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Saturday, January 28, 2017

ऑफिस में पहने जाने वाले कपड़े या आपके ऑफिस आउटफिट्स कैसे होने चाहिए ,जानिए

आज के दौर को देखते हुये यह बात दावे के साथ कही जा सकती है कि ऑफिस में पहने जाने वाले कपड़े या आपके ऑफिस आउटफिट्स आपके एटीट्यूड के लिए महत्व रहता है और आपके व्यवहार का भी परिचय देने में काफी होता है। नौकरी के क्षेत्रों में अभी भी सूट और टाई का विशेष महत्व है। ऑफिस के शुरुआती दिन आरामदायक कपड़ों से थोड़े दूर ही होते हैं और आपको कैजुअल ड्रेस का इस्तेमाल नियमित रूप से करना पड़ता है। यह ज़रूरी भी है क्योंकि आपक्जा पहला इंप्रेशन ही आपका आखिरी इंप्रेशन भी होता है, शुरुआत में आप किसी पर अपना जो प्रभाव छोड़ देते हैं उसकी छबि सामने वाले के दिमाग में हमेशा के लिए वैसी ही बन जाती है जिसे मिटाना थोड़ा मुश्किल होता है, इसीलिए अपने ऑफिस के शुरुआती दिनों को कैजुअल बनाने की कोशिश करें। आपके द्वार अपहने गए कपड़े, जूतों, टाई आदि से आपकी पर्सनालिटी की पहचान होती है और ऑफिस में पहले से ही मौजूद अनुभवी लोग आपके इस पहनने के ढंग से आपके बारे में बहुत कुछ आपके बिना बताए ही पता कर लेते हैं।

ऑफिस के लिए तैयार होते समय ज़रूरी बात, जूतों पर सबसे पहले ध्यान दें (Startup tips : Start with the shoes)

ऑफिस के लिए आपको बहुत फ़ैन्सी दिखने वाले जूतों की ज़रूरत नहीं है, बल्कि आपको यह ध्यान में रखना चाहिए कि आप जिन जूतों का इस्तेमाल ऑफिस के लिए करने जा रहे हैं वे दिखने में शालिन हों और एक क्लासी लुक दें। इस श्रेणी में गहरे  ब्राउन कलर के शूज ज़्यादातर लोगों की खास पसंद होते हैं, आप चाहें तो इसकी जगह अपनी पसंद का कोई दूसरा कलर भी चुन सकते हैं। कई कंपनियाँ स्पोर्ट्स शूज के साथ फॉर्मल शूज का भी निर्माण करती है, आप इन्हें ऑनलाइन या मार्केट से सीधे प्राप्त कर सकते हैं। पैरों के लिए क्लासी लुक देने के साथ ऐसे जूते आपको ऊर्जावान होने का भी एहसास दिलाते रहते हैं।

बेहतर एसेसरीज़ का चुनाव करें (Startup friendly Accessories tips – Choose a nice accessory)

ऑफिस में नए नए फैशन और ट्रेंड्स के लिए कोई खास जगह नहीं होती, इस बात का ध्यान रखते हुये सबका ध्यान आपकी तरफ आकर्षित करने वाली एसेसरीज़ से बचें। अगर आपने ट्रेंडी दिखने के लिए कानों में पियर्सिंग करवाई है तो इसे हटा दें, इसके साथ साथ गले की कोई फंकी सी दिखने वाली एसेसरिस या ब्रेसलेट आदि ऑफिस के लिए बेहतर नहीं होते और आपकी पर्सनालिटी को गलत तरीके से लोगों के सामने पेश कर सकते हैं। इन सब की जगह आपको एक ऐसी हैंडवॉच का इस्तेमाल करना चाहिए जो ब्राउन जैसे शालिन कलर की बेल्ट के साथ हो, कई नामी और बड़ी कंपनियाँ हैं जो  हाथों के लिए फॉर्मल घड़ी बनाती हैं, ऐसी ही किसी घड़ी का चुनाव आप ऑफिस में अपनी शुरुआत के साथ कर सकते हैं।

शानदार शर्ट (Startup casual dress for men – Pick up a cool shirt)

अगर आप ऑफिस के व्हाइट कॉलर जॉब के नाम के साथ बोरियत महसूस करते है तो आपके लिए ऐसे कई ऑप्शन हैं जिनकी मदद से आप ऑफिस में भी एक कूल लुक पा सकते हैं। नए ऑफिस में अपने आप कम्फ़र्टेबल दिखाने के लिए लूज़ फिटिंग प्लेड या बड़े बड़े चेक्स वाली डिज़ाइन की शर्ट काफी काम आ सकती है। आप इस डिज़ाइन में गहरे रंग के कपड़ों का प्रयोग कर सकते हैं जो ऑफिस के वातावरण में बेदाद खुशनुमा लगेंगे। इस श्रेणी में डेनिम की शर्ट आप के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है।

एक बेहतरीन जींस के साथ लें नए ऑफिस में प्रवेश (Get the right jeans)

नए ऑफिस में काम के पहले दिन से ही अपने द्वारा पहने जाने वाले जींस पर खास ध्यान दें, आजकल स्मार्ट लुक वाले कैजुअल जींस बहुत आसानी से मिल जाते हैं, जिनमें ब्लैक कलर का चुनाव किया जा सकता है क्योंकि यह अधिकांश रंगों कीशर्ट के साथ मैच कर जाते हैं। जींस की कटिंग पर भी खास ध्यान देना ज़रूरी है जो पहनने में भी सुविधाजनक हो।


इन पहनने की छोटी छोटी सी बातों पर ध्यान रखकर आप नए ऑफिस में अपनी एक खास पहचान और अपनी पर्सनालिटी को एक शालिन रूप में व्यक्त कर सकते हैं जो ऑफिस के वातावरण के लिए बहुत ज़रूरी और आपके लिए फायदेमंद भी है।
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Thursday, January 12, 2017

मांसपेशियों में ऐंठन से बचने के लिए श्रेष्ठ उपाय

जब भी आप बैड पर से खड़े होते है तो क्या आपको पीठ में दर्द या जांघो के मांसपेशियों में ऐंठन होता है? अगर हाँ, तो घबराए मत क्यूंकि इस समस्या से आप ही नहीं गुज़र रहे है बल्कि अनेक लोग इस समस्या से गुज़र रहें है। 40 से ज्यादा उम्र के व्यक्ति, इस समस्या से ज्यादा गुज़रते है। लेकिन मांसपेशियों में ऐंठन ज़रूरी नहीं की बड़े उम्र के व्यक्ति में ही उत्पन्न हो बल्कि किसी भी उम्र के व्यक्ति मे ये समस्या उत्पन्न हो सकती है। कुछ लोग इस समस्या से तब गुज़रते है जब वे चल रहे होते है और अचानक से ये ऐंठन शुरू हो जाता है। कुछ लोग गहरी नींद में सोते समय रात को इस ऐंठन की समस्या से गुज़रते है। इस ऐंठन के अनेक कारण है लेकिन सबसे महत्वपूर्ण कारण है शरीर में कैल्शियम की कमी। केवल कैल्शियम ही नहीं जो व्यक्ति बहुत कम फ्लूइड का सेवन करता है वो भी इस समस्या से गुज़रता है।

जीवन भर में व्यक्ति को मांसपेशियों में ऐंठन (muscle cramps) की समस्या से एक बार तो गुज़रना ही पड़ता है और इस से आप आसानी से नहीं बच सकते। शरीर में मिनरल्स जैसे पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम के कमी के कारण मांसपेशियों में दर्द उत्पन्न हो सकता है। पोटैशियम से भरपूर फल और सब्जियाँ और प्रोटीन से भरपूर आहार से आप इस समस्या को उत्पन्न होने से रोक सकते है। जब भी बात शरीर के स्वस्थ स्वास्थय की होती है तो आपके लिए मिनरल्स बहुत ही आवश्यक होता है, इसलिए मिनरल्स को अपने आहार में हमेशा मिलाये। सही मात्रा में पानी पीने से भी आप अपने शरीर को स्वस्थ बनाते है।
मांसपेशियों में ऐंठन एक दर्द से भरपूर कॉन्ट्रैक्शन या मांसपेशियों का टाइट होना है जो अचानक से आता है और कुछ सेकंड या ज्यादा मिनट तक बना रहता है। ये ज्यादातर पैरो में आता है। ये तब होता है जब मांसपेशियों में दर्द भर जाता है जब कोई मांसपेशियों में गलत कॉन्ट्रैक्शन हो जाता है। अगर ये दर्द ज्यादा है और लम्बे समय तक रहता है तो इसे ऐंठन कहते है। इन ऐंठन के लक्षण ये है की इस दौरान मांसपेशियां कड़क बन जाती है जो आप स्पर्श  कर देख और महसूस कर सकते है।

