Sunday, January 31, 2016

आई लैश को घना बना देगें ये तरीके

आंखों की खूबसूरती केवल घनी पलको से होती हैं लेकिन हम में से बहुत से लोग हैं जो पलको पर बिल्‍कुल भी ध्‍यान नहीं देते। कई महिलाओं की पलके घनी नहीं होती इसलिये वे अपनी आंखों की सुंदरता को उभारने के लिये नकली या आर्टिफीशियल पलको का इस्‍तमाल करती हैं। लेकिन जब आप अपनी पलको को प्राकृतिक रूप से घना बना सकती हैं, तो आपको इतनी तकलीफ उठाने की क्‍या जरुरत। पर हां कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जो अब डॉक्‍टरों से सलाह लेने लगी हैं कि वे अपनी पलको को घना, उनकी लंबाई और उन्‍हें बजबूत कैसे बना सकती हैं। तो आइये इसी बात पर हम भी जानते हैं कि हम अपनी लाई लैश को घना और खूबसूरत कैसे बना सकते हैं।
Published: Saturday, October 26, 2013, 12:45 [IST] Give your rating: सोशल नेटवर्क पर इसे शेयर करें:   शेयर करें   ट्वीट करें  शेयर करें कमेंट करें (0)   ई-मेल करें आंखों की खूबसूरती केवल घनी पलको से होती हैं लेकिन हम में से बहुत से लोग हैं जो पलको पर बिल्‍कुल भी ध्‍यान नहीं देते। कई महिलाओं की पलके घनी नहीं होती इसलिये वे अपनी आंखों की सुंदरता को उभारने के लिये नकली या आर्टिफीशियल पलको का इस्‍तमाल करती हैं। लेकिन जब आप अपनी पलको को प्राकृतिक रूप से घना बना सकती हैं, तो आपको इतनी तकलीफ उठाने की क्‍या जरुरत। पर हां कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जो अब डॉक्‍टरों से सलाह लेने लगी हैं कि वे अपनी पलको को घना, उनकी लंबाई और उन्‍हें बजबूत कैसे बना सकती हैं। तो आइये इसी बात पर हम भी जानते हैं कि हम अपनी लाई लैश को घना और खूबसूरत कैसे बना सकते हैं। आइये जानते हैं कि किस तरह से आप अपनी पलको को घना और मोटा बना सकती हैं-
 1. हमेशा अपने आई मेकअप को साफ करें अगर आप अपने आंखों के मेकअप को दिनभर रखने के बाद भी रात को साफ कर के नही सोएंगी तो आंखों की आई लैश और आंखों के आस पास की संवेदनशील त्‍वचा खराब हो जाएगी। 
2. अपनी आई लैशेज को सांस लेने दें आई लेश कर्ल, लैश बढाने वाले यंत्रों और बाजारू प्रोडक्‍ट ज्‍यादा इस्‍तमाल करने से आंखों की बरौनी कमजोर पड़ जाती है और बाल गायब होने लगते हैं। याद रखें कि आपकी आई लैश को फिर से दुबारा ठीक होना है इसलिये उसे सांस लेने दें और उस पर ज्‍यादा एक्‍सपेरिमेंट ना करें।
 3. प्रोटीन डाइट अगर आपका शरीर स्‍वस्‍थ्‍य रहेगा, तो जाहिर सी बात है कि आपकी आंखें और पलके भी ठीक रहेंगी। रोजाना अपनी डाइट में प्रोटीन खाइये क्‍योंकि त्‍वचा, बाल, नाखून और पलको को इसकी बहुत जरुरत होती है। अपने आहार में दाल, मछली, मीट, चने और मेवे आदि को शामिल कीजिये।

4. अपनी आंखों को मलना बंद करें कई लोग अपनी आंखों को रगड़ने से बाज नहीं आते खासतौर पर तब जब उनकी आंखें खुजलाती हैं या फिर जब उन्‍हें नींद लगी होती है। ऐसा करने से आंखों में कई समस्‍याएं पैदा हो सकती हैं खासकर कि पलक के बाल कम होना शुरु हो जाते हैं। इसलिये अपने आथों को अपनी आंखों से दूर रखें।
 5. वि‍टामिन इ तेल एक छोटा सा आइ लैश ब्रश लें और उसे इस तेल में डुबा कर रोजाना अपनी आंखों की पलको पर लगाएं। चाहें तो विटामिन इ की कुछ टैबलेट को क्रश कर के इस तेल के साथ मिला कर लगा सकती हैं। अगर आपकी पलको पर खुजली होती है तो वह भी इस तेल को लगाने से खतम हो जाएगी।

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मोटी-घनी पलको के लिये घर पर बनाएं नेचुरल मस्‍कारा

मोटी, घनी और लंबी पलके भला किसे अच्‍छी नहीं लगती। अगर आंखें छोटी भी हुई तो भी पलके अगर घनी हैं तो भी वह अच्‍छी लगेंगी। आंखों पर मस्‍कारा बहुत अच्‍छा लगता है क्‍योंकि इससे पलके घनी लगती हैं। पर अच्‍छा होगा कि आप घर का बना हुआ नेचुरल मस्‍कारा लगाएं जिससे आपकी आंखों को कोई नुकसान ना पहुंचे। 
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 आज के इस आर्टिकल में हम आपको घर पर ही मस्‍कारा बनाना सिखाएंगे जो कि आपकी आईलैश को मोटा और लंबा दिखाने में मदद करेगा। आप इसे आराम से कुछ ही सामग्रियों के साथ मिला कर बना सकती हैं। अगर आप इस प्राकृतिक मस्‍कारे का नियमित इस्‍तमाल करेंगी तो आपकी पलके कुछ ही दिनों में घनी दिखने लगेंगी। इसलिये यह मस्‍कारा आपके बैग में जरुर होना चाहिये। अब आइये जानते हैं मस्‍कारा बनाने की विधि।

कैसे बनाएं नारियल तेल, एलोवेरा और बी वैक्‍स ले कर कटोरे में मिला कर गरम तब तक गरम करें जब तक कि ये पिघल ना जाएं। फिर इसमें कोकोआ पावडर मिला कर महीन पेस्‍ट तैयार करें। अब इस मिश्रण को किसी पुराने मस्‍कारा बॉटल में भर दें। इसको लगाने से आपकी पलकें और भी ज्‍यादा घनी दिखेंगी।

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आँखों के नीचे काले घेरे ( Dark Circle / Under Eye dark circle issue )

खूबसूरत  आंखे देखने वाले को अपनी और खीच लेती हे। लेकिन अगर आँखों के नीचे  झुर्रिया या lines  हो तो चेहरे की खूबसूरती फीकी पड  जाती हे। आँखों के नीचे की त्वचा काफी नाजुक होती हे और इनमे oil glandes न होने की वजह से इस जहा सबसे पहले झुर्रिया आ जाती हे।

steam या भाप चहरे पर - चेहरे पर भाप लेने से आँखों के नीचे को कोशिकाए को काफी नुकसान होता हे। आँखों पर गुलाब जल का फाया रखने से ठंडक जरुर मिलती हे लेकिन भाप से हुए नुकसान सही नहीं होता। और न ही केवल खीरा या आलू का टुकड़ा रखने से फायदा होता हे। इसलिए आलू या खीरे को कद्दुकस करके उसके छल्ले या रस निकाल के आँखों पर रखे। ये काफी फायदा करता हे।

घरेलु उपाय काले घेरो के लिए - 
1. आँखों के नीचे या आस पास कभी भी कोई फेस पैक न लगाये। जब पैक सूखता हे तो उससे त्वचा में खेचाव होता हे जिससे झुर्रिया हो जाती हे।

2. चेहरे की मालिश के बाद आँखों के आस पास अंडर आई क्रीम से मालिश करे। या अगर नार्मल क्रीम से मालिश की हे तो मालिश के बाद extra क्रीम को गीली रुई से साफ कर दे।

3. 2 चम्मच चाय की पत्ती को थोड़े से पानी में 2 मिनिट के लिए उबाल ले। फिर छान  ले।
इस पानी को 2 भागो में बाट ले। एक हिस्से को फ्रीजर में रख कर ठंडा करे। और दुसरे को हल्का गरम ही रहने दे।

अब इस गरम पानी में रुई डुबो कर 2 मिनिट के लिए आँखों के नीचे रखे। फिर 2 मिनिट बाद ठन्डे पानी में रुई डुबो कर सेक करे। इस तरह 5 बार ठंडा गरम का सेक करे। ध्यान दे ये हफ्ते में 2 बार से ज्यादा न करे।

