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Saturday, January 28, 2017

सुंदर एवं सुडोल पीठ लिए घरेलु उपाए

आजकल के इस बदलते दौर में महिलाओं का पहनावा पहले के समय के मुकाबले काफी बदल गया है. आज के समय में महिलाओं के बीच नीचे गले (deep neck) डालने का चलन तेज़ी से बढ़ता जा रहा है. गहरे गले के न सिर्फ ब्लाउज बल्कि सूट भी काफी पसंद किये जाते है. गहरे गले के कपड़े पहने जाने के बाद भी अधिकतर महिलाएं केवल अपने चेहरे की सुन्दरता की ओर ही ध्यान देती है. गर्दन, हाथ, बाल आदि का, और पीठ को साफ़ रखना उनके लिए आवश्यक ही नहीं होता. अक्सर महिलायें केवल अपने चेहरे को साफ़ करके ही सुन्दरता के प्रति संतुष्ट हो जाती है. इसी वजह से महिलाएं चेहरे से तो सुन्दर लगती है परन्तु जब नजर पीठ की ओर जाती है तो चेहरे की सुन्दरता की भी वैल्यू कम जाती है. इसलिए जितना जरूरी चेहरे आदि को साफ़ करना होता है उनता ही जरूरी पीठ को भी साफ करना होता है. गहरे गले के ब्लाउज व सूट आदि डालने के कारण महिलाओं की पीठ काफी खुली रहती है जिसके कारण पीठ बहुत जल्दी मैली हो जाती है. अतः यह आवश्यक है कि जितना ध्यान व समय चेहरे की खूबसूरती की ओर दिया जाता है उसमें से थोडा समय और ध्यान पीठ की ओर भी दिया जाए.

पीठ के सुन्दर न रहने के कारण :-

हमारी पीठ के साफ़ न रह पाने का सबसे बड़ा कारण यह होता है की हम स्वयं अपनी पीठ को आसानी से साफ़ नहीं कर पाते. हम अपने शरीर के उन अंगो को तो आसानी से साफ़ कर लेते है जिन्हें हम स्वयं देख सकते है और जहाँ हमारे हाथ आसानी से पहुँच जाते है. परन्तु पीठ को ना हम देख पाते है और ना ही हमारा हाथ आसानी से पहुँच पाता है. इसी कारण के रहते हम अपनी पीठ को ठीक प्रकार से साफ़ नहीं कर पाते है. नहाते समय भी हमारी पीठ ठीक प्रकार से साफ़ नहीं हो पाती है जिसके कारण धीरे-धीरे पीठ पर मैल की परतें जमना शुरू हो जाती है. मैल व गंदगी के कारण पीठ पर काले धब्बे भी हो जाते है जिनकी वजह से खुजली की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है. इनके अलावा पीठ के खुले रहने के कारण भी इस पर धुल-मिटटी के साथ साथ धुप की तेज़ किरणों का हमारी पीठ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. बाहर आने जाने के कारण हमारे शरीर के खुले हिस्सों का रंग धीरे धीरे काला पड़ने लग जाता है. जिससे हमारी सुन्दरता में कमी आने लगती है.

हमारी पीठ के मैले होने का कारण न केवल बाहरी धुल-मिटटी व धुप है बल्कि घर में रहते हुए भी कई कारणों से हमारी पीठ मैली हो जाती है. जैसे जिनके बाल तैलीय होते है तथा सिर में रुसी की समस्या होती है, सिर में रुसी होने के कारण कई बार रुसी कमर पर भी झड़ती है तथा बाल भी छुते है, जिसके कारण पीठ पर दाग आदि हो जाते है जो हमारी सम्पूर्ण सुन्दरता में बाधा बनते है. इसके अलावा रसोईघर में काम करते हुए पसीना आने के कारण भी अक्सर महिलाओं की कमर पर मैल जम जाता है. इसके साथ साथ गर्मी के मौसम में घुमोरियां भी एक बहुत बड़ा कारण है कमर के सुन्दर न दिखने का.

अधिकतर महिलाओं के मोटापे के कारण उनकी पीठ के दोनों ओर मांस बढ़ जाने के कारण भी पीठ भद्दी लगती है. इसके अलावा कुछ स्त्रियों के कमर पर बाल होते है जिसके कारण भी पीठ भद्दी लगती है. इन सब समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए समय समय पर पीठ को साफ़ रखना आवश्यक है साथ ही उचित खान-पान, नियमित व्यायाम, मालिश, ब्लीचिंग आदि तरीको को अपनाना चाहिए.