मांसपेशियों में ऐंठन को दूर करने के लिए कुछ सुझाव का पालन करें (The steps to be followed in order to avoid muscle cramps are)

मिनरल ढूंढें (Look for minerals)

मिनरल्स जैसे पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और सोडियम मांसपेशियों के ऐंठन में सबसे महत्वपूर्ण किरदार निभाते है। ये लो लेवल मिनरल्स है जिन्हें इलेक्ट्रोलाइटस (electrolytes) कहते है। हम अपने रोजाना के आहार में से सोडियम को प्राप्त कर सकते है। फल (संतरे, केले, एप्पल) और सब्जियों से आप भरपूर पोटैशियम प्राप्त कर सकते है। बीन्स, नट्स, अनाज से बनी ब्रेड और सरेअल्स से आप सही मात्रा में मैग्नीशियम को पा सकते है। डेरी प्रोडक्ट से आपको कैल्शियम प्राप्त होता है। इन सभी मिनरल्स को अपने रोजाना के आहार में मिलाने से आप मांसपेशियों में उत्पन्न हुए ऐंठन से छुटकारा पा सकते है। अगर ये सुझाव से आपको कोई आराम नहीं मिल रहा है तो आपको रोजाना इन मिनरल्स के सप्लीमेंट का सेवन करना होगा।

रात के लिए नुस्खे (Nighttime remedy)

सोने के लिए जाने से पहले आपको कुनैन (quinine) सहित टॉनिक पानी पीना होगा। आप इन दवाई को सीधे नहीं ले सकते क्यूंकि इनसे कानो में बजने की आवाज और आँखों की रौशनी में दिक्कत उत्पन्न हो सकती है। इसलिए ये दवाई मार्किट में उपलब्ध होना बंद हो गई है। पिंडली में ऐंठन जिन्हें होता है उन्हें सोते समय कभी भी अपने पैर की उँगलियों को नुकीले  पोजीशन में नहीं रखना चाहिए। पैरो की मांसपेशियों में ऐंठन से छुटकारा पाने के लिए 400 से 800 IU विटामिन E का सेवन करें।

तेल को रब करना (Oil rubbing for muscle ki enthan)

1 भाग विंटरग्रीन तेल (wintergreen oil) सहित 4 भाग वेजिटेबल आयल का लें और इसका मिश्रण बना कर अपने मांसपेशियों पर रब करें और इन ऐंठन से आराम पाए। विंटरग्रीन आयल में मिथाइल सैलीसिलेट (methyl salicylate) होता है जो खून के बहाव को बढ़ाता है और दर्द को दूर करता है।

सही प्रेस करें (Press it right)

आपको दर्द के जड़ को ढूंढना है और जैसे ही आपको उसका पता चल जाए आपको वहाँ पर अपने मुट्ठी से प्रेस करना है। ज्यादा जोर से भी प्रेस ना करें नहीं तो दर्द ज्यादा बढ़ सकता है। 10 सेकंड के लिए प्रेस करें और फिर अगले 10 सेकंड के लिए आराम करें और फिर इस प्रक्रिया को फिर से करें। अगर इसे सही से किया जाए तो दर्द दूर हो सकता है।

पैड को गरम करें (Heat the pad)

दर्द को कम करने के लिए ये एक तुरंत आराम प्रदान करने वाला श्रेष्ठ उपाय है। एक पैड को गरम करें, ध्यान रखें की ये हल्का गरम होना चाहिए और फिर इस पैड को अपने ऐंठन वाले स्थान पर रखें। इस पैड को उस स्थान पर 20 मिनट के लिए रखें और फिर अगले 20 मिनट के बाद इसे फिर से रखें। ये हर जगह उपयोग में लिया जाता है और सबसे सामान्य तकनीक है।

पानी (Water se muscle pain ke upay)

रिसर्च से ये पता चला है की जो लोग कम पानी पीते है या जिन्मे डीहाइड्रेशन (dehydration) होता है उनमे ये दर्द ज्यादा पाए जाते है। पानी का सेवन करना आवश्यक है और इस से आप अनेक समस्या से छुटकारा पा सकते है। अगर व्यायाम करते समय आपके मांसपेशियो में ऐंठन उत्पन्न होए तब 2 कप पानी को व्यायाम करने से पहले पी लें और साथ ही व्यायाम करते समय इसे दोहराए। पसीने के कारण डीहाइड्रेशन की समस्या को एनर्जी ड्रिंक को पी कर दूर करना चाहिए।
ये दिए गए नुस्खे का पालन करने से आप अपने मांसपेशियों के दर्द से छुटकारा पा सकते है। इनको आने से रोकने के लिए भी आपको सही श्रेष्ठ सुझाव को अपनाना चाहिए।

मांसपेशियों में ऐंठन का कारण (Causes for muscle cramps)

मांसपेशियों में ऐंठन एक सामान्य परिस्थिति है जिस से सबको गुज़रना पड़ता है चाहे वो अब हो या बाद में। ऐंठन तब उत्पन्न होता है जब मसल कॉन्ट्रैक्शन (muscle contraction) और आराम को नियंत्रित करने वाला कार्य कुछ समय के लिए बिगड़ जाता है।
कुछ महत्वपूर्ण कारण मांसपेशियों के ऐंठन से सम्बंधित है —
  • व्यायाम करते समय चोट या मांसपेशियों का अधीक से ज्यादा उपयोग।
  • गर्भावस्था के ज्यादा महीनो के बाद शरीर में मिनरल्स जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम की कमी होने लगती है जिस कारण मांसपेशियों में ऐंठन शुरू हो जाता है।
  • सर्दी के मौसम में ज्यादा समय बिताने से और अपने आप को सर्दी में कम गरम रखने से ये ऐंठन उत्पन्न हो सकता है।
  • कुछ मेडिकल परिस्थिति जैसे खून के बहाव में समस्या, किडनी से सम्बंधित रोग, थाइरोइड (thyroid) से सम्बंधित रोग और मल्टीप्ल स्क्लेरोसिस (multiple sclerosis)
  • कोई कड़क सतह पर लम्बे समय तक खड़े रहना, लम्बे समय तक बैठे रहना या सोते समय परों को अलग तरह से पोजीशन में रखना।
  • खून में पोटैशियम, कैल्शियम और अन्य मिनरल्स की कमी।
  • शरीर में पानी की कमी होनी से डीहाइड्रेशन होना।
  • कुछ दवाइयां जैसे एंटी साइकोटिक्स (antipsychotics), गर्भ निरोधक गोलियां, डाइयुरेटिक्स (diuretics), स्टेटिन्स (statins) और स्टेरॉयड (steroids)।
  • मांसपेशियों में ऐंठन का कारण जेनेटिक्स भी हो सकता है।
  • बड़े उम्र के लोगो में मांसपेशियों के सम्बंधित समस्या कम उम्र के लोगो से ज्यादा पायी जाती है।

मांसपेशियों में ऐंठन से कैसे आराम पाए? (How to get relief from a muscle cramp?)

  • सही श्रेष्ठ उपाय जिस से आप मांसपेशियों के ऐंठन से छुटकारा पा सकते है वो है अपने मांसपेशियों को स्ट्रेच एवं मसाज करना।
  • चलते रहे या पैरो को धीरे- धीरे से फर्श पर पीटना।
  • एक हीट पैड का उपयोग करना या गरम पानी में स्नान कर अपनी मांसपेशियों को आराम पहुंचाना।
  • आप आइस पैक का भी उपयोग कर सकते है। लिकुइड्स को पीने से भी आपको पैर के ऐंठन में आराम मिलेगा।
  • अपने पैर को सीधा करें और फिर अपने पैर को अपने घुटनों की तरफ खींचे। आप ये प्रक्रिया टॉवल की सहायता से भी कर सकते है, इसके लिए एक टॉवल लें उसे अपने पैरो के नीचे रखें और टॉवल के दोनों अंत भाग को पकड़ कर इसे ऊपर खींचे, ये करते समय अपने घुटनों को सीधा रखें।
  • अगर आपके मांसपेशियों में दर्द किसी दवाई के कारण है तो आप अपने डॉक्टर से परामर्श लेकर अपनी दवाइयों को बंद, बदल या डोस को नियंत्रित कर देना चाहिए।

मांसपेशियों में ऐंठन को आने से कैसे रोके? (How to prevent muscle cramps?)