4. अब आँखों के नीचे अंडर आई पैक लगाये
अंडर आई पैक - 1 छोटा चम्मच शहद में 1/4 चम्मच खीरे का रस, 1/4 चम्मच आलू का रस और 2 drops बादाम का तेल डाले।

इस पैक को आँखों के चारो तरफ लगा कर 20 मिनिट के लिए सूखने दे। फिर सादे पानी से धो ले।

हफ्ते में 1 या 2 बार ये उपाय करके आँखों के खूबसूरती को वापस लाया जा सकता हे। और हमेशा बरक़रार रखा जा सकता हे।

कुछ और टिप्स -
- रात  को सोने से पहले middle finger से आँखों के चारो और बादाम के तेल की मालिश करे। इससे dark circle तो दूर होंगे ही। साथ ही त्वचा में खिचाव आयेगा और झुर्रिया कम हो जाएगी।

- सुबह उतने के बाद मुह में पानी भर के ठन्डे पानी से 30 से 40 बार आँखों में छींटे मारे इससे आँखों को ठंडक भी मिलेगी और साथ ही आँखों की रौशनी भी बढ़ेगी।
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नेचुरल तरीके से पाएं सुंदर आंखें

आंखें दिल का आइना होती हैं क्‍योंकि वह दिल की सारी बातें एक नज़र में बयां कर देती हैं। एक सुंदर आंख ना केवल खूबसूरती को दर्शाती है बल्कि स्‍वास्‍थ्‍य को भी प्रकट करती है इसलिये आपको अपनी आंखों के प्रति सचेत रहना चाहिये। आइये जानते हैं कि किस तरह से हम अपनी आंखों की खूबसूरती बढा सकते हैं, वो भी नेचुरल तरीके से। 
नेचुरल तरीके- 1. 
नींद पूरी करें- नींद को हम अनदेखा नहीं कर सकते। आपकी आंखों की फ्रेशनेस केवल आपकी नींद की क्‍वालिटी पर डिपेंड है। लेट नाइट पार्टी या मूवी आपकी नींद को खराब कर सकते हैं, इसलिये जरुरी है कि आप यह सब कार्य वीकेंड पर छोड़ दें।
 2. तनाव ना लें- 
आंखें हमारे दिल की खिड़की होती हैं। हमारे दिल में जो कुछ भी होता है वह आंखे बयां कर देती हैं। अगर आप किसी गंभीर तनाव में हैं तो आंखों से सब कुछ पता चल जाता है। आंखे थकी-थकी महसूस होने लगती हैं। 
3. अंडर आइ क्रीम- 
कई लोग सोचते हैं कि अंडर आइ क्रीम केवल डार्क सर्कल को दूर करने के लिये प्रयोग किया जाता है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि आंखों के नीचे की स्‍किन हमारे गालों की स्‍किन के मुकाबले बहुत पतली होती है। इसलिये इस पर हर रोज़ क्रीम लगाएं।
 4. आइ पैक- 
हम अक्‍सर फेस पैक को आंखों पर नहीं लगाते क्‍योंकि इससे जलन महसूस होने लगती है। लेकिन आंखों को रिलैक्‍स करने के लिये आप इन पर स्‍ट्रॉबेरी या खीरे की स्‍लाइस लगा सकती हैं। स्‍लाइस को अपनी बंद आंखों पर रखिये और कुछ देर के लिये रिलैक्‍स कीजिये।
 5. खूब पानी पिएं- 
अगर आपके अंदर पानी की कमी है तो जाहिर सी बात है कि आप सुंदर नहीं लग सकती। इससे आपकी स्‍किन रूखी और गहरे रंग की लगेगी, इसलिये दिन भर में खूब सारा पानी पीजिये।
 6. चश्‍मा लगाने वालों के लिये- 
जो लोग चश्‍मा लगाते हैं, असलियत में उनकी आंखें पूरी तरह से खुलती ही नहीं हैं। इसलिये उन्‍हें ऐसा फ्रेम चुनना चाहिये जो कि उनकी पूरी आइ लैश को ना ढंके। साथ ही उन्‍हें चश्‍में से बाहर निकल कर लेंस बनावा लेना चाहिये।

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Eye care tips in Hindi for children – बच्चों के लिये बेहतरीन आंखों की देखभाल की सलाह

बच्चों की दृष्टि के लिये चेतावनी लक्षण

नवजात के लिये

आप अपने नवजात की आंखें पानीदार या लटकती हुई अवश्य पायेंगे। ग्लूकोमा या मोतियाबिंद का पारिवारिक इतिहास आपके बच्चों की आंखों में दिखायी पड़ सकता है। सुनिश्चित हो लें कि वह अपनी पलकें अधिक बार न झपकाता हो। नवजात को आंखों के विशेषज्ञ के पास ले जायें, जो नवजात की आंखों को जांच कर किसी तंत्रिकीय समस्या को पता लगा सके।

छोटे बच्चों के लिये

आंखों के भैंगेपन या देर से आंखों द्वारा देखने को ध्यान से जांचे। घूमती वस्तुओं के साथ नज़रों को घुमाने पर ध्यान दें। ध्यान दे यदि वह बिना किसी कारण आंखों को घुमाता हो। आप घूमने वाली वस्तु के माध्यम से इस बात का भी पता लगा सकते है कि वह उन्हें देखता या भ्रमित होता है। अगर बहुत अधिक कीचड़ आता हो या सामान्य रोशनी असह्य हो तो तुरंत किसी डॉक्टर के पास जाकर जांच करायें।

स्कूली बच्चों के लिये

अगर स्कूली बच्चा बोर्ड को नहीं देख पाता या टेलीविज़न को तिरछा देखता है तो तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। अगर वे कॉपी या पुस्तक सामान्य से अधिक नज़दीकी से देखते हो तो आपको उसकी दृष्टि के बारे में पता लगाना चाहिये। टेलीविज़न के बहुत अधिक नज़दीक बैठना या रात में गिर पड़ना भी आंखों की समस्या को प्रदर्शित करता है। वे आसपास में रूचि कम कर देते है या पढ़ाई बंद कर देते हैं।  इन परिस्थितियों को अंदेखा नही करना चाहिये।

बचपन में आंखों की देखभाल के लिये सलाह

  1. आहार: एक संतुलित आहार जिसमें लाल और हरी पत्त्तेदार सब्जियां जैसे पालक, गाजर, चुकंदर और पीले फल जिसमें शामिल हैं आम, पपीता जो कैरोटीन (विटामिन ए से युक्त) से भरपूर है संतानों के लिये बनाया गया है।
  2. टीवी देखना: एक अच्छे रोशनी वाले कमरे में टीवी को 3.5 मीटर या उससे अधिक दूरी से देखना चाहिये।
  3. कम्प्यूटर का उपयोग: बच्चों को इसका उपयोग विवेकपूर्ण ढ़ंग से करने के लिये प्रोत्साहित करना चाहिये जिससे आंखें थकें नहीं। कम्प्यूटर की स्क्रीन आंख के स्तर से नीचे होना चाहिये। यह आंखों को पूरा झपकने देती है जिससे सूखेपन और आंखों के थकान के लक्षण को कम किया जा सकता है। अत: बच्चों को अपनी आंखें अवश्य झपकाना और निश्चित अंतराल पर आंखों को आराम देना चाहिये।
  4. रोशनी: किताबों को पीछे से आने वाली रोशनी में 14 इंच की दूरी से पढ़ना चाहिये।
  5. अगर संतान किसी खेल में सहभागिता करता है तो उसे आंखों की रक्षा करने वाले चश्मों का प्रयोग करना चाहिये।
  6. स्नान करते समय क्लोरीन और अन्य रसायन से आंखों को बचाने के लिये सूरक्षात्मक चश्मोंको प्रयोग करें।
  7. स्कूली बच्चों में एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस पाया जाता है इससे बचने के लिये बच्चों को बार आंख पोछने से मना करना चाहिये।
  8. नवजात की आंखों में काजल लगाना और गुलाब्बजल से धुलना हानिकारक हो सकता है।
  9. नवजात और छोटे बच्चों को बहुत ही तेज़ और एकदृष्टि वाले खेलों का उपयोग करना उन्हें निराश करेगा।
  10. इलेक्ट्रोनिक यंत्रों पर गेम खेलना कम करें: सुनिश्चित करें की वे लम्बे समय तक खेल यंत्रों पर खेल न खेलें। वीडियो और पिक्चर भी इसमें शामिल हैं।
  11. नियमित अन्तराल: पढ़ने, कम्प्यूटर पर कार्य करने और ऐसे ही अन्य आंखों से होने वाले कार्यों के लिये नियमित अंतर दिया जाना चाहिये। उन्हें आंखों पर पानी के छिटें डालने की आदत डालनी चाहिये।
  12. दूर से वस्तुओं को देखना: अपने आराम के समय उन्हें वस्तुओं को दूर से देखना चाहिये। यह उनकी देखने की क्षमता को और अधिक बढ़ायेगा।
  13. खुली जगहों के खेलों को खेलना: बच्चों को खुले मैदानों के खेल खेलना चाहिये। इससे उनका पर्याप्त व्यायाम होगा और दृष्टि पर दबाव कम होगा।
  14. उन्हें पर्याप्त रोशनी वाली जगहों पर पढ़ाई करने के लिये प्रोत्साहित करना चाहिये।
  15. खेल यंत्रों या कम्प्यूटर की स्क्रीन को आंखो से दूरी पर रखें, ये स्क्रीने कम से कम 40 सेंटीमीटर की दूरी पर होना चाहिय्ये।
  16. आंखों को पर्याप्त आराम दे और उचित नींद के साथ ये दोनों ही आपकी आंखों की शक्ति को बढ़ायेंगे।
  17. किसी समस्या के होने पर या नियमित जांच के लिये आंख रोग विशेषज्ञ से मिलते रहना चाहिये। वह समय पूर्व आपके लिये उचित समाधान उपलब्ध करायेगा।

