगर नियमित रूप से मैडिटेशन करते है तो उन्हें आराम मिलता है|
Meditation Benefits in Hindi कई है| अगर किसी को नींद ना आने की समस्या होती है तो वह भी ध्यान करे| ध्यान करने से मूड और इमोशंस कंट्रोल में रहते है| और नींद अच्छी आती है|

Share:
Read More