इन सुझाव के कारण आप मांसपेशियों के दर्द को आने से रोक सकते है:
  • मांसपेशियों के दर्द, ज्यादा पानी या अन्य फ्लूइड को पीना ताकि डीहाइड्रेशन से छुटकारा पा सकें।
  • शराब का सेवन कम कर दें या पूर्ण तरह से बंद कर दें।
  • कुछ मांसपेशियों को बढाने के लिए व्यायाम जैसे साइकिलिंग, स्विमिंग या वाल्किंग करें।
  • रोजाना मल्टीविटामिन सप्लीमेंट को लें।
  • सोते समय अपने पैरो की सही मुद्रा बना कर रखें। जो लोग पीठ के बल सोते है उन्हें अपने पैरो को बैड से ऊंचाई की मात्रा में रखना है और जो साइड के बल सोते है उन्हें अपने पैरों के बीच तकिया रखना चाहिए।
  • मार्किट में ओर्थपेडीक तकिये (orthopaedic pillows) उपलब्ध है जो पैरो के सही पोजीशन के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किये गए है।
  • पैरों के मांसपेशियों को आराम प्रदान करने के लिए रोजाना आचार का रस पीये।
  • कैमोमाइल चाय (Chamomile tea) में एमिनो एसिड मौजूद रहता है जिस से मांसपेशियों को आराम प्राप्त होता है।

मांसपेशियों में ऐंठन से बचने के लिए खाना (Foods to prevent muscle cramps)

अगर कभी शरीर में मिनरल की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन होता है तो आपको अपने आहार में मिनरल्स को मिला कर अपने शरीर को मिनरल्स प्रदान करना चाहिए।

मांसपेशियों में खिंचाव में सोडियम से भरपूर खाना (Sodium rich foods)

संतुलन फ्लूइड और ब्लड प्रेशर को बनाये रखने के लिए आपको सोडियम से भरपूर आहार की आवश्यकता है। सोडियम सहित अन्य इलेक्ट्रोलाइटस मांसपेशियों के कॉन्ट्रैक्शन में सहायक है और साथ ही तंत्रिका तंत्र के फंक्शन में भी सहयोगी है। जिस शरीर में सोडियम की कमी होती है उनके मांसपेशियां कमज़ोर पड़ सकते है और जिस कारण उनमे दर्द/ ऐंठन उत्पन्न हो सकता है।

पोटैशियम से भरपूर खाना (Potassium rich foods)

सही संतुलन मांसपेशियों और तंत्रिका तंत के कार्य को बनाए रखने के लिए पोटैशियम बहुत ही अनिवार्य है। खाना जैसे फल, सब्जियां, दूध और मछली/ फिश में पोटैशियम भरपूर पाया जाता है। केले, खरबूज़े, साइट्रस फल/ खट्टे फल और एवोकाडो जैसे फलों में पोटैशियम मौजूद रहता है। आलू, शकरकंद और कद्दू जैसे सब्जियों में पोटैशियम भरपूर रहता है।

कैल्शियम से भरपूर खाना (Calcium rich foods play)

ये एक महत्वपूर्ण किरदार है जिसमे हृदय और ब्लड वेसल के मांसपेशियों के कॉन्ट्रैक्शन के लिए है और साथ ही ये नर्व इम्पल्स को भी उत्पन्न करता है। कैल्शियम की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन या गलत मांसपेशियों का कॉन्ट्रैक्शन का कारण हो सकता है। डार्क सब्जियां और हरे पत्ते की सब्जियों में सबसे ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है। बादाम, दही, चीस और अंजीर में पोटैशियम पाया जाता है।

मांसपेशियों में अकड़न में मैग्नीशियम से भरपूर खाना (Magnesium rich foods)

मांसपेशियों के कॉन्ट्रैक्शन के लिए कुछ एनर्जी के पदार्थ भी है। शरीर में मैग्नीशियम की कमी के कारण मांसपेशियों में ऐंठन और झटके आ सकते है। बीन्स और फलियां, नट्स और बीज, अनाज, केले और डार्क, हरे पत्ते की सब्जियाँ में मैग्नीशियम भरपूर पाया जाता है।

मांसपेशियों में ऐंठन से बचने के लिए उपाय (Ways to avoid muscle cramps / spasm)

विशेष ट्रेनिंग (Specific training)

कभी कुछ लोग मांसपेशियों के ऐंठन से तब गुज़रते है जब वे अपने शरीर के मुद्रा को गलत तरह से बनाए रखते है। कुछ कठिन मुद्रा के कारण मांसपेशियों में दर्द से भरपूर स्ट्रेच और तनाव बना रहता है। अगर आप व्यायाम को श्रेष्ठ ट्रेनिंग के साथ करते है तो आपके मांसपेशियों में दर्द कम हो सकता है। सबसे श्रेष्ठ कारण मांसपेशियों के ऐंठन का ये है की अपने शरीर को या अपने शरीर के अंग को उनकी क्षमता से बढ़कर पुश करना। ट्रेनिंग से ट्रेनर आपको सही सुझाव देगा जिस से आप अपने मांसपेशियों में उत्पन्न हुए ऐंठन से दूर रह सकेंगे।

साल्ट सलूशन (Salt solution)

अगर आपके शरीर में सोडियम की कम हो जाए तो आप थकान महसूस करने लगते है और साथ ही आपके मांसपेशियों में ऐंठन उत्पन्न होना शुरू हो जाता है। इसलिए अपने शरीर में साल्ट / नमक की मात्रा को फिर से भरना बहुत ही आवश्यक हो जाता है। आप इस सुझाव को प्राकृतिक रूप से कर सकते है। आपको नमक के पानी के सलूशन को पीना है और इस तरह आप अपने शरीर में सोडियम की मात्रा को बढ़ा सकते है।

आराम लें (Take rest se muscle khichao ka ilaj)

अपने मांसपेशियों में उत्पन्न हुए ऐंठन को दूर करने का सबसे आसान तरीका ये है की आपको सही रूप से आराम करना चाहिए। अगर आप अपने मांसपेशियों पर स्ट्रेस बनाए रखेंगे तो इस से आपके सेल्स और लिगामेंट (ligament) को ज्यादा क्षति पहुँच सकती है। इस तरह आपके शरीर को ज्यादा क्षति पहुँचेगी। इसलिए आपको इस दर्द को दूर करने के लिए थोडा आराम करना चाहिए। केवल 2 से 3 दिन के लिए आराम लें और आप देख सकेंगे की आपके पैर में कोई दर्द नहीं हो रहा है।

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Wednesday, January 11, 2017

कैसे पाएँ मांसपेशियों के दर्द से राहत, मांसपेशियों में दर्द का उपचार

शरीर की मांसपेशियों में होने वाले दर्द को अनदेखा करना वाकई एक मुश्किल काम है। बहुत ज़्यादा पैदल चलने पर अचानक मांसपेशियों में ऐंठन महसूस होने लगती है इसके अलावा बहुत ज़्यादा मात्रा में एकसरसाइज़ कर लेने की वजह से या बहुत भारी समान उठाने के कारण भी शरीर की मांसपेशियों में अचानक दर्द शुरू हो जाता है। बहुत ज़्यादा शारीरिक परिश्रम की वजह से शरीर की मांसपेशियों का अनैच्छिक संकुचन मांसपेशियों में दर्द की मुख्य वजह है। इसके अलावा भी इस दर्द के और भी अनेक कारण हो सकते हैं। मांसपेशियों के दर्द को मसल फ़ीवर (muscle fever) के नाम से भी जाना जाता है। पेशियों का यह दर्द किसी भी तरह के अत्यधिक शारीरिक परिश्रम वाले काम के बाद 24 से 72 घंटों के भीतर अचानक बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है, इस दौरान यह दर्द अपनी उच्च अवस्था में होता है।

हमारा शरीर हमारे रोज़ की शारीरिक गतिविधियों का अभ्यस्त होता है। हम नियमित रूप से जो परिश्रम करते हैं, उसमें एक निश्चित मात्रा में मांसपेशियों में संकुचन और विश्राम मिलता रहता है, पर जब शरीर बहुत ज़्यादा भारी काम करता है तो मांसपेशियों को आराम नहीं मिल पता और यह संकुचन और भी अधिक बढ़ जाता है मांसपेशियों में होने वाला यह दर्द मसल फ़ीवर यानि मांसपेशियों का ज़्वर के नाम से भी जाना जाता है। इसे DOMS (Delayed Onset Muscle Soreness) भी कहते हैं।
शरीर में किसी भी प्रकार का दर्द वास्तव में बहुत परेशानी भरा होता है जिसमें आप किसी भी चीज़ का सही तरीके से आनंद नहीं ले पाते और मानपेशियों में होने वाले इस दर्द को आप चाह कर भी अनदेखा नहीं कर पाते, पर फिर भी आपको कई तरह की शारीरिक गतिविधियों से रोज़ाना गुज़रना ही होता है इसके अलावा शरीर को तंदरुस्त रखने के लिए जिम (gym) जाना और 100 मीटर तक पैदल चलना भी आपके लिए ज़रूरी है। इस सभी कामों को करते वक़्त आपको शरीर की मांसपेशियों में दर्द का सामना करना पड़ ही सकता है जो आपके बाकी के कामों को भी प्रभावित करता है, तो आइये जाने इन कि किस प्रकार मांसपेशियों में होने वाले इस दर्द को ठीक किया जाये। मांसपेशियों के दर्द को ठीक करने के लिए घरेलू उपचार काफी असरकारक होते हैं। घर पर ही मांसपेशियों का प्राकृतिक उपचार फायदेमंद और सुरक्षित भी होता है।