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जानें कैसे की जाती है आंखों की सही देखभाल

आंखों की देखभाल करना बहुत जरूरी है। यदि आंखों की ठीक प्रकार से देखभाल न की जाए तो आंखों में विकार पैदा हो सकते हैं। कंप्यूटर, मोबाइल, आईपौड, स्मारटफोन की बढ़ती मांग से आंखों को दिनादिन खतरा पहुंच रहा है। आंखों को बीमारियों से बचाने के लिए उनकी देखभाल जरूरी हो जाता है। आइए जानें कैसे करें आंखों की देखभाल।

आंखो के बचाव के तरीके

  • लगातार रोजाना दो से तीन घंटे कंप्यूटर पर कार्य करने से व्यक्ति में कंप्यूटर विजन सिन्ड्रोम के लक्षण देखने को मिल सकते है। कुछ सावधानियाँ बरतकर कंप्यूटर विजन सिन्ड्रोम से बचाव किया जा सकता है।
  • आंखों को सुरक्षित रखने के लिए कंप्यूटर, आईपैड, स्मार्टफोन से दूरी के साथ ही लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी है। तभी अधिकतर सीवीएस के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • जिस कमरे में कंप्यूटर हो उसमें उचित प्रकाश होना जरूरी है ज्यादा तेज रोशनी भी नहीं होनी चाहिए, एवं प्रकाश व्यक्ति के पीछे से होना चाहिये, सामने से नहीं।
  • जब भी कंप्यूटर के पास बैठें तो हर 20 मिनट के गैप में 20 सेकेंड के लिए स्क्रीन से नजरें हटा लें और 20 फुट दूर किसी फिक्स्ड प्वाइंट पर फोकस करें।
  • आइज मूवमेंट आंखों को बेहतर करने में लाभकारी है। ऑफिस या घर पर मॉनिटर को कुछ इस तरह सेट करें कि आंखें मॉनिटर के टॉप लेवल पर हों।
  • कंप्यूटर डिवाइस का कंट्रास्ट या ब्राइटनेस लेवल को सेट करें या एन्टीग्लेयर कवर और कंप्यूटर ग्लास फिट कराएं।


  • बेहतर लेंस का प्रयोग करें या एन्टी ग्लेयर (चौंध रहित) चश्मा पहने एवं चौंध रहित स्क्रीन का प्रयोग करना चाहिये।
  • जब कभी भी स्क्रीन के सामने घंटे भर से अधिक बैठे हों तो ड्राई आईज से बचने के लिए पलकें, धीरे-धीरे झपकाएं। साथ ही, सीवीएस से बचने के लिए स्मॉल ब्रेक्स और हेल्दी लाइफस्टाइल भी जरूरी है।
  • आंखों के लिए कंप्यूटर विजुअल चैलेंज हो सकता है पर जब परहेज के साथ इस्तेमाल किया जाए तो पर्मानेंट डैमेज कभी नहीं होने देता। आंखों में जब भी अच्छा सा महसूस ना हो तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
  • साल में एक बार आंखों की जांच जरूर करवाएं।
  • प्रतिदिन रात के समय में सोने से पहले अपनी आंखों को स्वच्छ ठण्डे पानी से धोएं।

आंखों में समस्या  होने पर लक्षण

आंख एवं सिर में भारीपन, धुंधला दिखना, आँख लाल होना, आँख से पानी जाना, आँख में जलन होना, आँख में खुजली होना, आँख का ड्राई आई, रगों का साफ न दिखना ।

अगर आप कंप्यूटर पर कार्य करते समय इन सावधानियों को ध्यान में रखकर कार्य करते हैं तब आप खुद को काफी हद तक कंप्यूटर विजन सिन्ड्रोम की समस्या से खुद को बचाये रख सकते हैं।



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Friday, January 29, 2016

कैसे बढ़ाएं ब्रेस्‍ट साइज

कैसे बढ़ाएं ब्रेस्‍ट साइज  
अगर आप अपना ब्रेस्‍ट साइज या कप साइज बढाना चाहती हैं और वो भी बिना पैसे खर्च किए हुए तो हम आपको बताएगें कुछ ऐसे प्राकृतिक तरीके जिनसे आप यह पा सकती हैं। वह औरतें जिनके स्‍तन देखने में छोटे लगते हैं, जब वह उन औरतों के सामने आती हैं जिनके स्‍तन बड़े और ठीक शेप में होते हैं, तो उनके मन में थोडी अजीब सी झिझक और हीन भावना रहती है। यहां दिए गए यह प्राकृतिक तरीके प्‍लास्‍टिक सरजरी से कहीं बेहतर हैं। अगर आप इस तरीके को अपनाएगीं तो महीने भर में आपका रिजल्‍ट आपके आंखों के सामने होगा। 

क्‍या है उपाय- 1.हर्बल ब्रेस्‍ट इंहैन्‍समेंट पिल- यह सबसे ज्‍यादा इस्‍तमाल की जाने वाली प्राकृतिक जड़ी- बूटी है जो ब्रेस्‍ट के साइज को बढाती है। इस जड़ी बूटी में मेथी, सौंफ, दामियाना आदि जैसे अनेक हर्ब होते हैं। यह दवाई अपना असर तब से दिखाना शुरु कर देती है जब लड़की यौवन में कदम रख देती है। यह दवा अपना असर 2-3 महीने के भीतर ही दिखाने लगती है। 2.हर्बल ब्रेस्‍ट इंहैन्‍समेंट लोशन- अगर आप ऊपर दी हुई दवाएं ले रहीं हैं तों इसके साथ यह लोशन-क्रीम भी लगा सकती हैं। इस क्रीम में भी कई प्रकार की जड़ी-बूटियां शामिल होने के साथ-साथ कुछ हल्‍के केमिकल्‍स भी मौजूद हैं। यह केमिकल्‍स ब्रेस्‍ट में फैट सेल का विकास करते हैं जिससे ब्रेस्‍ट का साइज बड़ा हो जाता है। अगर आपको अपने स्‍तनों में अंतर चाहिये तो इस लोशन से मसाज करें। 3.व्‍यायाम- यह तरीका ब्रेस्‍ट साइज बढाने का सबसे सस्‍ता और प्राकृतिक इलाज है। अगर आपको अपने ब्रेस्‍ट साइज बढाने हैं तो अच्‍छा होगा कि आप अभी से ही पुश अप करना शुरु कर दें। पर हां, इसको करने के लिए आपको पूरी लगन दिखानी होगी वरना आपका यह व्‍यायाम करना बेकार होगा। * कभी भी छोटे स्‍तन वाली महिलाओं को निराश नहीं होना चाहिये क्‍योंकि इस समस्‍या को ठीक करने के लिए ऐसे कई प्राकृति इलाज हैं जिसे अपना कर आप संतुष्‍ट हो सकती हैं। आपके स्‍तनों का आकार पूरी तरह से आपके हार्मोन पर र्निभर करता है। इसलिए चिंता न करें और अपनाएं हमारे दिए गए यह सरल उपाय। View commentsPost Co