उपचार:- पीठ के कालेपन, दाने आदि अनेक समस्याओं के लिए इनकी कारण के अनुसार उचित उपाय अपनाने पर धीरे धीरे इन समस्याओं से निजात पाया जा सकता है.
  1. १.  यदि बालों में रुसी की समस्यां हो और जिसके कारण पीठ पर दाने हो रहे हो तो ऐसे में नहाते समय अपनी पीठ पर किसी औषधियुक्त साबुन या liquid का ही प्रयोग करे. नियमित इसके उपयोग से आपको दानो की समस्यां में लाभ मिलेगा.
  2. इसके अलावा इस बात का भी विशेष ध्यान रखे कि सिर धोते समय या बाद में गीले बालों का पानी आपकी पीठ को न छुए.
  3.  यदि किसी कारण से पीठ पर खुजली होती है तो रात को सोने से पहले अपनी पीठ पर अच्छी गुणवत्ता वाला एक्ने लोशन लगायें. इसके अलावा हर रोज ढीले वस्त्र पहन कर ही सोए. इससे खुजली की समस्या में आराम मिलेगा.
  4. पसीने, धूल-मिटटी व धूप के कारण पीठ पर मैल जम जाता है इसे हटाने के लिए हफ्ते में ३ से ४ बार नहाने से पहले पीठ पर थोडा-सा सरसों का तेल मलकर कुछ देर के लिए छोड़ दे फिर पीठ को मल-मलकर नहाएं जिससे सारा मेल अच्छी तरह से आसानी से छुट जाए.
  5. यदि आप मैल हटाने के लिए साबुन का प्रयोग कर रहे हो और साबुन के प्रयोग से भी मैल साफ़ नहीं हो रहा हो तो थोडा-सा मैदा दूध में मिला लें, एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें. अब इस घोल को पीठ पर लगा लें. दस मिनट के बाद गुनगुने पानी से धो लें. इससे त्वचा का कालापन और धुप से झुलसी त्वचा दोनों में आराम मिलेगा.
  6. त्वचा के कालेपन को दूर करने के लिए निम्बू का प्रयोग भी उत्तम रहता है. कमर पर निम्बू का रस लगाने से काफी लाभ मिलता है. निम्बू को छोटे- छोटे टुकड़ों मे काटकर पूरी पीठ पर अच्छी तरह से मल लें. लगाने के दस मिनट बाद या सूखने पर ठन्डे पानी से कमर को अच्छी तरह से साफ़ कर लें.
  7. कई बार महिलाओं के कमर पर छोटे-छोटे बाल होने के कारण भी उनकी पीठ काली नजर आती है. इसके लिए ब्लीचिंग करना एक बेहतर उपाय है. ब्लीचिंग विधि का प्रयोग आप घर पर भी कर सकती है इसके लिए ब्लीचिंग पैक को किसी ब्रुश के द्वारा कमर पर लगायें. इस पैक को १० से १५ मिनट तक लगे रहने दें, फिर पीठ को गर्म पानी से धोकर कोई कोल्ड क्रीम लगा लें. इस विधि का प्रयोग महीने में दो बार करे. ऐसा करने से त्वचा का कालापन दूर हो जायगा साथ ही साथ त्वचा पर चमक आ जायगी. और अवांछित बाल भी छिप जायंगे.
  8. पीठ की त्वचा को सुन्दर, मुलायम व चमकदार बनाने के लिए महीने में कम से कम एक बार किसी अच्छे घरेलु और आयुर्वेदिक फेसपैक का प्रयोग किया जा सकता है. इसके अलावा बेसन का पैक बनाकर भी प्रयोग किया जा सकता है. इसके लिए थोड़े से बेसन में कुछ मात्रा में गुलाबजल व दूध मिला कर एक लेप बना लें. इसे मुँह, गर्दन तथा पीठ पर लगाये. सूखने के बाद ठन्डे पानी से साफ़ कर लें.
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Sunday, January 22, 2017

ब्रेस्ट से सेल्यूलाइट डिम्पल हटाने के प्राकृतिक उपाय

आजकल के समय में बहुत से लोग अनचाहे सेल्यूलाइट डिम्पल के परेशान हैं और इसका सामना कर रहे हैं। शरीर के किसी हिस्से में सेल्यूलाइट डिम्पल का मुख्य कारण हमारी दोहरी जीवनशैली और गलत खानपान जैसे जंक फूड आदि है, हालांकि इसके लिए कुछ अन्य बातें भी जिम्मेदार होती हैं। सेल्यूलाइट डिम्पल शरीर के किसी भी स्थान या अंग पर हो सकता है जो त्वचा के नीचे जमे फैट या वसा की अतिरिक्त मात्रा की वजह से होने वाली एक समस्या है। महिला एवं पुरुष शरीर पर यह समान रूप से पाई जाती है और इनकी बनावट भी लगभग एक तरह की ही होती है। महिलाओं में सेल्यूलाइट डिम्पल मुख्यतः जाघों, पेट के आस पास के हिस्से, कूल्हों में दिखाई देती है इसके अलावा यह छाती या स्तन में भी दिखाई देने वाली एक आम समस्या बन चुकी है। शरीर के जिस हिस्से में सेल्यूलाइट डिम्पल होते हैं उस स्थान को बड़ी ही आसानी से पहचाना जा सकता है क्योंकि उस स्थान की त्वचा में गांठ की तरह का उठाव नज़र आता है जो सामान्य नहीं लगता, उपचार मौजूद हैं जो इस प्रकार हैं,

माका रूट की मदद से सेल्यूलाइट डिम्पल का इलाज (How to remove pimples from breasts by use of maca herb)

माका एक औषधिय गुणों वाला पौधा है जिसकी जड़ का इस्तेमाल कई तरह से औषधि की तरह किया जाता है, शलजम की तरह गहरे लाल या गुलाबी सा दिखने वाल आयाह छोटा पौधा पेरु, बोलिविया, अर्जेन्टीना आदि देशों में मुख्य रूप से पाया जाता है। इसकी जड़ को सुखकर पाउडर बनाकर इस्तेमाल करने से शरीर में वसा का जमाव कम होने के साथ ही साथ हार्मोन का संतुलन होता है। सेल्यूलाइट डिम्पल के आयुर्वेदिक उपचार (cellulite dimple ka aayurvedik upchar) के लिए यह खास रूप से प्रभावी है इसका चूर्ण या पाउडर बाज़ार में उपलब्ध है इसके अलावा ऑनलाइन स्टोर्स पर भी इसे आसानी से देखा जा सकता है।

सेल्यूलाइट को दूर करने के लिए एप्पल साइडर विनिगर का घरेलू उपाय (Remove cellulite dimple from breast with apple cider vinegar)

शरीर में हार्मोन के स्तर को संतुलित रखने के लिए एप्पल साइडर विनिगर बहुत उपयोगी होता है। त्वचा में इसके प्रयोग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, इसके उपयोग के तरीके इस प्रकार हैं,
  • एक गिलास पानी में 2 चम्मच एप्पल साइडर विनिगर की मिलकर पीएं।
  • आप इसे किसी भी मसाज ऑइल में मिलाकर शरीर के प्रभावित हिस्सों में मालिश कर सकते हैं, यह शरीर में जमा फैट को निकालने में मदद करता है।
  • अपने बाथटब में गुनगुना पानी लें, इसमें कुछ मात्रा में बेकिन सोडा और सेंधा नमक के साथ इसे मिलाकर शरीर के प्रभावित अंगों को कुछ देर इस घोल में डुबोए रखें, ऐसा करने से भी सेल्यूलाइट डिम्पल में प्रभाव पड़ता है और यह जल्दी ही शरीर से दूर हो जाते हैं।

नारियल के तेल से स्तन में जमा सेल्यूलाइट फैट का इलाज (Coconut oil se cellulite dimple hatane ke upay Hindi me)