मांसपेशियों में दर्द का घरेलू उपचार (Natural way to treat sore muscle in Hindi)

शरीर की मांसपेशियों में दर्द के उपचार के लिए कुछ आसान और प्राकृतिक उपाय इस प्रकार हैं जिनकी मदद से मांसपेशियों की इस पीड़ा को कम किया जा सकता है।

मांसपेशियों में दर्द से राहत के लिए पुनर्जलयोजन या रिहाइड्रेशन (Rehydrate to get the relief)

मांसपेशी के दर्द की एक मुख्य वजह शरीर में तरल तत्व की कमी भी हो सकता है। जब हम अत्यधिक शारीरिक परिश्रम कर लेते हैं तो शरीर में पसीने के रूप में काफी मात्रा में तरह या पानी बाहर निकल जाता है। इसके अलावा भारी मेहनत वाले काम करने की वजह से एड्रीनल ग्रंथि (adrenaline gland) से भी ज़्यादा स्त्राव होने लगता है। डीहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर इस दर्द को भी कम किया जा साता है। इसके साथ साथ ऐसे फल जिनमें प्रचुर मात्रा में पानी ही जैसे, संतरा, तरबूज़ और टमाटर आदि शरीर में पानी की पूर्ति करने में सक्षम होते हैं। इसके अलावा अन्य तरल पदार्थों में दूध, चाय, कॉफी या सोडा आदि पी सकते हैं।

मांसपेशियों में अकड़न, हल्की स्ट्रेचिंग (Get relief muscle soreness and pain – Gentle stretching)

सामान्यतः स्ट्रेचिंग का प्रयोग हम व्यायाम या जिम में कसरत के दौरान ही करते हैं। कभी भी अचानक बहुत ज़्यादा मात्रा में एक साथ अत्यधिक एकसरसाइज़ करने से बचना चाहिए। अगर आप किसी तरह की एकसरसाइज़ या जिम शुरू कर रहे हैं तो आपको पहले दिन कम शारीरिक मेहनत से शुरुआत करते हुये नियमित अपने अभ्यास को आगे बढ़ाना चाहिए। एकदम से ज़्यादा मेहनत एक साथ नहीं करनी चाहिए। धीरे धीरे एक्सरसाइज़ (exercise) के समय और स्तर को भी बढ़ाना चाहिए। अचानक भारी भरकम परिश्रम से मांसपेशियों में अत्यधिक संकुचन होने की वजह से दर्द हो सकता है। शरीर या मांसपेशियों में ऐंठन होने कि हालत में शरीर पर उतना ही खिंचाव (stretch) दें जितना आपका शरीर सह सके ज़रूरत से ज़्यादा खिंचाव न दें।

मांसपेशियों में दर्द को दूर करने के लिए हल्की मसाज लें (Light massage to reduce muscle sore)

मांसपेशी में ऐंठन की वजह से दर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिसके पश्चात हमारे शरीर की मांसपेशियाँ व्यर्थ पदार्थों का उत्सर्जन आरंभ कर देती है और साथ ही उन व्यर्थ पदार्थों का संचय भी करने लगती है जो जल्दी ही सख्त या कड़े हो जाते हैं। इस ऐंठन (cramp) को कम करने के लिए हल्की मसाज (light massage) या मालिश बहुत कारगर होती है। मालिश से ब्लड सर्कुलेशन (blood circulation) आसान होता है और व्यर्थ पदार्थ घुल कर निकल जाते हैं। अगर आपके पास मसाज के लिए कोई व्यक्ति उपलब्ध न हो तो आप एक सामान्य टेनिस बॉल को अपने प्रभावित हिस्सों में घुमाकर मसाज कर सकते हैं। यह दर्द को कम करने में सहायक होता है।

मांसपेशियों के दर्द को कम करने के लिए गरम पानी का स्नान (Warm bath will relax)

मांसपेशियों में ऐंठन या दर्द दूर करने का यह एक आसान और प्रभावी उपाय है। मांसपेशी के दर्द को प्राकृतिक तरीके से ठीक करने के लिए गर्म पानी से स्नान करना फायदेमंद होता है। अत्यधिक शारीरक परिश्रम की वजह से शरीर के परिसंचरण तंत्र में भी बढ़ा उत्पन्न हो जाती है जो दर्द का कारण बनता है।
¼ कप रोज़मेरी (rosemary) की सूखी या ताज़ा पत्तियाँ लें, इसे 2 चम्मच कुठरा या मरवा (marjoram) की सूखी पत्तियों के पाउडर के साथ मिला लें। इसमें 12 तेज पत्ते और 2 कप समुद्री नमक मिलाएँ। इस पूरे मिश्रण को मिक्सी में पीसकर गर्म पानी में पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को शरीर के प्रभावित हिस्से में लगाकर रखें या आप इसे बाथ टब में भर कर भी  कुछ देर इस औषधिय स्नान को ले सकते हैं। यह उपाय आपके शरीर के परिसंचरण तंत्र को पुनर्जीवित करता है और साथ ही ऐंठन या दर्द से राहत दिलाता है।

बर्फ से करें मांसपेशियों के दर्द का प्राकृतिक उपचार (Ice bath will take away the pain)

बर्फ मांसपेशियों के दर्द पर बहुत प्रभावी ढंग से काम करता है। पेशियों के दर्द में आप आइस बैग या बर्फ की थैली का इस्तेमाल कर सकते हैं। बर्फ की ठंडक रक्त की नलिकाओं में कसावट पैदा करती है जो सूजन को कम करने में सहायक होता है। इसके बाद जब आपकी मांसपेशियाँ गर्मी पाती हैं तो पेशियाँ अच्छी तरह संचारित हो पाती हैं और दर्द कम होने लगता है।

सरसों से करें मांसपेशी के दर्द का घरेलू इलाज (Mustard will do wonders in muscle khichao ka ilaj)

वैसे तो सरसों कई तरह से सेहत के लिए उपयोगी होता है पर इसे विनिगर के साथ मिलाकर मांसपेशियों के दर्द को ठीक किया जा सकता है। पेशियों की ऐंठन को दूर करने में विनेगर सहायक होता है। इन दोनों के प्रयोग से ऐंठन और मांसपेशी के दर्द में आराम मिलता है, यह एक सरल घरेलू उपाय है।

शरीर में खनिज तत्वों की कमी की वजह से मांसपेशियों का दर्द (Replenish crucial minerals lost)

बहुत ज़्यादा शारीरिक परिश्रम न केवल शरीर में पानी की कमी के लिए जिम्मेदार होता है बल्कि यह शरीर के लिए ज़रूरी मिनरल्स या खनिज तत्वों की मात्रा में भी भारी कमी ला सकता है। शरीर में ये कमी ही पेशियों के दर्द का कारण बनती है। पोटेशियम, मैंग्नीशियम, कैल्शियम ऐसे ही कुछ मिनरल्स हैं जो शरीर में पाये जाते हैं और अच्छी सेहत के लिए ज़रूरी होते हैं। सोडियम और पोटेशियम श्रंखला शरीर में ऊर्जा के स्तर को संतुलित बनाए रखने के लिए ज़रूरी होती है। इन्हें कभी भी नज़रअंदाज़ न करें। सूखे मेवे सूखी खुबानी, पके एवोकाडो और केले में उच्चा मात्रा में पोटेशियम होता है। इसके साथ ही साबुत अनाज, काजू, बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियाँ मैग्निशियम का अच्छा स्रोत हैं। दूध , पनीर, गूजबेरी, लहसुन, हरी मिर्च और हरी सब्जियों में भी कैल्शियम की बेहतर मात्रा पाई जाती है।

दबाव से पाएँ आराम (Relax with compression hai muscle pain ke upay)

दर्द में हमेशा चुस्त कपड़े पहनें ताकि थकान से राहत मिल पाये और आपको दर्द में थोड़ा आराम मिल सके। चुस्त कपड़े नसों पर दबाव डालते हैं जिससे रक्त के प्रवाह को गति मिलती है और दर्द में थोड़ी राहत महसूस होती है।

नींद लें और ऊर्जा प्राप्त करें (Sleep will rejuvenate, manspeshiyo mai dard)