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Breast growth tips in Hindi – भोजन, व्यायाम के साथ स्वाभाविक रूप से स्तन का आकार कैसे बढ़ाए

बहुत सी लड़कियों अपन स्तनों के आकार को लेकर बहुत चिंतित रहती हैं | आपके पास जो हैं उसे सोच के हमेशा खुश रहना चाहिए | आपके लिए आपका शरीर बहुत महत्वपूर्ण हैं यह हमेशा स्वस्थ्य और मजबूत रहने के साथ साथ आपको हमेशा आत्मविश्वास से पूर्ण और खुबसूरत भी दिखना चाहिए | अगर आप अपने स्तनों का आकर सच में बढ़ने चाहते हैं तो इसके लिए कई उपचार यहाँ दिए हुए हैं :

स्तनों को बढाने के तरीके

  • जो सबसे पहला तरीका हैं स्तनों को बढाने का वो हैं रोज़ व्यायाम करना | आपको रोजाना व्यायाम और संतुलित आहार लेना चाहिए | पुश अप्स से एक बहुत अच्छा व्यायाम हैं जो आपके स्तनों के आकार को बड़ा सकता हैं |  यह व्यायाम आपकी छाती के हिस्से को बढाती हैं जिसकी वजह से आपके स्तन भी बढ़ जाते हैं | दिन भर में कम से कम १५ के क्रम में ३ बार पुश उप्स करने चाहिए | ज़मीन पर पैर पेट के बल लेट जायें और अपने हाथों को अपने बगल में मोड़ के रखें | जब बगल में सेट हो जायें तो आपके हाथ आप उन पर जोर दे कर अपने शरीर को ऊपर और नीचे उठा सकते हैं | याद रखें की व्यायाम करते वक्त आपके पैर जमीन में ही टिके रहे | आप डम्बबेल भी उठा सकते हैं अपने स्तनों को बढ़ाने के लिए | आप ज़मीन पर लेट जायें और  डम्बबेल उठा के अपनी छाती पर रखें इस व्यायाम को ८ और १२ के क्रम से ३ बार करें एस्ट्रोजन युक्त भोजन करे| इसोमेत्रिक व्यायाम 
  • स्तनों को बाधा करने के एक और तरीके का व्यायाम हैं आप जमीं पे खड़े हो जायें और पैरों को इतना खोल लें जितने आपके कन्धों की चौडाई हैं अपनी बाखीं को आगे की तरफ लायें और नहाने वाली तौलिये को हाथ में पकडे और दोनों तरफ से खींचे इसे कम से कम ३ बार करें | इन व्यायाम को करने से निश्चित ही आपके स्तनों का आकर बढ़ जायेगा|
    • एस्ट्रोजन की मात्रा अपने खाने में बढ़ा सकते हैं जैसे की सोया उत्पादों को आप निश्चित ही अपने आहार में शामिल करें| एस्ट्रोजन की मात्र बढ़ने के लिए आप टोफू ,सोया बीन्स ,सोया चीज आदिका सेवन कर सकते हैं  | बाज़ार में एस्ट्रोजन के लिए बहुत दवाइ भी मिलती हैं आप उनका सेवन भी कर सकते हैं |

    • अगर आपका वजन बढेगा तो आपके स्तनों का आकर भी बढ़ जायेगा तो इसलिए संतुलित आहर लें |
    • गर्भावस्था के दौरान भी स्तनों का आकार बढ़ जाता हैं |

    • आप अपने स्तनों पे मेक अप भी कर सकते हैं उन्हें उभरने लके लिए लेकिन यह तभी संभव हैं जब आपने गहरे गले के कपडे पहने हों | लेकिन इसकी आदत न डालें क्यूंकि पर आप जिअसे हैं वैसे ही दिखने चाहिए | आप मेक अप में कांसीलर का इस्तेमाल कर सकते हैं अगरआपके पास नहीं हैं तो उसकी जगह पे आप गहरे रंग का ऑय शैडो इस्तेमाल कर सकते हैं |
    • पुश अप ब्रा पहनने से आपके स्तन और बढे लगते हैं | आप अपने सामान्य आकार से ज्यादा का भी ले सकते इससे आपके स्तन का आकर भी बढ़ा हुआ प्रतीत होता हैं | आपको ऐसी ब्रा पहने के बाद अच्छा महसूस होगा और आप उसके ऊपर जब कोई टॉप या ब्लाउज पहनेंगे तो आपका आत्मविश्वास और बढ़ जायेगा |
    • आप बाज़ार से चिकन फिल्लेट्स भी kharid सकते हैं इनके इस्तेमाल से आपके स्तन गोल और सुडोल दिखेंगे | वह आपकी त्वचा के ही रंग के और पारदर्शी रंग के आते हैं तो कोई पता नहीं कर सकता की आपने क्या इस्तेमाल किया हुआ हैं |

      • आप अपने स्तनों को बढ़ने के लिए बाज़ार में मिलने वाली क्रीम भी इस्तेमाल कर सकते हैं |कुछ और तरीके भी हैं जिससे की आप अपने स्तनों को बढ़ा सकते हैं जैसे की सर्जरी , इलेक्ट्रिकल एकुपंक्चर , फिल्लेर्स जैसे की इंजेक्टशन आदि | जो हमने ऊपर इस लेख में उपाय बताएं हैं उनका कोई विपरीत प्रभाव नहीं हैं |
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Thursday, January 28, 2016

HINDI TIPS FOR HOW TO INCREASE BREAST SIZE – स्तन वृद्धि के घरेलू उपाय

उम्र के साथ साथ स्तनों का समुचित विकास न होने से महिलाओं की सुन्दरता पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है और कभी कभी उनमें हीन भावना भी आने लगती है.
कुछ महिलायें ऐसे में महंगी और दर्द भरी कॉस्मेटिक सर्जरी का रास्ता भी चुनती हैं. लेकिन स्तनों के विकास के लिए हमारे घर की दादी-नानियों के पास ढेरों कारगर घरेलू नुस्खे मौजूद हैं.
आज मैं ऐसे घरेलू ब्यूटी टिप्स बताऊंगी जिनसे महिलाओं को अपने स्तनों के समुचित विकास में मदद मिल सकती है और वे हीन भावना से बाहर आकर अन्य महिलाओं की तरह सुन्दर दिख सकती हैं.

स्तन वृद्धि के घरेलू उपाय – विडियो

स्तन वृद्धि के बहुत ही आसान घरेलू उपाय मैं इस विडियो में बता रही हूँ.


स्तन वृद्धि के घरेलू उपाय – 1

  • रोज़ाना रात को सोते समय बादाम के तेल से अपने स्तनों पर 5 से 10 मिनट तक मालिश करें.
  • ऐसा रोज़ाना करने से 2 महीने में स्तनों का आकार बढ़ जाता है और वे सुन्दर दिखने लगते हैं.

स्तन वृद्धि के घरेलू उपाय – 2

यदि स्तन बहुत छोटे हों या लटक गये हों तो ये उपाय भी बहुत कारगर साबित हो सकता है.
  • 2 चम्मच प्याज का रस लीजिये. इसमें 1/4 चम्मच हल्दी पाउडर मिलायें और 1 चम्मच शहद मिला लीजिये.
  • इसे अच्छी तरह मिलाकर लेप बना लीजिये.
  • इस लेप से रात को सोते समय अपने स्तनों पर गोल गोल घुमाते हुए मालिश करें.
  • ऐसा रोज़ाना करने से स्तन कड़े और विकसित हो जाते हैं.