सेल्यूलाइट डिम्पल को दूर करने के लिए आप नारियल के तेल का इलाज घर पर ही आसानी के साथ कर सकती हैं, यह प्रक्रिया थोड़ी लंबी ज़रूर है लेकिन सेल्यूलाइट डिम्पल को सामान्य करने के लिए यह प्रयोग प्राकृतिक तरीके से बिना किसी नुकसान के अपना प्रभाव डालता है। इसके लिए नारियल के तेल की मसाल अपने शरीर के प्रभावित हिस्सों पर मालिश के साथ करें, नारियल का तेल त्वचा की अंदरूनी नमी को बनाए रखता है और यह ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर करता है जिसकी वजह से त्वचा पर गांठ आदि गलकर सामान्य हो जाते हैं।

कार्डियो वस्कुलर एक्सरसाइज (How to remove cellulite naturally with cardio vascular exercise)

शारीरिक परिश्रम या एक्सरसाइज की कमी भी इसकी एक मुख्य वजह है।इसके लियी आपको दैनिक रूप से आसान और मेहनती एक्सरसाइज करने की आवश्यकता होती है जिससे शरीर में जमी चर्बी या वसा आसानी से निकल जाये। इसके लिए तेज चलना या साइकिलिंग जैसे व्यायाम उपयुक्त होते हैं। यह आपके शरीर में जमी वसा को जल्दी ही जलाकर पसीने के साथ बाहर निकाल देते हैं। सेल्यूलाइट डिम्पल को ठीक करने का यह सबसे सरल और आसान उपाय है।

सेहतमंद भोजन करें (Eat healthy to get rid of cellulite dimple naturally)

सेल्यूलाइट से बचने के लिए अधिक तेलयुक्त भोजन लेने से बचना एक बेहतरीन उपाय हो सकता है, इसके साथ ही अधिक चीनी या नमक वाली चीजों से भी दूर रहें। यह आपके शरीर में कैलोरी की मात्रा को बढ़ाकर वसा के रूप में जमा होती रहती है और मोटापे तथा सेल्यूलाइट जैसी समस्याओं को जन्म देती है।

ग्रीन टी से हटाएँ सेल्यूलाइट (How to remove cellulite fast with green tea)

सेल्यूलाइट के साथ मोटापा घटाने के लिए भी ग्रीन टी बहुत प्रभावी माना गया है। यह शरीर में जमा होने वाले फैट को जल्दी और कम समय में शरीर से बाहर निकालता है। इसमें पाये जान एवले एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और शरीर को अंदर से डीटॉक्स करने का भी काम करते हैं। इससे शरीर के अंदर जमा विषैले तत्व बाहर आ जाते हैं और शरीर भीतर से साफ रहता है। अच्छे परिणामों के लिए आपको दिन में 3 से 5 बार ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए।

सेल्यूलाइट हटाने के लिए जिलेटिन के उपाय (Cellulite dimple treatment in hindi with the use of gelatine)

कुछ स्टडीज़ में यह पाया है कि, कोलेजन का स्तर निम्न होना भी सेल्यूलाइट का एक मुख्य कारण है। जिलेटिन इस स्तर को बेहतर करने में मदद करता है जिसके पश्चात सेल्यूलाइट का निर्माण नहीं हो पाता या कम होता है। जिलेटिन एमिनो एसिड (amino acid) के अच्छे स्रोत होते हैं जो सेल्यूलाइट को आसानी से कम करने में मदद करते हैं और शरीर के किसी भी हिस्से में फैट के जमाव को रोकते हैं।

स्तन में जमा होने वाले सेल्यूलाइट के लिए टमाटर का पेस्ट (Cellulite dimple removal tomato paste)

टमाटर का पेस्ट शरीर में सेल्यूलाइट के निर्माण को कम करता है साथ ही रोकता भी है। इसका गाढ़ा पेस्ट बनाकर त्वचा में प्रभावित हिस्से में दिन में दोहराते रहें, इस विधि को लगातार कुछ हफ्तों तक करने से त्वचा में जमा फैट सेल्स में कमी आती है। कुछ टमाटर लेकर उसे मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें और इसका प्रयोग त्वचा पर करें।

समुद्री शैवाल या सिवार से पाएँ सेल्यूलाइट के फैट से मुक्ति (Use of kelp for breast cellulite treatment)

कम लोग ही जानते होंगे कि समुद्री शैवाल या सिवार सेल्यूलाइट के उपचार में अत्यंत ही लाभकारी होता है। इसमें मौजूद घटक शरीर में त्वचा की परत के नीचे जमा चर्बी को कम कर त्वचा व शरीर को सामान्य बनाता है। इसके प्रयोग के लिए आप इसे मौसमी व्यंजनों जैसे सूप आदि में डालकर खा सकते हैं।
सेल्यूलाइट पुरुषों कि अपेक्षा महिलाओं में अधिक सामान्य रूप से देखा जा सकता है। यह कोई गंभीर समस्या नहीं है और इसका इलाज घर पर इन्हीं कुछ सामान्य तरीकों से आसानी से किया जा सकता है। सेल्यूलाइट डिम्पल से दूर रहने के लिए आपको एक नियमित दिनचर्या और खानपान का तरीका अपनाना बहुत ज़रूरी है। साथ ही तेल से बनी चीजों, तले भुने आदि भोजन से दूरी बनाकर रखें और व्यायाम के साथ संतुलित भोजन व सेहतमंद भोजन शैली अपनाए।
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त्वचा के दाग धब्बे हटाने के बेहतरीन घरेलू उपाय और बेस्ट आहार जो आपकी त्वचा की रंजकता घटायें

पिग्मेंटेशन (Pigmentation) या त्वचा की रंगत में बदलाव त्वचा के वास्तविक रंग से संबंध रखता है। पिग्मेंटेशन का शिकार होने वाले लोगों को पैच स्किन और त्वचा का रंग गहरा होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। यह समस्या शरीर में मेलानिन की वजह से होती है।