शरीर के आराम के लिए नींद एक बहुत ही ज़रूरी और आवश्यक चीज़ है। कई बार लंबे वक़्त तक कम्प्युटर के सामने बैठे बैठे मसल्स में ऐंठन पड़ जाती है और दर्द महसूस होता है। इससे थकावट लगती है और ऊर्जा नष्ट होती है। इसके उपचार के लिए आपको बिना व्यवधान के एक अच्छी नींद लेनी चाहिए। इस समय हमारे शरीर में उन केमिकल्स का निर्माण होता रहता है, जो मांसपेशियों के निर्माण और शरीर के अन्य विकास में सहायक होते हैं।

पोषक तत्वों से युक्त नाश्ते से दूर करें दर्द (Snack will reduce the pain)

बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ के बाद मांसपेशियों में दर्द का अनुभव होना सामान्य बात है। इसीलिए शरीर में पोषण का स्तर हमेशा सही रखें। वर्क आउट के 30 मिनट बाद सेहतमंद भोजन या नाश्ता लें। इस वक़्त लैक्टिक एसिड की भारी कमी और ऊर्जा का स्तर भी कम हो जाता है जिसकी पूर्ति के लिए उच्च पोषक युक्त आहार लेना बहुत ज़रूरी है। इसके लिए थोड़े थोड़े देर में कम कम मात्रा में भोजन लेना अच्छा होता है।

मांसपेशियों के दर्द को ठीक करने के कुछ घरेलू उपाय (Ways to give soothing touch to sore muscles)

मांसपेशियों की कमजोरी के लिए आयोडेक्स लगाएँ (Use iodex)

आपने आयोडेक्स का नाम तो सुना ही होगा जिसका प्रयोग पहले से ही हमारी कई पीढ़ियाँ करती आ रही हैं। यह एक बेहतरीन दर्द्निवारक बाम है जिसका प्रयोग दर्द पर किया जा सकता है। इसे दर्द की जगह पर लगाएँ इससे आपको दर्द में ज़रूर राहत महसूस होगी। यह आज भी एक प्रभावी दर्दनाशक के रूप में जाना जाता है।

मांसपेशियों में खिंचाव के लिए मल्टी विटामिन (Multi-vitamins)

कई तरह की विटामिन की कमी की वजह से भी पेशियों में दर्द बना रहता है। इसके निवारण के लिए आपको मल्टीविटामिन्स का प्रयोग करना चाहिए। दवा कंपनियाँ कई नामों से बाज़ार में इसे बेचती है। आप किसी बेहतर नाम वाले ब्रांड की दवा को खरीद सकते हैं।

भोजन में उपयुक्त पोषक पदार्थ ज़रूरी (Proper nutrition in food)

कुछ खास पोषक तत्वों की कमी से मांसपेशियों में दर्द व सूजन की समस्या होती है। उचित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा युक्त चीजों का प्रयोग करें। इन्हें नियमित रूप से इस्तेमाल कर पेशियों के दर्द से राहत मिलती है।

लगातार सक्रिय रहें (Continued activity muscle ki enthan me)

कुछ लोगों का मानना है कि, इस दर्द में आराम करना चाहिए और काम से छुट्टी ले लेनी चाहिए, पर यह एक गलत तरीका है। अपने शरीर की मांसपेशियों में रक्त का सही संचरण करने के लिए आपको लगातार सक्रिय रहने की ज़रूरत पड़ती है। इससे आपका दर्द धीरे धीरे कम होता हुआ खत्म हो जाता है।
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परफेक्ट बॉडी के लिए बेस्ट फिटनेस टिप्स

परफेक्ट बॉडी (perfect body) के लिए केवल बाहरी और शारीरिक बनावट ही काफी नहीं होती बल्कि यह आपकी सेहत (Health) और शरीर की सक्रियता पर भी निर्भर करती है। हम वो हर काम करने को तैयार रहते हैं जिसकी हमें ज़रूरत है और जिसे करने से हम अपने जीवन को सुगम तरीके से खुशी के साथ जी सकते हैं। परफेक्ट बॉडी का कोई निश्चित पैमाना नहीं होता, बल्कि एक्टिव (active) महसूस करने के साथ साथ, अपने काम को बेहतर तरीके से पूरा करने और स्वस्थ व फिट (fit) दिखने पर ही आपकी बॉडी को एक परफेक्ट बॉडी का दर्जा दिया जा सकता है।

आपने अखबारों या पत्र पत्रिकाओं में पढ़ा होगा कि परफेक्ट बड़ी या सही काया पाने के लिए किस प्रकार एक फिटनेस शेड्यूल (fitness schedule) या तालिका बनाकर उसका पालन किया जाता है पर इसमें सभी कारी एक अनुक्रमणिका में आदेश के रूप में लिखित होते हैं जिसका आपको पालन करना होता है। यहाँ हम आपको फिट बॉडी या परफेक्ट बॉडी के लिए घर में किए जा सकने वाले उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं इन उपायों की मदद से आप घर पर अपने शरीर की देखभाल के साथ सही फिटनेस पाने के आसान टिप्स (easy fitness tips in hindi) भी पा सकते हैं। यह सभी उपाय बहुत ही आसान पर सामान्य हैं जिसे सही ढंग से पालन कर आप घर बैठे अपनी सेहत के स्तर और बॉडी फिटनेस में बढ़ोत्तरी पाएंगे।

परफेक्ट बॉडी पाने के आसान उपाय (Tips to get the perfect body)

परफेक्ट बॉडी (perfect body) का मतलब एक स्वस्थ शरीर से होता है जो आपके आत्मविश्वास (self confidence) को बढ़ाने में भी मदद करता है। इसके लिए आपको अपना वजन पर नियंत्रण रख कर बाकी और भी तरीके से शरीर को सेहतमंद बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। इसमें सही मात्रा में उचित आहार लेना, नियमित एकसरसाइज़ (exercise) आदि शामिल है।

वेट लॉस के लिए नियमित सही आहार लें (Daily diet for weight loss)

शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए एक ही डाइट प्लान (diet plan) बनाना सही होता है बजाए एक पूरा डाइट प्रोग्राम बनाने के। अपने रोज के आहार में कुछ अच्छे बदलाव करें। वेट लॉस के लिए ऐसे भोजन का प्रयोग करें जिनमें सभी विटामिन्स और प्रोटिन्स के साथ उचित मात्रा में रेशे (fibre) और सेहतमंद चीज़ें भी हों। इस भोज्य पदार्थों में ज़्यादा वसा या तेल वाली चीजों से बचना चाहिए। अपने दिन की शुरुआत किसी अच्छे सेहतमंद नाश्ते के साथ करें। शरीर के मेटाबोलिस्म को सही मात्रा में बनाए रखने के लिए दिन का यह पहला भोजन अति आवश्यक होता है। क्रीमयुक्त दूध, मलाई, दही और पनीर की जगह आपको फैटरहित डेयरी उत्पादों का प्रयोग करना चाहिए। यह शरीर में कैलोरी को बढ़ने नहीं देता और ज़रूरी पोषक तत्व भी आसानी से मिल जाते हैं।

ज़्यादा मात्रा में पानी पिएँ (Increase in water consumption)

सही फिटनेस के लिए अपने नियमित पीने के पानी में 2 से 3 लीटर की वृद्धि करें। अधिक पानी पीने से यह शरीर में पानी का सही स्तर बनाएँ रखने में मदद करता है, साथ ही शरीर में मौजूद टॉक्सिन (toxin) को बाहर निकाल कर शरीर की भीतरी सफाई करता है। कार्बोहाइड्रेट युक्त ड्रिंक्स और पैकेट जूस के प्रयोग से बचना चाहिए और इसकी जगह ताज़ा फल और हरी पत्तेदार सब्जियाँ उचित मात्रा में खानी चाहिए। मांसाहारी पदार्थों के सेवन से बचन सही फिटनेस के लिए लाभदायक होता है।

खाने के पहले पानी (Water Before eating)

हमेशा भोजन करने के पहले पर्याप्त पानी पिएँ, यह जल्दी पेट भरने में मदद करता है जिससे आप ज़रूरत से ज़्यादा खाने से बच जाते हैं। शाम को स्नैक्स (snacks) की जगह सूखे मेवे (nuts) खाएं और इसके साथ कम वसा वाला दही भी इस्तेमाल किया जा सकता है। शाम के नाश्ते में कम कैलोरी वाली सब्जियों का भी प्रयोग किया जाना बेहतर होगा। इन सबके साथ अत्यधिक वसायुक्त पदार्थ जैसे मेयोनीज़ चीज़ की जगह मस्टर्ड सॉस का प्रयोग करें। इसी तरह ज़्यादा वसा वाली चीजों की जगह कम कैलोरी के भोजन को अपने आहार में शामिल करना बेहतर होता है। जब भी अप कहीं बाहर खाने जाएँ तो हमेशा सूप से खाने की शुरुआत करें, इसके साथ मीठे पदार्थ जैसे मिठाई, केक, आइसक्रीम आदि लेने से बचना चाहिए।

नियमित व्यायाम है जरूरी (Regular exercise routine)