स्तन वृद्धि के घरेलू उपाय – 3

  • रोज़ाना 1 मुट्ठी अखरोट खाकर ऊपर से 1 कप गर्म दूध पीयें.
  • ऐसा रोज़ाना करने से स्तनों का आकार जल्दी ही बढ़ जाता है और सुन्दरता बढ़ जाती है.
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महिलाओं को ढीले स्तनों से बचाने की बेहतरीन सलाह – ब्रेस्‍ट को लूज होने से रोकने के लिए टिप्स

स्तन विभिन्न मास्पेशियों और कोशिकाओं से बना होता है जो उम्र के साथ सिकुड़ता है। स्तनों के सिकुड़ने के कारण ये ढ़ीले पड़ने लगते हैं। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो महिलाओं में पचास वर्ष के बाद शुरू होता है। लेकिन ऐसे कई कारण होते है जिसके कारण कम उम्र की महिलाओं के भी स्तन फैलने लगते हैं। स्तन शरीर का एक आवश्यक अंग है जो महिलाओं को पुरुषों से अलग करता है। एक महिला के सही आकार को उसके सीने और आकार से निर्धारित किया जाता है। उम्र और किसी अन्य कारण से महिलाओं के स्तन ढ़ीले हो जाते हैं। लेकिन ऐसे कई तरीके है जिनसे महिलायें उचित आकार के सीने को पा सकती हैं। अगर आप अपने पेट और जांघों की वसा को लेकर चिंतित है तो आपको अपने ढ़ीले स्तनों की देखभाल करनी चाहिये। एक महिला के स्तन आकर्षण और स्त्रियत्व के प्रतीक हैं, यद्य्पि, प्राय: उम्र बढ़ने की प्राकृतिक प्रक्रिया ढीले स्तनों का कारण होती है। यह अन्‌चाहा परिणाम उम्रवृद्धि, क्रोध करने, गर्भावस्था और नाजायज अभ्यास के कारण होता है।

स्तनों (ब्रेस्‍ट) के ढ़ीले होने के कारण (Causes of breast sagging)

ऐसे कई कारण है जिससे स्तन ढ़ीले हो जाते हैं। उम्र के अलावा अनुचित वस्त्र पहनावा, जीवनशैली में बदलाव, हार्मोनों में बदलाव और अचानक से वजन में कमी या वृद्धि भी प्रमुख कारण है। गर्भावस्था भी स्तनों के फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। गर्भावस्था के दौरान लिगामेंट में फैलाव के कारण स्तनों के आकार में वृद्धि हो जाती है। कुछ बिमारियां जैसे स्तन कैंसर या श्वसन समस्या जैसे तपेदिक ढ़ीले स्तनों को बढ़ावा देता है। इनके अतिरिक्त धूम्रपान, नशीले पेय और कार्बोनेट आधारित पेय भी स्तनों को ढ़ीला कर सकते हैं। एक महिला के स्तन स्त्रियत्व की अस्ति और आकर्षण का प्रतीक होती हैं। यद्यपि, प्राय: जीवन की प्राकृतिक वृद्धि निर्दयी ढ़ीले स्तनों को प्रोत्साहित करता है। यह अन्‌चाहा परिणाम उम्रवृद्धि, क्रोध करने, गर्भावस्था और नाजायज अभ्यास के कारण होता है।
  • सही फिटिंग की ब्रा पहनें (Wear a correct fitting bra) : ढ़ील्र स्तनों का सबसे प्रमुख कारण उचित ब्रा का चयन न करना है।यह बहुत ही आवश्यक है कि सही आकार की ब्रा का चुना जाय, यह स्तन को सही रूप में रखता है और सम्पूर्ण आकर्षण को बढ़ाता है। ब्रा पहनने के बाद सुनिश्चित करें कि आपके स्तन उछलें नहीं। जब पट्टियां ढ़ीली हो जाय, या तो उसे सिकोड़ या बदल दें। अगर आपको अपने ब्रा का साइज़ नहीं पता है तो किसी पेशेवर से अपने साइज़ को सही तरीके से मूल्यांकित करायें। कई ब्राण्डेड लिंजरी दुकानों पर यह सेवा मुफ्त में उपलब्ध है।
  • मालिश (Massage) : ब्रेस्‍ट को सही आकार में रखने के लिये रोज़ मॉइस्चराइज़र लगायें। यह त्वचा को कोमल रखेगा और आपके स्तनों को की लोचता बनाने में सहायता करेगा। अपने स्तनों पर हल्के हाथों से नीचेसे ऊपर और ऊपर से नीचे गोला करते हुये मालिश करें।
  • सही ढ़ंग (Correct posture) : बुरा ढ़ंग ब्रेस्‍ट को ढ़ीला होने में प्रोत्साहन कर सकते हैं। अपने स्तनों को सुदृढ़ और उठा हुआ बनाये रखने के लिये, आदतन सीधे खड़े हो और उठते या कार्य के समय झुके नहीं।
  • स्थिर भार (stable heaviness) : नियमित व्यायामऔर संतुलित आहार के द्वारा वजन को स्थिर बनाये रखें। वजन का लगातार घटना और बढ़ना त्वचा को फैला देता है जिसके कारण स्तनों की लोचता फैल जाती है।
  • अन्चाहे अभ्यास (unwarranted workout) : आवश्यकता से अधिक कोई भी चीज़ बुरी है इसलिये अन्चाहे अभ्यास में कमी करें। इसे अधिक समय तक न हिलायें और सहायता देने वाले और चिपके ब्रा को पहने जब व्यक्तिगत कार्य आवश्यक हो। बड़े स्तनों का भार लुढ़के स्तनों के द्वारा त्वचा को बढ़ा देता है।
  • नम रहें (Be Hydrated) : अपने शरीर को नम रखने के लिये प्रतिदिन कम से कम 8 ग्लास पानी पियें।कम पानी वाली त्वचा प्राय: झुर्रीदारऔर ढ़ीली होती है। ढीले स्तनों के कारण आप चिंतित और अल्प-आत्मविश्वासी हो सकती है, याद रखें सुगठित स्तन सम्पूर्णत्व को वयक्त करते है जिसे आप आसानी से पाकर आकर्षक और बेहतर दिख सकती हैं।

स्तनों (ब्रेस्‍ट) को ठोस रखने के तरीके (ways to firm the breasts)

वजन का ध्यान रखें (maintain a proper weight)

हर किसी को उचित वजन रखना चाहिये, वजन में कमी या वृद्धि स्तनों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। स्तनों की त्वचा वजन बढ़ने के साथ फैलती है और अचानक से वजन में कमी ढ़ीलेपन को बढ़ाती है।

बहुत सारा पानी पियें (consume plenty of water)

ऐसा विश्वास किया जाता है कि त्वचा कोशिकाओं से बनी होती है जिसमें पानी भरा रहता है। स्तनों की त्वचा पानी की कमी के कारण सुस्त और सिकुड़ने लगती है। पानी की कमी त्वचा पर सूखेपन, परतदार और झुर्रियों को देता है। यह उम्र से पहले स्तनों को ढ़ीला और फैला हुआ बना देता है।

पोषण और व्यायाम (Nutrition and excrcise)

स्वास्थ्यकारी खाद्य और नियमित व्यायाम अतिरिक्त वजन को हटाने में काफी प्रभावी होता है। पोषण जैसे प्रोटीन की कमी स्तनों की वृद्धि और सहायता के लिये आवश्यक है। आहार में प्रोटीन की कमी स्तन मासपेशियां को मजबूत और ठोस होने में कमी को बढ़ावा देता है जो स्तनों को ढ़ीला बना सकता है।दैनिक संतुलित आहार में शामिल पोषण जैसे प्रोटीन, खनिज, कार्बोहाइड्रेट और वसा स्तन के चारों ओर की त्वचा को स्वस्थ रखता है। यह आपको सलाह दी जाती है कि दैनिक भोजन में गाजर, पत्तागोभी, टमाटर, फूलगोभी आदि को शामिल करना चाहिये। पोमीग्रांट स्तनों के ढ़ीलेपन से बचाने के लिये एक आदर्श सामग्री है। पोमीग्रांट बीज का तेल पोषणों से भरपूर है जो स्तनों को ठोस बनाने में सहायता करता है।

स्तनों (ब्रेस्‍ट) का हिलना (Breast Movement)

स्तन वसा से बने होते है न कि मांसपेशियों से, इसलिये इसमें कसाव लाने के लिये कुछ भी नहीं है। सीने के व्यायाम स्तन के चारों ओर के लिगामेंट को मजबूत करने में सहायता करते हैं जो स्तनों को भरने में सहायता करते हैं। सीने के लिये सबसे आसान व्यायाम पुश-अप है जिससे स्तनों के नीचे की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यह सीने के चारों ओर जमा वसा को कम करने में सहायता करके स्तनों को सही आकार देता है।

स्तन (ब्रेस्‍ट) के फैलने से बचाने के टिप्स (Tips to prevent sagging breast)

स्वस्थ आहार (healthy diet)