मेलानिन वह घटक है जो त्वचा की ऊपरी परत में मौजूद होता है यह मेलानिन नामक तत्व मेलानोसाइट्स के द्वारा निर्मित होता है। मेलानिन का मुख्य कार्य त्वचा में मौजूद होकर सूर्य की तेज किरणों के द्वारा आने वाली अल्ट्रा वाइलेट किरणों से त्वचा की सुरक्षा करना होता है। यह त्वचा की सुरक्षा के लिए छाते की तरह कार्य करता है। जब इन मेलानिन तत्वों की मात्रा त्वचा में अत्यधिक हो जाती है तो डार्क स्किन और पैच स्किन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके विपरीत अगर, मेलानिन की मात्रा कम होती है तो स्किन का रंग हल्का गहरा होता है।
त्वचा में होने वाले इन गहरी रंगत की शिकायत किसी भी उम्र के महिला या पुरुष को हो सकती है जिसके अनेक कारण हो सकते हैं जैसे- तनाव या चिंता, लगातार सूर्य की तेज किरणों का संपर्क, गर्भनिरोधक दवाएं, मेनोपोज़, त्वचा के लिए लिए जाने वाले उपचार और यहाँ तक की प्रेग्नेंसी भी इस समस्या का एक मुख्य कारण हो सकती है। यह कोई बहुत गंभीर समस्या नहीं है लेकिन यह स्थिति लोगों के सामने आपको खूबसूरत और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने में असमर्थ होती है क्योंकि यह आपकी त्वचा से जुड़ा हुआ विषय है।
यह जानकार आपको भी आश्चर्य होगा की जीवनशैली और हमारे खानपान की आदत का सीधा असर भी त्वचा से संबन्धित समस्याओं पर पड़ता है। यहाँ नीचे दिये गए आहारों की कुछ सूची दी गई है जो आपके लिए त्वचा की परेशानियों को दूर करने में मददगार साबित होते हैं, अगर आप प्राकृतिक तरीके से त्वचा की परेशानियों से मुक्ति चाहते हैं तो आपको विभिन्न तरह के विटामिनों के साथ इन भोजन शैली को अपनाने की आवश्यकता है।
इन विटामिनों के सेवन से करें स्किन पिग्मेंटेशन का घरेलू इलाज (Skin pigmentation is mainly due to Lack of these vitamins)

विटामिन ए से भरपूर भोजन (Foods rich in vitamin A)

कई तरह की सब्जियों में विटामिन ए की भरपूर मात्रा पाई जाती है, इन सब्जियों को आप अपने पास के बाज़ार से बड़ी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। ये सभी सब्जियाँ त्वचा के गहरे रंग और दाग धब्बों को प्राकृतिक तरीके से हल्का करने में सहायक हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है की ये सब्जियाँ एंटीऑक्सी डेंट से भी भरपूर होने की वजह से शरीर और त्वचा के भीतरी डैमेज को सुधारने का काम करती है। इन सब्जियों में पालक, सलाद पत्ते, ब्रोकली, शिमला मिर्च और शकरकंद आदि शामिल हैं। इनमें से किसी भी एक सब्जी का नियमित उपयोग करने पर त्वचा पर सकारात्मक प्रभाव जल्दी ही दिखाई देने लगेगा।

विटामिन ई से भरपूर भोजन (Skin pigmentation treatment with Vitamin E – Foods rich in vitamin E)

त्वचा को विटामिन ई की वजह से होने वाले फ़ायदों की बहुमूल्यता से हम सभी परिचित हैं, त्वचा की सेहत के लिए विटामिन ई सबसे बेहतर तरीके से काम करता है जो बाहरी प्रयोग के साथ साथ भोजन के द्वारा भी ग्रहण किया जा सकता है। स्किन को ग्लो दें एसे लेकर तेज डीपी से बचाने के लिए भी विटामिन ई का प्रयोग बहुत अच्छा माना गया है। यह भी स्किन डैमेज को खतरों को काम कर स्किन की भीतर से सुरक्षा का काम करता है। विटामिन ई ग्रहण करने के लिए आपको अपने आहार में नियमित रूप से एवाकेडो, सेब, ब्रोकली, ग्रीन टी, सूखे मेवे और टमाटर आदि का सेवन करना चाहिए, यह फीकी पड़ती त्वचा और दाग धब्बों को त्वचा से दूर करने में मदद करते हैं। यह त्वचा के गहरे रंग को भी नियमित प्रयोग के द्वारा हल्का कर सकते हैं।

विटामिन बी12 से भरपूर भोजन (Foods rich in vitamin B12)

महिलायरें तथा पुरुष दोनों ही स्किन पिग्मेंटेशन की समस्या से ग्रसित हैं। विटामिन बी12 की कमी से भी त्वचा में इस तरह की समस्या दिखाई देती है। अगर आप भी इस कमी से त्वचा संबंधी समस्या का सामना कर रहे हैं तो आपको इसकी पूर्ति करने की हरसंभव कोशिश करनी चाहिए। विटामिन बी12 से भरपूर भोजन का सेवन कुछ हफ्तों तक लगातार करने से इस कमी को पूरा किया जा सकता है।
अधिकांश मांसाहारी भोज्य पदार्थों में विटामिन बी12 पाया जाता है, आप इसने सेवन से इस कमी को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए अंडे, बीफ़, लीवर, मटन और डेयरी उत्पादों में दूध और पनीर आदि का सेवन करना चाहिए।

विटामिन सी से भरपूर भोजन (Skin pigmentation treatment in Hindi – Foods rich in vitamin C)

विटामिन सी के सेवन से शरीर को बेहतर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट प्राप्त होते हैं। प्रतिदिन के हिसाब से इसका 1500mg मात्रा का किया गया सेवन स्किन पिग्मेंटेशन को दूर करता है और साथ ही त्वचा को दाग धब्बों से रहित बनाता है। यह त्वचा को चमकदार और उजला निखार भी देता है, विटामिन सी की उचित मात्रा आपके चेहरे को ब्राइटनेस के साथ बेहतरीन निखार देती है।
यह ज्ञात है की विभिन्न प्रकार के विटामिनों का सही और उचित मात्रा में किया गया प्रयोग शरीर को कई तरह की समस्याओं से बचाता है और यह खास तौर पर त्वचा के लिए बहुत बेहतरीन तरीके से काम करता है। स्किन पिग्मेंटेशन की समस्या को दूर करने के घरेलू उपाय के साथ साथ त्वचा की बाहरी सुरक्षा भी ज़रूरी होती है। इसके लिए आपको अपनी स्किन के टाइप का ध्यान रखते हुये सही प्रॉडक्ट का चुनाव करना चाहिए। धूप में निकलने के कुछ देर पहले ही त्वचा पर SPF 30+ वाला सनस्क्रीन लोशन लगाना चाहिए ताकि धूप की तेज किरणों से त्वचा का बचाव हो सके। अल्ट्रा वायलेट किरणों से बचाव के लिए बाज़ार में खास तौर पर कुछ उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होते हैं जिन्हें आप ऑनलाइन या अपने आस पास की किसी बड़ी दुकान से प्राप्त कर सकते हैं।
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चेहरे कि सुन्दरता और त्वचा के लिए एक्टिवेटेड चारकोल के उपयोग जानिए अभी