सही फिटनेस के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज़ एक ज़रूरी क्रिया है। शरीर के वजन को कम करने के लिए एक्सरसाइज़ बहुत मदद करता है इसके अलावा शरीर को मजबूती प्रदान करने के साथ साथ इम्यून सिस्टम (immune system) भी एक्सरसाइज़ की वजह से बेहतर बना रहता है। रोज़ नियमित रूप से 25 से 30 मिनट का व्यायाम या एक्सरसाइज़ एक सही फिटनेस के लिए ज़रूरी है। कई लोग एक्सरसाइज़ से जल्दी ही ऊब जाते हैं इसीलिए अपने साथी या दोस्त के साथ मिलकर एक्सरसाइज़ करें यह आपकी बोरियत को दूर कर इसे मस्तीभरा बना देगा। बॉडी को टोन करने के लिए कॉर्डियोवस्कुलर (cardiovascular) एक्सरसाइज़ बेहतर माध्यम होते हैं इससे वेट लॉस में जल्दी मदद मिलती है। आप इसके लिए किसी जिम या योगा क्लास में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। रोज पैदल चलें व जॉगिंग, स्विमिंग जैसी एक्टिविटी भी आपके फिटनेस के लिए फायदेमंद हो सकती है और अगर आप चाहें तो घर पर भी एक्सरसाइज़ कर सकते हैं।

पौष्टिक नाश्ते से करें दिन की शुरुआत (Heavy breakfast for perfect body)

सही फिटनेस के लिए इस बात पर ध्यान देना सच में बहुत ज़रूरी है कि, आप नाश्ते में क्या ले रहे हैं। कुछ लोगों की यह धारणा होती है कि नाश्ते से बॉडी में फैट बढ़ता है पर यह बिल्कुल गलत धारणा है कि भरी नाश्ते से मोटापा बढ़ता है, बल्कि यह नाश्ता दिन भर ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में सहायक होता है। फिट रहने के लिए भरी नाश्ता और सही समय पर भोजन बहुत ज़रूरी है। लंबे समय तक कुछ न खाने से शरीर को कई तरह की परेशानी हो सकती है। जब हम रात का भोजन करते हैं तो सुबह होते तक एक लंबा समय बीत चुका होता है जिस दौरान हम बिना कुछ खाये रहते हैं। इसीलिए इस लंबे वक्त के बाद खाया जाने वाला भोजन या सुबह का नाश्ता थोड़ा भारी और सेहतमंद होना ज़रूरी है। यह आपको दिन भर सेहतमंद और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।

भोजन को चार हिस्सों में बांटकर खाएं (4 Portions meals)

यह बहुत ज़रूरी है कि आप दिन भर में जो कुछ भी खा रहे हैं वो एक निश्चित मात्रा में हो साथ ही इसे अलग अलग भाग में बांटकर हिस्से बनाकर लें। या छोटे छोटे टुकड़ों में आहार लें। ताज़ा सब्जियों के साथ, स्टार्चयुक्त उत्पाद, मांस आदि को कई हिस्सों में बांटकर अपने फिटनेस शेड्यूल में शामिल करें। जब भी आप मांस का सेवन करें तो इसे चार हिस्सों में बाटकर खाएं। एक बार में 1 चौथाई हिस्सा ही खाएं। ऐसा करने से आप सेहतमंद, स्लिम और फिट रह सकते हैं।

परफेक्ट बॉडी के लिए क्रीमरहित सूप (Non Creamy Soup)

सूप सेहत के लिए एक बहुत ही पौष्टिक और टेस्टी आहार है लेकिन बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे सूप जैसे सेहतमंद आहार को क्रीम के साथ लेना पसंद करते हैं। सूप में पहले से ही फैट मौजूद होता है इसमें क्रीम मिलाकर इसके फैट को और अधिक बढ़ाना और उसका सेवन करना शरीर को फिट रखने में बाधक होता है। तो अब से सूप में क्रीम कि जगह ज़्यादा से ज़्यादा रंगीन सब्जियों का इस्तेमाल करें यह सूप के रंग और स्वाद को तो बेहतर बनाने में मदद करती ही है साथ ही बॉडी को फिट रखने में भी सहायक होती है। खूबसूरत और सेहतमंद शरीर के लिए यह उपाय बहुत प्रभावकारी है।

समय समय पर शरीर में होने वाले सुधारों पर ध्यान दें (Track the progress of a perfect body from time to time)

आपके शरीर में कितना परिवर्तन हुआ है और बॉडी को फिट रखने के लिए किए गए इन फेर बादल का कितना सकारात्मक प्रभाव शरीर पर पड़ रहा है, इन बातों को नोट करना ज़रूरी है।

वेट लॉस (Weight loss)

आपके शरीर का वजन इस दौरान कितना कम हुआ इस बात का विशेष ध्यान रखें। प्रत्येक सप्ताह अपना वजन नापें। निश्चित समय पर उसी मशीन में अपना वजन नापें ताकि किसी प्रकार की आशंका न हो और परिणाम सही मिलें। हाथ, पीठ और पेट की त्वचा को मोड़ते समय यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है की कितनी मात्रा में वजन या चर्बी कम हुई है। 2 से 3 महीनों में कपड़ों के साइज़ और उनकी फिटिंग पर भी ध्यान दें। इससे  भी कुछ हद तक यह पता चल जाता है की आपके शरीर में वेट लॉस हुआ है या नहीं।

शारीरिक क्षमता (Strength of the body)

शरीर की लचक और ताकत को एड़ियों के बल खड़े होने से पता किया जा सकता है। एड़ियों के बल खड़े हो जाएँ और घुटनों को बिना मोड़े पैर के अंगूठे को हाथ से छूने की कोशिश करें। इस वर्क आउट को करने पर आपको अपनी शारीरिक क्षमता या ताकत का भी पता चल जाएगा। इन सब के साथ ही पाचन क्षमता का भी परीक्षण आवश्यक है। अगर बॉडी पहले से ज़्यादा ऊर्जावान है तो आपको पता होना चाहिए कि आपकी बॉडी फिट है।

मानसिक क्षमता (Mental strength)

एक परफेक्ट बॉडी को स्वस्थ दिमाग से नियंत्रित किया जाता है इसके लिए आपके मानसिक स्तर का भी बेहतर होना ज़रूरी है। इसके लिए दिमाग पहले से ज़्यादा रिलैक्स हो। तनाव, थकान और अन्य मानसिक और भावनात्मक बातों का सामना करने के लिए आपका मस्तिष्क पहले से ज़्यादा बेहतर रूप से व्यवहार करे, तो इससे माना जा सकता है कि मानसिक रूप से भी आप पहले से ज़्यादा फिट हो चुके हैं।
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Tuesday, January 10, 2017

मूल स्किनकेयर दिनचर्या जिनका पालन हम सभी को करना चाहिये

एक स्वस्थ और चमकदार त्वचा आखिरकार कौन नही चाहता है। कुदरत ने कुछ लोगो की त्वचा में कोमलता और चमक उन्हें उपहार के तौर पर दिया होता है पर इस संसार में ज्यादातर लोग इसे पाने के लिए अपनी त्वचा के साथ प्रयोग की किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते है। 





क्या कभी-कभी आपको ऐसा महसूस होता है कि आपकी त्वचा एक दिन तो खिलखिली नजर आती है तो दुसरे ही दिन सुस्त पड़ जाती है तो हो सकता है कि आप त्वचा की देखभाल में मूल बातो का पालन नहीं कर रहे है। आप को चमकदार त्वचा के लिए किन-किन मूल बातो का ध्यान रखना चाहिए जानने के लिए आगे पढ़ें।

1.दिनचर्या : जब भी आप किसी स्किनकेयर विशेषज्ञ से सलाह लेते है वह सबसे पहले आपको अपनी दिनचर्या ठीक करने को कहते है। हमें अपने खाने-पीने, व्यायाम अभ्यास और सोने का टाइम टेबल तय करके कदम-दर-कदम अपनी त्वचा में निखार ला सकते है बस जो भी दिनचर्या आप तय करती है वो टूटनी नही चाहिए।





2.सफाई : चमकदार त्वचा के लिए सबसे मूल और जरूरी अंग है त्वचा की अच्छी तरह सफाई। हम में से ज्यादातर लोग या तो कम सफाई करते है या आवश्कता से अधिक। त्वचा एक्सपर्ट बताते है कि हमें सुबह और रात को बिस्तर पर जाने से पहले दिन में दो बार अवश्य ही सफाई करनी चाहिए। यह इसलिए भी जरूरी हो जाता है क्योकि दिन भर मेकअप या लोशन जो कुछ भी आपकी त्वचा पर थोपा होता है उसके साथ-साथ चेहरे पर जमी हुई कीट से भी आपको छुटकारा मिल सके। 