आपका शरीर जिसमें स्तन भी शामिल, को सभी प्रकार के विटामिन और पोषकों की आवश्यकता है। आपका शरीर हमेशा संतुलित आहार चाहता है जिससे नये और स्वस्थ कोशिकायें पुरानी कोशिकाओं की जगह बन जायें। आपके आहार में समुचित विटामिन को शामिल करने से, आपके स्तन की कोशिकायें मजबूत होंगी। जिससे अपने आप ही फैलाव से दूर हो सकेंगी। आपको अपने शरीर में ओमेगा3 वसा अम्ल को शामिल करना चाहिये जिससे कि आप स्तन कैंसर से आसानी से बच सकते हैं। ताजे सब्जियों जैसे गाजर, पालक, चुकंदर आदि के साथ विभिन्न आनज स्वस्थ रखेंगे।

धूम्रपान छोड़ें (Quit smoking)

कुछ महिलाओं को नियमित सिगरेट पीने की आदत होती है। यह कभी सोचा भी नहीं गया था कि कभी नशे की आदतों से पुरूषों को दूर रखने वाली महिलायें आज के समय में नशे के लत की शिकार हो रही है। यह महिलाओं के शरीर में विभिन्न समस्याओं को दे रही है। इनमें से स्तनों का ढ़ीलापन एक है। आपको तुरंत धूम्रपान छोड़ना चाहिये अगर आप स्तनों को ढ़ीला होने से बचना चाहती हैं।

पुरानी ब्रा को बदलें (replacement of old bra)

कुछ महिलायें होती है जो लगातार अपनी पुरानी या ढ़ीली ब्रा को पहनती रहती हैं। वे कहती है कि ये आरामदायक होती है। लेकिन, वे इस तथ्य से अंजान होती हैं कि इन ढ़ीली ब्रा को पहनना स्तनों को फैला देगा। अच्छा होगा हर छ: महीने में ब्रा को बदल दें जिससे कि यह आपके स्तनों को सम्भाले रहे और फैलने से भी बचाये रहे। अगर आपके स्तन भारी है, तो अच्छा होगा कि आप ऊपर उठाने वाले ब्रा का चुनाव करें।

जैतून के तेल का उपयोग करे (use olive oil)

जैसे आप शरीर के सभी अंगों पर मालिश करते हैं, उसी प्रकार स्तनों की मालिश भी आवश्यक है अगर आप आने वाले वर्षों में फैले हुये स्तन नहीं चाहती हैं। जैतून के तेल का एंटीऑक्सीडेंट गुण आपके शरीर से मुक्त रैडिकल को हटा देगा। अगर आप नियमित इसका उपयोग करती हैं तो आपको मांसल स्तन आसानी से मिल जायेंगे। इसके लिये अपने हाथों पर जैतून तेल की कुछ बूंदें लेकर स्तन के चारों ओर निप्पल को छोड़कर लगायें। आपको अपनी हथेलियों से स्तन को नीचे से ऊपर की ओर रगड़ना चाहिए। आपको अपने स्तन गोलाकार गति में ऊपर उठाते हुये मालिश करना चाहिये जिससे कि ये ऊपर उठे और फैलने से भी रूके।

अंडे से उपचार (Egg white treatment)

कुछ लोगों को शायद पता नही हो कि अंडे का सफेद भाग त्वचा के पोषण गुण को रखता है जो स्तन कोशिकाओं की मरम्मत करता है। अगर आपके स्तन के चारों ओर की त्वचा ढ़ीली हो रही है तो इस समय इसके लाभ को लेना चाहिये। आप एक अंडा लेकर जर्दी को निकालें और इसके सफेद भाग को फेंट लें। इसको फेंटने पर झाग मिलेगा। एक ब्रश की सहायता से अपने स्तनों के ऊपर लगा लें। 20 मिनट तक इंतजार करें जबतक कि यह आपके स्तनों को कस नहीं लेता है। 20 मिनट के बाद पानी के साथ धुल दें।

फैले स्तनों के लिये खीरा और अंडा (Cucumber and egg yolk for saggy skin)

अंडे और खीरे को मिलाकर एक अद्भुत मास्क बना सकते हैं। जर्दी को बाहर निकालकर इस प्रकार से फेंट लें जिससे कि यह हल्का पीले रंग का हो जाय। 2 चम्मच मसले हुये खीरे को इसमें मिला दें। अब इसमें एक चम्मच क्रीम या मक्खन मिला दें जिससे एक अच्छा लेप बन जाय। इसे अपने स्तन के ऊपर लगायें और 30 मिनट के लिये छोड़ने के बाद ठंडे पानी से धुल दें। आपके स्तन लम्बे समय तक ठोस और खूबसूरत रह सकेंगे।

स्तन (ब्रेस्‍ट) का मास्क (breast Mask)

यह मास्क विटामिन ई के तेल, दही और अंडे को साथ मिलाकर बनाया जाता है। इन सभी सामग्रियों को मिलाकर स्तन पर लगा लें। 10 मिनट तक लगाये रखने के बाद ठन्डे पानी से धुल दें।बर्फ से मालिश (Ice massage) बर्फ, त्वचा और स्तन को रंगत देने में सहायता करता है। कुछ बर्फ के टुकड़े को लेकर स्तन पर मालिश करें। इसको करने के लिये बर्फ को मसल लें और एक ज़िप से बंद होने वाले बैग में भरकर दिन में कई बार स्तनों की मालिश करें जिससे स्तन की त्वचा ठोस हो सकेगी।

पौधे के तेल (Plant oils)

वनस्पतियों के तेल जैसे नारियल तेल, बादाम तेल, जैतून तेल और अंगूर के बीज के तेल से स्तन के चारों ओर मालिश त्वचा को पोषण देकर ठोस बनायेगा। वनस्पति तेलों के अतिरिक्त आवश्यक तेल जैसे, गाजर तेल, नीबू घास का तेल और सौंफ बीज तेल त्वचा में लोचता और कोमलता को फिर से पाने में सहायता करेगा। दिन के दौरान कई बार इन तेलों से मालिश करना आपको लाभ पहुचायेगा।
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Hindi tips for tightening / firming breasts – स्तनों की कसावट के घरेलू उपाय

ढीले स्तन महिलाओं के लिए एक बड़ी समस्या का कारण होते हैं एवं उन्हें ऐसे उत्पाद की हमेशा से आवश्यकता रही है जो उनके स्तनों को सुडौल बनाकर उनमें कसावट भर दें। स्तनों के ढीले होने का कारण हर महिला के क्षेत्र में अलग अलग हो सकता है। आपको हमेशा अपने अपने स्तनों की अच्छे से देखभाल करनी चाहिए क्योंकि ये शरीर एक उन भागों में से एक है जो एक महिला को पुरुषों से अलग करता है। मर्द भी हमेशा अपनी पत्नी या संगिनी के स्तनों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता में रहते हैं। जब भी आप सज संवर कर कहीं जाती हैं या अपनी मनपसंद पोशाक पहनती हैं तो आपके स्तन आपकी सुंदरता में चार चाँद लगाते हैं।
शोध के अनुसार ३५ की उम्र पार करने के बाद धीरे धीरे महिलाओं की त्वचा ढीली होनी शुरू हो जाती है। यह महिलाओं के उम्रदराज होने का एक प्रमाण भी है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान जब एक बच्चा माँ का दूध पीता है तो स्तनों से दूध निकलने के फलस्वरूप उनके स्तन झुक जाते हैं और ढीले पड़ जाते हैं। स्तनपान के कारण महिलाओं के सीने के तंतु ढीले पड़ जाते हैं। एक माँ लिए अपनी सुंदरता एवं स्वास्थ्य त्याग देती है और उसके स्तन अपना सही आकार खो देते हैं।

स्तनों की कसावट के कुछ उपाय (Home remedies for tightening and firming breasts)

योग (Yoga for toning breasts)

शोध के अनुसार योग करने से शरीर के विभिन्न मांसपेशियों को नयी ऊर्जा एवं स्फूर्ति प्राप्त होती है। सांस अंदर करने एवं बाहर छोड़ने वाला व्यायाम सेहत के दृष्टिकोण से काफी अच्छा होता है पर अगर आप इस व्यायाम को सही ढंग से करें तो इससे आपके स्तनों में भी कसावट आ सकती है। शरीर के विभिन्न अंगों की परेशानियां दूर करने के लिए योग के कई प्रकार हैं। स्तनों की कसावट के लिए हाथ,कंधे,सीने एवं अन्य अंगों का व्यायाम अनिवार्य है। शीर्षासन,पैरों का व्यायाम तथा पीठ सीधी करने के लिए किये जाने वाले व्यायाम से भी आपको वक्षों में कसावट आती है।