एक्टिवेटेड चारकोल का पहली बार प्रभावी प्रयोग प्रथम विश्व युद्ध के डोरण गैस मास्क में किया गया था जो फ़ौजियों को जहरीले केमिकल से बचाने में मदद करता था। इसके बाद 1930 में चारकोल का प्रयोग मुख्य रूप से पानी को स्वाधीन और गंदरहित बनाने के लिए किया जाने लगा और यह प्रविधि कई दशकों तक लगातार चलती रही। यह एक्टिवेटेड चारकोल भी दिखने में सामान्य चारकोल की ही तरह होता है इसकी खास बात यह होती है कि इसका प्रयोग उपचार के लिए किया जाता है। यह त्वचा की सतह पर समान रूप से फ़ेल कर पोरों के माध्यम से भीतर गहराई में प्रवेश कर लेते हैं और भीतर के टॉक्सिन या जहरीले तत्वों को खींचकर बाहर निकाल देते हैं। इसका प्रयोग रासायनिक क्रियाओं और इलाज के क्षेत्रों में किया जाता है। पर यहाँ हल इस काले चारकोल के कुछ ऐसे बेहतरीन गुणों की बारे में बताने जा रहे हैं जो वाकई बहुत दिलचस्प है, क्या आप यह जानते हैं कि यह काले रंग का पदार्थ चारकोल, त्वचा और हमारी सुंदरता को बेहतर करने में कितना मददगार होता है?

एक्टिवेटेड चारकोल के गुण (Benefits of activated charcoal)

दांतों को साफ करने के लिए चारकोल के उपयोग (Teeth whitening)

यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है की कैसे यह काला सा दिखने वाला पदार्थ दांतों को सफ़ेद करने में उपयोगी है, लेकिन यह सच है की चारकोल दाँतो की सफाई के लिए बहुत सहायक होता है। एक्टिवेटेड चारकोल का पाउडर दाँतो को सफ़ेद कर उसे नए जैसी चमक प्रदान करता है। अपने रोज के टूथपेस्ट में ऊपर से एक्टिवेटेड चारकोल के पाउडर की कुछ मात्रा को छिड़क लें और इससे दाँतो में ब्रश करें। यह शुरुआत में आपको अजीब लग सकता है लेकिन जल्दी ही आप इसके अभ्यस्त हो जाएंगे क्योंकि इसमें किसी तरह की गंध या कोई भी स्वाद नहीं होता। तो जब भी आप इससे ब्रश करें तो अच्छी तरह कुल्ला कर मुंह से इसके कणों को निकल जाने दें। इसके प्रयोग से आपको केवल 2 हफ्तों के भीतर ही सकारात्मक परिणाम नज़र आने लगेंगे।

टिप्स (Tips)

  • एक्टिवेटेड चारकोल के कण या पौदरे आपकी त्वचा में चिपकता नहीं और आसानी से बाहर निकल जाता है लेकिन यह कपड़ों के संपर्क में आने पर कपड़ों में ही रह जात है, तो इसे प्रयोग के पहले गीले कागज या कपड़े से अपने शरीर के अन्य अंगों को सुरक्षित कर लेना बेहतर होगा।
  • संवेदनशील दांतों के लिए इसका उपयोग उपयुक्त नहीं होता है। अगर आपको अभी तक नहीं पता कि आपके दाँत संवेदनशील है या नहीं तो समय के साथ अपने दाँतो के कमजोर एनामेल पर ध्यान दें, अगर आपको लगता है कि आपके डाँड संवेदी हैं तो इस प्रयोग को कम बार दोहराएँ और एक बार दांतों में सफेदी आ जाने के बाद इसके प्रयोग को बंद कर दें।

बढ़ती उम्र के प्रभावों से बचाता है चारकोल (Anti-aging)

चारकोल किडनी तथा लीवर में कोशिकाओं को नष्ट होने या डैमेज से भी बचाता है। यह हमारे शरीर की एड्रीनल ग्रंथि की सेहत कि भी सुरक्षा का काम करता है। रासायनिक रूप से इसका प्रयोग जहरीले तत्वों को बाहर निकालने के लिए किया जाता है, शरीर के भीतर भी यह इसी तरह का कार्य करता है। यह भोजन और आस पास के वातावरण की वजह से हमारे शरीर में प्रवेश कर चुके टॉक्सिन को बाहर निकालने का कार्य करता है। रोजाना इसकी 2 केप्सूल खाने से उम्र के पहले दिखाई देने वाले त्वचा संबंधी विकार दूर हो जाते हैं। यह हमारे शरीर की संज्ञानात्मक तंत्र की भी मरम्मत कर उसे बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करता है। यह किडनी और लीवर की सुरक्षा और मरम्मत के साथ पाचन क्रिया को भी बेहतर करता है।
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नाक के ऊपर के छिद्रों को बंद करने के उपाय, नोज पोर्स को कैसे बंद करें

नाक के ऊपर काले काले बिन्दुनुमा छिद्र देखने में कभी भी सुंदर नहीं लगते और ये काले बिन्दु नाक के ऊपर कुछ ज़्यादा और जल्दी ही नज़र में आ जाते हैं जो आपकी खूबसूरती को कम करने का काम करते हैं। आप चाहें इन्हें कितना ही नापसंद क्यों न करें लेकिन ये जिद्दी काले पोर्स आपका साथ नहीं छोडते और उपायों के कुछ दिन बाद फिर से वापस आ जाते हैं।