एक बात का ध्यान आप खासतौर पर रखिये जब कभी भी आप की त्वचा की सफाई करे तो साबुन अच्छी कंपनी का ही उपयोग करे साथ ही पानी का तापमान जरुर चेक कर ले । हमे चेहरे को धोने के लिए बहुत ठंडा या बहुत गर्म पानी के इस्तेमाल से बचना चाहिये।





3.परत उतारना : हम अपनी त्वचा पर कोशिकाओं को हटाने के लिए एक्सफ़ोलीएटिंग का तरीका आजमाते है पर अधिकतर लोगो को ये पता नही होता है कि एक्सफ़ोलीएटिंग के अधिक प्रयोग से हमारी त्वचा को नुकसान पहुचता है। स्किन विशेषज्ञों की माने तो हमे सिर्फ सप्ताह में एक बार ही एक्सफ़ोलीएटिंग का प्रयोग करना चाहिये।


जब भी आप एक्सफ़ोलीएटिंग करने लगे तो सबसे पहले उसका प्रयोग हाथो मे करके ये सुनिश्चित कर ले कि वह आपकी त्वचा को सूट करता भी है या नही। यदि आप इसे भी प्राकृतिक तरीके से करना पसंद करती है तो आप घर पर स्क्रब बना कर उनको उपयोग में ला सकती है। 





4.टोनिंग: एक टोनर ऑयली स्किन को नॉर्मल करने में आपकी मदद करता है। यह आपकी त्वचा के छिद्र बंद करके आपकी त्वचा को टाइट और मजबूत बनाता है जिस कारण गंदगी आपकी त्वचा के अंदर तक नही जा पाती। साधारणतय: महिलाये प्रमुख कॉस्मेटिक ब्रांड को एक टोनर होने पर यकीन कर लेती है पर विशेषज्ञों की राय है कि हमें टोनर का चुनाव बेहद कड़ाई से करना चाहिए। कुछ दिनों के लिए एक टोनर उपयोग करके आप अपनी मर्जी से तय करें की टोनिंग को आप अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहती है या नही। 






5.नमी प्रदान करना: इसमे कोई संदेह नही है मॉइस्चराइजिंग स्किनकेयर आहार के उठाया गया एक जरूरी कदम है। मॉइस्चराइज़र का उपयोग आपकी त्वचा पर निर्भर करता है कि आपकी त्वचा सुखी है,नार्मल है या तैलीय। आमतौर पर बहुत रुखी सूखी त्वचा के लिए मलाईदार मॉइस्चराइज़र का उपयोग करके उसमे नमी ला सकते है।


मॉइस्चराइज़र का उपयोग मौसम भी तय करते है बहुत अधिक धुप में सूर्य के किरणों के प्रभाव से अपनी स्किन को बचाने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर सकते है और आपको पानी की मात्रा में भी वृद्धि करनी पड़ सकती है। 


ये भी याद रखिये रात को चेहरे को शुद्ध करने के लिए अच्छी तरह धोये सनस्क्रीन या किसी भी तरह की क्रीम को अपने शरीर से निकल कर त्वचा को साँस लेने पूर्ण आजादी दे। 
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हाइट बढाने के सरल अचूक और कुदरती उपाय

किसी भी तरह के व्यक्ति की क्षमताओं को कमजोर नही समझा जा सकता ये सत्य हम सभी जानतें है फिर भी एक अच्छी हाइट वाले इंसान अक्सर ध्यान का केंद्र बन जाते है और उसी स्थान पर कई बार कम हाइट के लोग मजाक का पात्र बन जाते है। अकसर देखा गया है कम हाइट वाले लोगो को अपने जीवन में अन्य लोगो के मुकाबले कुछ पहलुओं में अधिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इन्ही हंसी मजाक और कठिनाईयों का सामना करते हुए कई बार उनके कम कद वालों के मन में विश्वास की कमी आ जाती है और वह हीन भावना से भर जाते है।

कुछ लड़के-लड़कियां अपनी इस हीन भावना को दूसरों से छिपाने के लिए लम्बी हील्स वाली सैंडल और जूते का इस्तेमाल करते है जिसका असर उनके स्वास्थ्य पर काफी बुरा पड़ता है। ऊँची हील्स के प्रयोग की जगह आप हमारें कुछ सुझावों को अपनाकर जेनेटिक कारण होते हुए भी अपने कद की लम्बाई में 20 % तक इजाफा स्वाभाविक रूप से प्राप्त कर सकते है।





समूची नींद : कई पुरानी पीढ़ी के लोग नींद का अभिप्राय आलस्य से लेते है। उनके अनुसार मेहनतकश लोगो के लिए जितनी नींद कम ली जाएँ उतना अच्छा है पर सत्य इसके विपरीत है जब हम अपनी पूरी नींद लेते है तो हमारा शरीर ऊतकों का पुन: निर्माण करता है। ऊतकों का पुन: निर्माण से हमारा शरीर तेजी से बढ़ता है। बढ़ते बच्चों और किशोरों को 8 से 11 घंटे तक की पूरी नींद लेना अच्छी हाइट के लिए आवश्यक होता है। उचित और गहरी नींद की आदत अगर किसी को बचपन से हो तो स्वाभाविक रूप से हाइट बढ़ाने में काफी मदद मिलती है।





खेल और कसरत
 : व्यायाम और खेलकूद कद प्राप्त करने के सुझावों में सर्वश्रेष्ठ है। शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के फलस्वरूप आपका शरीर स्वस्थ रहता है और शरीर में खिचाव के साथ-साथ बॉडी में पोषक तत्वों और विटामिनों की मांग काफी बढ़ जाती है और इसी कारण खेल और कसरत से आपका विकास काफी अच्छा होता है।


आप खेल में तैराकी, एरोबिक्स, टेनिस, क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल या खींच वाले व्यायाम दैनिक गतिविधियों में शामिल कर एक अच्छी हाइट और अच्छी बॉडी खेल-खेल में हासिल कर सकते है। रीढ़ की हड्डी के साथ हैंगिंग या फिर सिंपल हैंगिंग 12 सेट बनाकर बार-बार दोहराना या 2 घंटे की तैराकी लंबाई बढ़ाने में बहुत कारगर उपाय है।





योगाभ्यास : योग स्वाभाविक रूप से शारीरिक कद बढ़ाने का एक ज़ोरदार तरीका है। योग आपकी अपेक्षा से अधिक अच्छे नतीजे प्रदान करता है इसलिए लम्बाई की चाह रखने वाले कभी भी योग की अनदेखी ना करें। योग में खींच और संतुलन वाले योग का अभ्यास कर आप मांसपेशियों को मजबूत कर अपनी शारीरिक मुद्रा में भी सुधार ला सकते है आप अच्छी हाइट के लिए भुजंगासन, ताड़ासन,त्रिकोणासन,सुखासन और सूर्यनमस्कार को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल कर सकते है।
हाइट बढ़ने के तरीके




डाइट : एक अच्छी हाइट के लिए संतुलित आहार उचित पोषण के साथ-साथ लम्बाई पर नकारात्मक प्रभाव पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों जैसे जंक फूड अत्याधिक चीनी युक्त भोजन या ड्रिंक अधिक वसा और कार्बोनेटेड पेय से दूरी भी अत्याधिक जरूरी है। आप इनके स्थान पर शरीर की जरूरत के अनुसार विटामिन और खनिज युक्त पदार्थ के साथ घर पर फ्रूट्स और नट्स के स्वादिष्ट पकवान और पेय बना कर इस्तेमाल कर सकते है।
लम्बाई कैसे बढ़ाये

विटामिन डी और प्रोटीन वृद्धि हार्मोन में मदद बेशक लम्बाई विकसित करने की अनुमति देता है पर शरीर के समुचित विकास के लिए मैग्नीशियम फास्फोरस कार्बोहाइड्रेट और विटामिन जैसे अन्य पोषक तत्वों को नजरअंदाज हरगिज नही किया जा सकता इसलिए आप डेयरी उत्पादों और हरी सब्जियों के साथ-साथ शतावरी अंडे, कस्तूरी और मूंगफली फलियां, दुबला मांस और नट्स भी शामिल करें। ये शारीरिक विकास का अच्छे से नेतृत्व कर सकते हैं। कैल्शियम हड्डियों की वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक होता है इसलिए पनीर,दूध दही,घी मक्खन इत्यादी रोज बदल-बदल कर शामिल कर सकते है।
भुजंग आसन



लम्बाई बढाने के उपाय
दूरी है बहुत जरूरी : अगर आप ने अपनी लंबाई बढानी है तो सब उपायों के साथ-साथ बाहरी या आंतरिक से शरीर को प्रभावित करने वाले अवरुद्ध को सदा के लिए त्यागना पड़ेगा। कम उम्र में अल्कोहल और ड्रग्स आपके और आपकी अच्छी हाइट के बीच में सबसे बड़ी बाधा है इसलिए आपको शराब,सिगरेट,कैफीन युक्त पेय के अलावा स्टेरॉयड से भी दुरी रखना अतिआवश्यक है। ये सभी हड्डियों के विकास को बाधित कर हाइट पर प्रतिकूल प्रभाव डालते है।
लंबाई बढ़ाने की दवा