रोज़ाना का शारीरिक परिश्रम (General physical activity)

रोज़ाना किये जाने वाले घर के कार्यों से भी आपके बिना जाने आपके स्तन कसते हैं। कुछ ऐसे काम होते हैं जो कि काफी मेहनत वाले होते हैं एवं उन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता,परन्तु कामों को करने से शरीर भी स्वस्थ रहता है एवं ढीले स्तनों में भी जान आती है। अगर ज़्यादा दौड़भाग,जॉगिंग एवं इस तरह के अन्य व्यायाम आपकी दिनचर्या में शामिल हैं तो इससे कसावट की प्रक्रिया तीव्र होती है। हालांकि ढीले स्तन होने की स्थिति में ज़्यादा दौड़भाग उचित नहीं है क्योंकि इससे स्तनों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है परन्तु इसका भी एक उपाय है। आप अपनी नाप की स्पोर्ट्स ब्रा खरीदें जिससे आपके स्तन अत्याधिक हिलने डुलने से बचे रहे।

ख़ास तरह की ब्रा (pushup bras to uplift the breasts)

जिन महिलाओं को स्तन झूलने एवं ढीले होने की शिकायत रहती है वे अपने स्तनों का आकार सही रखने के लिए ख़ास तरह की ब्रा खरीद सकती हैं। पुश अप ब्रा खरीदें जो कि आपके स्तनों को झूलने से रोकता है एवं ढीला होने से बचाता है।अगर आप सही नाप की ब्रा लेने में असफल हो रही हैं तो दूकान के कर्मचारी आपकी सही ब्रा खरीदने में मदद कर सकते हैं।

बर्फ की मसाज(Ice messaging to firming the bust)

यह तरीका ज़्यादातर लोगों को पता नहीं है परन्तु बर्फ की मसाज करके भी आप अपने स्तनों को ढीला होने से रोक सकती हैं। बर्फ आपके स्तनों को उभार देता है और उन्हें ढीला होने से रोकता है। २ बर्फ के टुकड़े लें और उन्हें गोलाकार मुद्रा में अपने स्तनों के आसपास घुमाएं। इसे १ मिनट से ज़्यादा न करें क्योंकि स्तनों के पास की त्वचा काफी संवेदनशील होती है।

मुद्राएं (Olive oil massage for firming)

ढीले स्तनों का एक और कारण खराब मुद्राओं में उठना बैठना भी है। अगर आपो हमेशा कंधे झुकाकर बैठी रहती हैं तो इसका आपके स्तनों पर खराब प्रभाव पडेगा। इस मुद्रा में बैठने वाली ज़्यादातर महिलाओं को ढीले स्तनों की समस्या होती है। हमेशा सीधे होकर बैठने का प्रयास करें।

तेल का प्रयोग

आप अपने स्तनों पर बाज़ार में मिलने वाले कई तरह के तेल जैसे पुदीने का तेल,सौंफ का तेल,गाजर का तेल आदि लगा सकती हैं। तेल लगाकर अपने स्तनों पर गोलाकार मुद्रा में मालिश करें। तेल को ज़्यादा मात्रा में ना लगाएं बल्कि २-३ बूँदें एक स्तन पर लगाएं। ज़्यादा मात्रा में लगाने से यह तेल आपके स्तनों में जलन पैदा कर सकते हैं। अगर आप वनस्पति तेल में मिलाकर इसका प्रयोग करें तो ज़्यादा अच्छे परिणाम सामने आएंगे।
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How to make nipples smaller in hindi? – निपल्स को छोटा बनाने के उपाय

किसी भी महिला के शरीर का हर एक भाग आकर्षक नहीं होता है, पर उनका सपना यही होता है कि वे अपने शरीर के हर हिस्से को सुन्दर तथा आकर्षक बनाएं। आमतौर पर कुँवारी लडकियां और महिलाएं अपने शरीर के किसी भाग के असामान्य होने को लेकर काफी चिंता में रहती हैं, चाहे वो भाग उनका ब्रेस्ट, स्तन, निपल, कमर या पृष्ठ भाग हो। वे इन सारे हिस्सों का आकार काफी आकर्षक बनाना चाहती हैं जिससे कि उनका साथी शादी के बाद उनसे पूरी तरह संतुष्ट रहे। कई महिलाएं अपने शरीर के आकार में मनचाहा परिवर्तन करने हेतु सर्जरी (surgery) का भी सहारा लेती हैं। निपल्स का बड़ा होना भी एक ऐसी ही समस्या है जिससे कई महिलाएं गुज़रती हैं। परन्तु अब अपने निपल्स के आकार को छोटा करके उसे आकर्षक बनाना काफी आसान काम हो गया है। नीचे ऐसे ही कुछ तरीकों के बारे में बताया गया है। निपल्स के भी हैं कई फायदे –

रंजकता भरी त्वचा को हटाना (Removal of pigmented skin)

बड़े निपल्स होने का एक कारण आपके निपल्स के ऊपर एक रंजकता भरी (pigmented) त्वचा की परत का जम जाना है। अगर इस रंजक त्वचा को सही प्रकार से निकाला जा सके तो निपल्स के आकार को छोटा करना संभव हो सकता है। परन्तु इस प्रक्रिया के कुछ साइड इफेक्ट्स (side effects) भी हो सकते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान आपके निपल्स के अरियोला (ariola) के क्षेत्र में घाव हो सकता है। इसके अलावा रंजकता भरी त्वचा के निकालने के बाद आपके स्तन सपाट भी हो सकते हैं। ब्रेस्टफीडिंग में आपके निपल्स के ऊपर एक रंजकता भरी (pigmented) त्वचा की परत का जम जाती है।

प्लास्टिक सर्जरी (Plastic surgery)

कई डॉक्टर आपको निपल्स का आकार छोटा करने के लिए प्लास्टिक सर्जरी करवाने की सलाह भी देते हैं। इस क्रिया के लिए हमेशा ही किसी अनुभवी और जाने माने शल्य चिकित्सक की ही मदद लें। कई शल्य चिकित्सक इतने अनुभवी होते हैं कि वे सर्जरी के बाद ब्रेस्ट स्तनों पर कोई भी दाग नहीं छोड़ते और इस भाग को इतना आकर्षक बना देते हैं कि आपको पता भी नहीं चलेगा कि आपके स्तन में कभी कोई असामान्यता थी।

व्यायाम (Exercise)

अगर आप सर्जरी नहीं करवाना चाहती तो आपके लिए व्यायाम करना सर्वश्रेष्ठ विकल्प साबित हो सकता है। अपने ट्रेनर (trainer) से सलाह करें और उनकी मदद से ऐसा प्रभावी व्यायाम करने की कोशिश करें जिससे आपके निपल्स का आकार कुछ ही महीनों में काफी छोटा हो जाए। आप ऐसे व्यक्तियों से ऑनलाइन (online) भी सलाह मशविरा कर सकती हैं। ऐसे कई स्वास्थ्य जानकार हैं जो आपको सही दिशा दिखाकर आपके निपल्स का आकार कम करने में आपकी मदद करेंगे।

स्क्रबिंग (scrubbing)

कई बार निपल्स इसलिए बड़े लगते हैं क्योंकि उनपर त्वचा की मृत परत जमी हुई होती है। इसके लिए आपको सिर्फ स्क्रबिंग करने की ज़रुरत होती है जिससे मृत त्वचा पूरी तरह हट जाए। आपको बाज़ार मेंऐसे कई फेशियल स्क्रब्स (facial scrubs) मिलेंगे जिनकी मदद से आप निपल्स के ऊपर की मृत त्वचा को हटा सकती हैं। एक बार स्क्रबर (scrubber) का प्रयोग करने के बाद आपको इसे अपनी उँगलियों से अच्छे से रगड़ना होगा। इसके बाद इसे पानी से धो लें। आप स्क्रबर का प्रयोग करने के बाद एक प्युमिस स्टोन (pumice stone) की मदद से भी निपल्स के ऊपर की मृत त्वचा निकाल सकती हैं, क्योंकि यह प्रक्रिया ज्यादा प्रभावी साबित होती है।

सर्जरी (Surgery)