हमारी त्वचा में हर जगह पोर्स या छोटे छोटे छिद्र होते हैं, पर नाक और ठोड़ी के आस पास की जगह में ये ज़्यादा साफ दिखाई देते हैं, जिनका मुख्य कारण पर्यावरण का प्रदूषण और गंदगी है, त्वचा के इन पोर्स में डेड स्किन, धूल मिट्टी के कण और मैल आदि जमा होता रहता है जिसकी वजह से ये रॉम छिद्र बंद हो जाते हैं और इनमें जमा गंदगी काले काले बिन्दु के रूप में उभर आती हैं। इन्न पोर्स का मुख्य काम त्वचा को प्राकृतिक तरीके से तेल या नमी प्रदान करना है जो त्वचा को मुलायम और नैचुरल तरीके से कोमल बनाए रखती है। जब यह पोर्स गंदगी से बंद हो जाते हैं तो त्वचा के अंदर तेल या नमी का प्रवेश भी बंद हो जाता है। तेल न पहुँच पाने की स्थिति में त्वचा में फैलाव उत्पन्न होता है और ये पोर्स पहले से अधिक बड़े और स्पष्ट नज़र आने लगते हैं जो वाकई खराब दिखते हैं।
सबसे अच्छी बात यह है कि, अगर आप नियमित रूप से त्वचा की ठोड़ी देखभाल करें तो इन पोर्स से आप छुटकारा पा सकती हैं। अगर आपके नाक के पोर्स भी बड़े और साफ दिखते हैं तो आप इन्हें कुछ आसान उपायों से आसानी से दूर कर सकती हैं।

भाप के द्वारा नाक के पोर्स को साफ करने के उपाय (Face steaming to unclog nose pores, unclog nose pores at home)

भाप द्वारा चेहरे के किसी भी स्थान के पोर्स को आसानी से खोला जा सकता है, इसके द्वारा पोर्स को खोलकर उसमें जमा गंदगी और मैल इत्यादि बाहर निकल जाते हैं और पोर्स दोबारा सांस लेने में सक्षम हो जाते हैं। नीचे दिये गए इन चरणों के माध्यम से आप पोर्स को अनक्लोग कर सकते हैं।
  • फेशियल स्टिमिंग बंद पोर्स को खोलने का आसान तरीका है। सबसे पहले अपनी त्वचा या चेहरे पर लगा मेकअप निकाल लें। मेकअप उतारने के लिए मेकअप रिमूवर या ऑइल क्लिंजिंग की मदद ली जा सकती है। आप अपनी सहूलियत के अनुसार उत्पाद का चुनाव कर सकते हैं लेकिन इतना ध्यान रहे कि आपकी त्वचा से मेकअप का पूरा अंश निकल चुका हो और किसी भी तरह का कोई हिस्सा आपकी त्वचा में नहीं होना चाहिए।
  • अब गुनगुने पानी के साथ किसी सौम्य फेशियल क्लिंजर का इस्तेमाल करें। अपने चेहरे को गीला कर क्लिंजर की मदद से 1 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें। मसाज करते वक़्त नाक और ठोड़ी की जगहों पर विशेष ध्यान देते हुये उन जगहों पर ज़्यादा बार मसाज दोहराएँ। 1 मिनट हो जाने के बाद हल्के गरम पानी से चेहरे को धोकर सूखा लें, चेहरे को साफ तौलिये से पोछें और रगड़कर न सुखाएँ।
  • चेहरे पर भाप देने के लिए फेशियल स्टीमर होना ज़रूरी नहीं है बल्कि आप घर पर ही एक मोटे तौलिये और छोड़े मुंह वाले बतरण या पैन के द्वारा ही स्टीम ले सकती हैं। एक बर्तन में पर्याप्त मात्रा में पानी लें और इसे बुलबुले उठते तक उबालें। पैन को आग से हटाकर बाहर रखें। एक मोटा तौलिया लें और इसे अपने सिर के ऊपर रखकर कवर करें। अपना चेहरा पैन से उठ रही भाप की ओर रखें और ऊपर से तौलिया आपके सिर पर ढंका हुआ होना चाहिए ताकि भाप बाहर न निकल जाये और आपके स्किन पर पर्याप्त भाप पड़ सके। ध्यान रखें कि आपका चेहरा गरम पानी की भाप से पर्याप्त दूरी पर हो।
  • 8 से 10 मिनट तक भाप लेने के बाद टॉवल को सिर से हटा लें, इसके बाद अपने चेहरे को सामान्य पानी धोकर साफ करें, इससे चेहरे के पोर्स में जमा गंदगी आदि निकल जाएगी, इसके बाद चेहरे को पोंछ कर ठंडे पानी से दोबारा चेहरा अच्छी तरह साफ कर सुखाएँ।
  • अपने चेहरे को सुखाने के बाद नॉन-अल्कोहल टोनर तुरंत अपने चेहरे पर लगा लें ताकि आपके पोर्स अच्छी तरह बंद हो जाएँ।
  • टोनर लगाने के बाद कोई सौम्य मोश्चराइजर अपनी त्वचा में लगा लें, क्योंकि भाप लेने की प्रक्रिया के दौरान आपको त्वचा की नमी खो जाती है इसी नमी को बनाए रखने के लिए सौम्य मोश्चराइजर लगाना बहुत ज़रूरी होता है।
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Friday, January 13, 2017

2 हफ़्तों में दूर करें झुर्रियां

प्रदूषण, धूल-मिट्‌टी, तनाव, धूप और दौड़भाग न जाने कितनी चीजों का सामना हमारी त्वचा को प्रतिदिन करना पड़ता है। ऐसे में समय रहते उचित देखभाल न करने से उम्र के पहले ही चेहरे पर झुर्रियों पड़ जाती हैं। चिरयुवा बने रहने तथा सौंदर्य कायम रखने में सबसे बड़ी बाधा हैं झुर्रियों की समस्या। बढ़ती उम्र के निशान सबसे पहले चहरे पर ही नजर आते हैं। यदि त्वचा की उचित तरीके से देखभाल की जाए तो वर्षो तक चेहरा स्निग्ध व कमनीय बना रहेगा।



नैसर्गिक रूप से महिलायें अपने सौंदर्य के प्रति सचेत रहती हैं, कभी-कभी असमय ही झाईयां-झुरियां होने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। आमतौर पर झुर्रियां बढ़ती उम्र की निशानी मानी जाती है लेकिन जिस तरह से हमारे खानपान व जीवनशैली में बदलाव आया है, उम्र में ही चेहरे पर झुर्रियां नजर आने लगी है। झुर्रियां अक्सर शरीर के भागों में होती हैं जो अक्सर खुला, नाजुक और कोमल रहता है।