प्रतिरक्षा प्रणाली: कई बार बचपन की बीमारियों की वजह से हाइट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इसलिए बचपन से ही बच्चों को नियमित टीकाकरण कराते रहना चाहिए इसके अलावा खाद्य पदार्थ खाने से भी हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली काफी मजबूत होती है। 
लम्बाई बढ़ाने के घरेलू उपचार
एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा -3 फैटी एसिड में अमीर फल, सब्जियां, फलियां, साबुत अनाज का सेवन और हाइड्रोजनीकृत और नकली मक्खन से परहेज हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ बनाए रखने में काफी योगदान देता है।
लम्बाई बढाने के योग




आत्मविश्वासी बनें : कई बार कुछ समय के लिए हमारी हाइट अन्य लोगो के मुकाबले कम होती या फिर रुक जाती है। ऐसे समय में हीन भावना पैदा करने की जगह आत्मविश्वास बने। एक सकारात्मक मानसिकता ही जीवन में परिवर्तन ला सकती है इसलिए बचपन से ही विश्वास खेती कर अपने आत्मविश्वास का निर्माण करें। हीन भावना आपके शरीर में विकार पैदा कर देती है और कई बार इस कारण में भी उम्र कम होने पर मतलब समय से पहले शरीर का विकास रुक जाता है। अच्छे शारीरिक विकास के लिए तनाव मुक्त और सकरात्मक विचार बहुत जरूरी है।
लम्बाई बढाने की आयुर्वेदिक दवा
ऊपर दिए सभी सुझावों को अपने जीवन में अपनाकर कम हाईट की समस्या को कुछ हद तक अवश्य ही कम कर सकते है इसके अतिरिक्त अगर आपकी हाइट नही बढ़ रही है तो बिना देरी किये डॉक्टर से सम्पर्क साध हाइट रुकने के कारणों का पता लगा उन्हें दूर करने का प्रयास करें।
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नई दुल्हन विवाह के बाद परफेक्ट बॉडी शेप और फिटनेस के लिए अपनाएं ये मंत्र

नई नवेली दुल्हन विवाह के बाद सबसे अधिक किसी चीज को लेकर लापरवाही करती है तो वह है उसकी फिटनेस। शादी के दिनों में खूबसूरत और फैब दिखने वाली ब्यूटीफुल महिलाएं विवाह के बाद वसा से लद जाती है। नई दुल्हन को विवाह के कुछ दिन पहले से पार्टी और बाहर का खाना मिलना शुरू हो जाता है और ये सिलसिला हनीमून के दौर तक चलता है जिस वजह से उनके स्वास्थ्य और फिटनेस का संतुलन बिगड़ने लगता है।  
विवाह के कुछ महीनों तक दुल्हनों को घर और बाहर के काम से छुट्टी मिल जाती है जो उनके स्वस्थ जीवन शैली में बड़ा परिवर्तन लाता है इसी कारण विवाह के बाद अधिकतर महिलाओं में मोटापे की शिकायत देखी गई है। अगर आप को भी लगता है कि आप भी विवाह के बाद स्वास्थ्य मुद्दे भूल सकती है या फिर आप विवाह के बाद से स्वस्थ जीवन शैली का पालन नही कर रही है तो कुछ आसान तरीके को सूचीबद्ध कर और उनका पालन कर विवाह के बाद भी फिट रह सकती है। 




कम कैलोरी वाले भोजन : भारतीय पत्नियों को अपने पतियों के लिए भोजन बनाना काफी पसंद आता है और वह इसमे विशेष रूचि भी दिखाती है। विवाहित महिलाएं अपने इस गुण का लाभ उठा कर अपनी और अपने पति की फिटनेस कायम कर सकती है। महिलाएं किचन से वसायुक्त खाद्य पदार्थों को अलविदा कह सकती है। अगर शुरूआती विवाह के दिनों में ये संभव ना हो तो वह सप्ताहांत और विशेष अवसरों के लिए ही वसायुक्त भोजन चुने इसके अलावा आप कम कैलोरी वाला भोजन स्वादिष्ट रूप से बना कर बाहर के खाने के खर्च और बीमारी दोनों से खुद और अपने पति को बचा सकती है। 


फिटनेस के लिए बुद्धिमता : विवाह के शुरुआती दिनों में अगर आप फ्रिज की जिम्मेदारी खुद उठा लेती है तो आपकी सास का काम भी कम होगा और आपको फिटनेस और तारीफ दोनों मिलेंगी। फ्रिज की जिम्मेदारी लेते ही आप तले हुए स्टोर स्नैक्स ,मिठाईयों और फैटी फ़ूडस को जल्द से जल्द किसी भी बहाने से बाहर निकाल कर उनकी जगह फल ,सब्जियों के साथ-साथ हेल्थी ड्रिंक्स और अच्छे जूस रख कर अपनी फिटनेस विवाह के बाद भी कायम रख सकती है।


पति के साथ बाहर जाने की योजना : अपने पति के साथ रोमांटिक मूड में बाहर जाने का ये कतई अर्थ नही है कि आप चिप्स के एक बडे कटोरे के साथ एक रोमांटिक डिनर या मूवी देखने ही जाए। आप अपने पति के साथ जिम भी जा सकती है ये भी काफी रोमांटिक और स्वास्थ्यवर्धक भी होगा इसके अतिरिक्त आप रोमांटिक मूड में अपने पति के साथ डांस भी कर सकती है या आप अपने पति के बाहें पकड़ रोजाना पार्क में या अपने घर की छत पर कुछ दुरी की पैदल यात्रा करने का प्लान बना सकती है। रोजाना पति के साथ सैर करने की आदत आपके पति और आपके बीच विश्वास पैदा करने और  आपकी नई शादी से उत्पन्न स्ट्रेस को कम करने में भी मदद करेगा।


कसरत जरुर करें : अगर आप विवाह के बाद सारा दिन घर में रहती है और घर में आपको अधिक काम नही करना पड़ता है तो यह दिनचर्या आपको जल्द ही मोटी बना देगी इसलिए अगर आपके सामने ऐसी स्थिति विवाह के बाद पड़ जाती है तो अधिक घबराने की जरूरत नही है आप रोजाना कम से कम 40 मिनट योग या कसरत कर अपनी फिटनेस और बॉडी शेप कायम रख सकती है। योग और कसरत उन महिलाओं को भी अपनाना चाहिए जो बाहर या घर पर अधिक काम करती है। अगर वह रोजाना समय नही निकाल पाती है तो भी उन्हें सप्ताह में 4-5 घंटे अवश्य निकालने चाहिए। योग और कसरत करने से आप मानसिक रूप से मजबूत और शरीरक सुंदर बनेंगी। 


गुस्से में गलत खाना : कुछ महिलाएं शादी के बाद झगड़े, मन मुटाव का सामना होते ही सबसे पहले अपना खाना त्याग देती है और उसके स्थान पर फ़ास्ट फ़ूड या चॉकलेट, कैंडी वसायुक्त और बाजारी खाद्य पदार्थों से अपनी भूख शांत करने की कोशिश करती है। कई बार महिलाओं का ये सिलसिला कई-कई दिन तक चलता है जिससे उनकी बॉडी शेप और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। अपनी भावनाओं पर काबू रखना और हर मुद्दे को बातचीत से हल करने का गुण ही महिलाओ को सर्वश्रेष्ठ ग्रहणी एवं सुंदर लेडी बनाता है। 


परिवार में फिटनेस के लिए प्रेरणा पैदा करें : आप अपनी प्राथमिकता में फिटनेस को शामिल करें और बॉडी को हमेशा बेहतर शेप में रखने का ठोस प्रयास करें। निश्चित ही आपको उर्जावान और आपकी परफेक्ट बॉडी शेप देख आपका पूरा परिवार आप से प्रेरणा लेगा और आपके पति भी फिटनेस के लिए जागरूक बनेंगे। 


सभी उपायों का पालन करते हुए एक बात का विशेष ध्यान रखें कि आप फिटनेस को लेकर अधिक सख्ती ना ही परिवार के लिए और ना ही खुद के लिए करें। ठीक अवसरों पर परिवार का मान रखते हुए आप कभी-कभी तली हुई और शक्करयुक्त खाद्य पदार्थों का लुफ्त अपने पति के साथ उठा सकती है। इसके अतिरिक्त योग सैर और कसरत में अपने पति का मूड देख कर ही उन्हें अपने साथ शामिल करें।
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