शल्य क्रिया एक प्रभावी माध्यम है जिसकी मदद से आप अपने निपल्स का आकार छोटा कर सकती हैं। परन्तु इस प्रक्रिया के दौरान ब्रेस्ट स्तनों पर दाग हो जाने की काफी अधिक संभावना होती है, अतः महिलाएं इस पद्दति का प्रयोग करने से डरती हैं। परन्तु आजकल नवीनतम तकनीकों के आ जाने की वजह से सर्जरी की प्रक्रिया इतनी भी जटिल नहीं रह गयी है। अतः इस प्रक्रिया में अब दाग छूट जाने की संभावना ना के बराबर ही होती है। जिन महिलाओं के निपल्स बड़े हैं वे सर्जरी का रास्ता अवश्य चुनें, पर एक बार इसके पहले इसे करने वाले डॉक्टर तथा इस पूरी प्रक्रिया के बारे में अच्छे से जान ज़रूर लें।

हार्मोनल इंजेक्शन (Hormonal injection)

कई बार हार्मोनल समस्याओं की वजह से भी शरीर के विभिन्न भाग असामान्य आकार के हो जाते हैं। आप अब अपने निपल्स का आकार घटाने के लिए हार्मोनल इंजेक्शन्स भी ले सकती हैं। पर इसके कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। अतः अपने डॉक्टर से इस बारे में बात अवश्य कर लें और वही इंजेक्शन लगाएं जो आपके शरीर के अनुरूप हो।

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दादी मां की टोकरी में है काले घेरे दूर करने के उपाय

 आपकी आंखें आपके मन की गहराइयों को समझते हुये वो सब कह जाती हैं जो आपकी जुबां नहीं कह पाती है। इस रोमांटिक मौसम में जब आप किसी खास से मिलने के लिये पूरे मेकअप के साथ, सुंदर सी ड्रेस और स्टाइलिश सैंडल पहन कर तैयार होती हैं उस समय आप खुद को एक सुंदर परी के रूप में महसूस करती हैं, पर यह सुंदरता उस समय फीकी पड़ती है जब आप अपने आप को शीशे में निहारने के बाद कुछ कमी महसूस करती हैं। आखिर क्या है वो कमी…. जो आपके हसीन से सुंदर चेहरे में एक ग्रहण का काम कर रही है और इस कमी को आपका मेकअप भी नहीं छुपा पा रहा। वो है आपकी आंखों के चारो ओर के काले घेरे जो चेहरे की सारी रौनक को बिखेर कर रख देते हैं और चेहरा भद्दा दिखाई देने लगता है। इसके लिये जरूरी है चेहरे व आंखों के नीचे की परत की उचित देखभाल, क्योंकि आंखों के आस-पास की त्वचा काफी नाजुक और चेहरे के अन्य भागों की अपेक्षा ज्यादा पतली भी होती है। इसलिये इसकी ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है।
dark cercileआंखों के नीचे पड़ रहे काले दाग से आपकी त्वचा अस्वस्थ और बेजान नजर आती है। ये काले दाग तभी होते हैं जब आपकी जीवन शैली अनियमित रूप से चलती है। आपका रहन-सहन, खान-पान, तनाव भरी जिंदगी, नींद पूरी ना होना सहित कई ऐसे कारण हैं जो इस समस्या को शुरू करते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिये आप ना जाने क्या-क्या प्रयास करती हैं। हर विज्ञापन को देख क्रीम और दवाइयों का उपयोग करती हैं, पर इसका असर मात्र कुछ ही क्षणों का होता है। जब तक दवाइयों या क्रीम का असर रहता है तब तक आपको राहत मिलती है फिर आप इस दाग से परेशान होकर दूसरा उपाय खोजने लगती हैं, पर आपको अब घबराने की आवश्कता नहीं है। यहां हम आपको ऐसे ही घरेलू उपचार बता रहे हैं जिससे आप काफी हद तक इस समस्या से निजात पा कर अपने चेहरे की रौनक को बरकरार रख सकती है। आइये बताते हैं आपको आंखों के काले घेरों से बचने के कुछ घरेलू उपाय।

काले घेरे होने के कारण-

  • अत्यधिक थकान
  • मानसिक तनाव
  • बुढ़ापा
  • बीमारी
  • अनुवांशिक
  • नींद पूरा ना होना
  • शरीर में कैल्शियम और विटामिन की कमी।
  • sleeping

दादी के पिटारे के कुछ घरेलू उपचार

  • सबसे अच्छा और आसान उपाय है आठ घंटे की नींद। नींद पूरी ना होने से भी कई बीमारियां घर कर जाती हैं। यह आप के लिए बहुत जरूरी है। नियमित रूप से आठ घंटे की पूरी नींद लें।
sleeping
  • अगर काले घेरे होने के साथ-साथ आंखों के नीचे सूजन भी आ रही है तो कच्चे ककड़ी या आलू के दो स्लाइस लें और अपनी पलकों पर करीब 15 से 20 मिनट तक रखकर छोड़ दें। इससे आपकी थकान तो दूर होगी ही डार्क सर्कल हमेशा के लिये गायब हो जायेंगे।
  • काले घेरे को दूर करने के लिये गुनगुने पानी से आंखों को धो लें। इससे आंखों की सफाई के साथ-साथ आंखों में रक्त संचार बढ़ता है, जिससे थकान दूर होने से आराम मिलता है। इसके अलावा आप नीबू के रस में खीरे के रस को मिलाकर आंखों के आस-पास नियमित रूप से रोज इसी तरह लगायेंगी तो इसका असर आप को जल्दी ही देखने को मिलेगा।
  • शरीर में पानी की कमी की वजह से भी काले घेरे हो जाते हैं। इसलिए दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिये।
drinking wate
  • आंखों के नीचे काले घेरे को हटाने के लिए गेहूं के आटे का चोकर या जौ के आटे में चुटकी भर हल्दी को कच्चे दूध में मिलाकर गाढ़ा घोल बनाएं और आंखों के आस-पास लगाएं। सूख जाने पर धीरे- धीरे रगड़ कर चेहरा धो लें। इस प्रकार इसे कुछ महीने तक करते रहने से काले घेरे पूरी तरह से ख़त्म हो जायेंगे।
  • बादाम का तेल या बादाम का पाउडर बनाकर उसे कच्चे दूध में मिलाकर लेप तैयार करें और इस लेप को आंखों के काले घेरे वाले भाग पर लगायें। अगली सुबह ठंडे पानी से धो लें। इस उपचार से त्वचा में निखार आता है। इसके अलावा बादाम का तेल भी काले घेरे को दूर करने के लिये व चेहरे के निखार के लिये काफी फायदेमंद होता है, क्योंकि बादाम में विटामिन ई की प्रचुर मात्रा पाई जाती है।
  • drinking wate
Almond Oil
  • आंखों के नीचे पड़ रहे काले घेरे को दूर करने के सबसे जरूरी उपाय है पोषक तत्वों को अपने भोजन में शामिल करें। जो आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ आपके चेहरे की सुंदरता को निखारने में काफी फायदेमंद साबित होता है।
  • डार्क सर्कल से जल्दी ही छुटकारा मिले इसके लिये आप बादाम के तेल की मालिश चेहरे पर और आंखों के आस-पास रोज करें, जल्द ही आपको इसका असर देखने को मिलने लगेगा।
  • सुबह की चाय पीने के बाद यूज किये हुये टी बैग्स को फ्रिज में रख दें। जब भी आपको समय मिले उसे फ्रीज से निकालें और थोड़ी देर के लिये बाहर ही रखे रहने दें, जिससे उसका तापमान रूम के तापमानुसार हो जाये। इसके बाद आप उसे अपनी आंखों पर रखें। ऐसा करने से आपको काफी आराम मिलेगा और जल्दी ही काले दाग से छुटकारा पा सकेंगी। ठंडा टी बैग आंखों के हिस्से को पुर्नजीवित कर आंखों के नीचे की सूजन को कम करता है।
  • tea bags
tea bags
  • अपनी त्वचा पर क्रीम को लगाते समय तेजी से मालिश ना करें, हल्के हाथों से मालिश करें। तेजी से मालिश करने से त्वचा पर खिंचाव होता है।
  • इसके अलावा आप जिस क्रीम का उपयोग चेहरे की सुंदरता को निखारने के लिये करती हैं उसे आखों के नीचे या आस-पास की त्वचा पर ज्यादा देर तक ना लगी रहने दें। हमेशा आप रात को सोने से पहले चेहरे को पानी से अच्छी तरह धोकर ही सोयें। जिससे चेहरे पर लगा मेकअप भी साफ हो जाये।
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