कैसे पड़ती है झुर्रियां
झुर्रियों का प्रमुख कारण त्वचा की खुश्की है। त्वचा की प्राकृतिक चिकनाई होने लगती है। जिसके कारण त्वचा और आंखों के आसपास लकीरें होने लगती है। क्रोध, चिंता, शोध, झुंझलाहट, तनाव आदि का असर त्वचा पर पड़ता है। तनावयुक्त रहने पर हमारे माथे पर सलवटें पड़ती है जिससे वहां की त्वचा में ढीलापन आकर त्वचा लटक जाती है और झुर्रियां पड़ने लगती है।

अधिक धूप आंतरिक त्वचा के लिये नुकसानदायक है। तीव्र धूप त्वचा की स्कीन को सोखकर उसे सिकोड़ देती है जो अंखों के नीचे झुर्रियों का कारण होते हैं। ठंड के प्रकोप से भी त्वचा कठोर हो जाती है और झुर्रियां नजर आने लगती है।

साबुन में मौजूद कॉस्टिक सोडा त्वचा के रहे- सहे तेल को भी सोख लेता है। जिससे कम उम्र में ही हमारे चेहरे पर झुर्रियां नजर आने लगती हैं। कॉस्मेटिक का अधिक उपयोग भी त्वचा के लिए हानिकारक है।

कॉस्मेटिक्स त्वचा के भीतर जाकर उसके रोमछिद्रों को अवरूद्ध कर देते है। जिससे त्वचा की सही तरीके से सफाई नहीं हो पाती और धीरे-धीरे हमारे चेहरे पर झुर्रियां नजर आने लगती है।

कहां होती है झुर्रियां

झुर्रियां अक्सर हमारे चेहरे और गर्दन पर होती है। चूँकि ये शरीर के वे भाग हैं, जो सबसे ज्यादा धूप व बाहरी वायु के सम्पर्क में होते है। आंखों के नीचे से शुरू होकर झुर्रियां गर्दन के आसपास भी होने लगती है।

झुर्रियों से बचाव तथा उपचार

झुर्रियों से मुक्ति पाने का एकमात्र व सर्वश्रेष्ठ उपाय है, इससे बचाव। झुर्रियों से त्वचा को बचाने के लिए हमें अपने खानपान व जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना होगा।


  • * प्रोटीन तथा तैलीय तत्वों से युक्त भोजन लें, किन्तु वह गरिष्ठ न हो इसका भी ध्यान रखें। बादाम, गाजर व आंवले का सेवन अत्यंत लाभप्रद है।
  • *नियमित व्यायाम करें। योग अभ्यास से भी त्वचा कसावदार व कांतिपूर्ण होती है।
  • *त्वचा को रूखा न रहने दें मलाई या माइश्चराइजर का प्रयोग करें। चेहरे के लिए हमेशा ग्लिसरीनयुक्त साबुन का प्रयोग करें।
  • * नियमित रूप से चेहरे की मालिश झुर्रियां रोकने में सहायक है।
  • * तनाव चिंता से दूर रहें दैनिक व्यवहार में सौम्य व प्रसन्न रहें।
  • * पानी भरपूर पिएं।


झुर्रियां समाप्त करने के नुस्खे

  • *कच्चे दूध से चेहरा साफ करने तथा फेस पैक में शहद और संतरे का रस मिलाकर लगाने से त्वचा में निखार आता है।
  • *नीम, पुदीना, तुलसी की पत्ती का पाउडर और मेथी पाउडर एंटीसेप्टिक का काम करता है।
  • लाल चंदन शीतलता और चिकनाहट प्रदान करता है।
  • * टमाटर और नीबू का रस मिलाकर शरीर पर लगाएं। नहाते समय इस लेप को रगड़कर छुड़ा दें। कुछ सप्ताह तक ऐसा करने से त्वचा कोमल हो जाती है।
  • *शहद में मलाई और नीबू का रस मिलाकर अच्छी तरह मिक्स कर चेहरे व आंखों के नीचे लगाएं। इससे आंखों के नीचे का कालापन दूर होकर झुर्रियां समाप्त होती है।
  • * मूली कसकर रस निकालें व समान मात्रा में मक्खन मिलाकर चेहरे व गर्दन पर लगाएं, एक घण्टे बाद कुनकुने पानी से धो लें।
  • * गरम पानी में संतरे के छिलके डाल दें, रात भर पड़ा रहने दें। सुबह इसी पानी से चेहरा धोएं । ऐसा करने से त्वचा में कसाव आता है।
  • *पपीते का गुदा मसलकर चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद चेहरा साफ कर लें। कुछ दिन लगातार ऐसा करने से झुर्रियों से मुक्ति मिलती है।
  • *आधा चम्मच मलाई में नींबू की चार- पांच बूंदे मिलाकर सोने से पहले चेहरे पर अच्छी तरह मलें। दोनों हाथों से मलाई तब तक मलते रहें जब तक कि मलाई घुलकर त्वचा में एकसार न हो जाए।
  • *खीरे को कद्दूकस कर चेहरे पर लगाने से त्वचा कांतिमय होती है।
  • *त्वचा की झुर्रियां मिटाने के लिए गाजर, टमाटर और चुकंदर का रस नियमित पिएं।
  • * ई और ओ बोलते हुये एक बार चेहरे को फैलाएं और फिर सिकोड़ें। इससे गालों का अच्छा व्यायाम होता है। जिसमें गालों की पुष्टि होती है और झुर्रियों से बचाव।
  • * त्वचा पर बढ़ती झुर्रियां समय से पहले आपकी आयु बढ़ा देती हैं। इन्हें छिपाने के लिए लोग भांति भांति के कास्मेटिक्स प्रयोग करते हैं किन्तु मुख्य सफलता इन्हें छिपाने के बजाए हटाने में है।
  • *हल्दी शहद पेस्टः हल्दी में शहद मिलाकर पेस्ट बना लें और उसे गले और चेहरे पर लगाएं। 10-15 मिनट बाद इसे पानी से धो लें।
  • * चावल के आटे का पेस्टः एक कप चावल के आटे में दूध और गुलाब जल मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे, गले और माथे पर लगाएं और 20 मिनट तक छोड़ दें और फिर पानी से धो लें।
  • *चंदन पाउडरः छाछ पाउडर न केवल त्वचा से झुर्रियां हटाने में सहायक है बल्कि चेहरे से मुंहासो को भी दूर करता है। चंदन पाउडर में गुलाब जल डालकर चेहरे पर लगाएं और 7-10 मिनट बाद पानी से धो लें।
  • *दूध, टमाटर और हल्दी पेस्टः कच्चे दूध में टमाटर की प्योरी, चावल का आटा और हल्दी पाउडर मिलाकर पेस्ट बना लें और चेहरे पर लगाएं। थोड़ी देर प्रतीक्षा करें और सूखने के बाद नर्म हाथों से अच्छी तरह धोएं। इससे त्वचा टाइट रहती है।
  • *टमाटर और हल्दी पेस्ट में छाछ या गन्ने का रस मिलाकर लगाने से झुर्रिया तो कम होती ही हैं झाईं भी दूर होती हैं।
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पपीते के श्रेष्ठ स्वास्थय और सुंदरता सम्बंधित लाभ

पपीते (papaya) को पपाव (papaw) के नाम से दुनिया भर में जाना जाता है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट (anti– oxidant) , फाइटो नुत्रिएन्ट (phyto nutrient) , विटामिन्स, मिनरल्स और कुछ पाचन एंजाइम (enzymes) मौजूद होते है। इन पोषण से आप के शरीर पर अंदर और बहार अच्छा असर पड़ता है।

पपीता एक ऐसा फल है जो पूरी साल उपलब्ध रहता है। ये एक सामान्य फल है जिसके उपयोग से अनेक स्वास्थ्य सम्बंधित लाभ को प्राप्त किया जा सकता है। पपीते को पुराने जमानो से इलाज के लिए उपयोग में लिया जा रहा है। ये अनेक रोग, त्वचा सम्बंधित बीमारियों और इन्फेक्शन का इलाज करने में क्क्षम है। क्रिस्टोफर कोलंबस (christopher columbus) का सबसे पसंदीदा फल पपीता था। ये ज्यादातर उष्णकटिबंधीय क्षेत्र (tropical area) में पाया जाता है। इसको उगने के लिए कम तापमान की आवश्यकता पड़ती है। पपीते के बीज, पत्ते और दूध को अनेक आंतों (intestinal) के इन्फेक्शन से छुटकारा पाने के लिए उपयोग किया जाता है। इस से आंतों में उत्पन्न हुए कीड़े (worms) और परजीवी (parasite) का नाश किया जाता है। इस से आप गर्भावस्था को भी रोक सकते है।
कुछ लोग पपीते के फल को पसंद करते है तो कुछ नहीं। आप कौन से केटेगरी में आते है? पके पपीते में अनेक सुंदरता एवं स्वास्थय के प्रति लाभ छुपे है। साथ ही कच्चा पपीता भी लाभकारी है। पपीता एक ऐसा फल है जो पूर्ण तरह से आपको लाभ प्रदान करता है और इसको अपने घर में रखना आवश्यक है। आप चाहे तो अपने घर के गार्डन में पपीते का पेड़ भी लगा सकते है। इस आर्टिकल में आपको पपीते से मिल रहे स्वास्थय और सुंदरता सम्बंधित लाभ के बारे में जानकारी दी जायेगी।
पपीते में अनेक स्वास्थय सम्बंधित लाभ होते है, इसके स्वाद से आप अनेक लाभ को प्राप्त कर सकते है।

पपीता के गुण – त्वचा और पपीता (Skin and papaya)

पपीते से आप अपनी त्वचा की देखभाल अच्छे से कर सकते है। इसे आप फेस पैक के रूप में उपयोग कर इसका लाभ उठा सकते है। ये एक्ने और स्किन इन्फेक्शन से छुटकारा दिलाता है। पपीते में मौजूद प – पैन (pa- pain) से मृत त्वचा को पिघलाया जा सकता है और इस तरह फ्रेश और निखरी त्वचा को पाया जा सकता है।

पपीता के औषधीय गुण कोलेस्ट्रोल कम करें (Cholesterol reduction)

पपीते में फाइबर भरपूर होता है और इस से शरीर में ब्लड कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम किया जा सकता है। इसमें मौजूद विशेष एंजाइम कोलेस्ट्रोल में ऑक्सीडेशन (oxidation) होने से रोकता है और इस तरह हार्ट अटैक (heart attack) के जोखिम को कम करता है।

पपीते के फायदे एंटी एजिंग में (Anti ageing)

पपीते से आप एजिंग (ageing) की समस्या को कुछ सालों के लिए टाल सकते है। इस से कम उम्र में उत्पन्न हुई एजिंग की समस्या को कम कर सकते है। पपीते से एक जवान और निखार से भरपूर लुक को प्राप्त किया जा सकता है।

कोलन को साफ़ करें (Cleanses colon)

कोलन विश्हरण (colon detoxification) स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए अनिवार्य है। पपीते से कोलन में जमे मवाद और बलगम को साफ़ किया जा सकता है और इस तरह कोलन में इन्फेक्शन होने से रोका जा सकता है। इसके लिए आपको रोजाना पपीते का सेवन करना होगा।

रोग प्रतिरोधक शक्ति और पपीता (Immunity and papaya)

इस फल में विटामिन A और C भरपूर पाया जाता है जो शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है। ये उनके लिए उपयोगी है जो सर्दी, बुखार और फ्लू (flu) से गुज़र रहे होते है। रोजाना पपीते को खाने से प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) मजबूत और स्वस्थ बनी रहती है।

माहवारी के अनियमितताओं (Menstrual irregularities)

पपीता माहवारी के अनियमितताओं (irregularities) के लिए उपयोगी है। माहवारी के दर्द को कम करने के लिए पपीते का सेवन करें और इस से माहवारी के दौरान नियमित बहाव बना रहता है।

लीवर कैंसर (Liver cancer)

पपीता लीवर के कैंसर सेल्स पर एंटी – प्रोलिफिरेटिव (anti-proliferative ) इफ़ेक्ट से लीवर के कैंसर के जोखिम को कम करता है। ये कैंसर के उत्पन्न होने वाले सेल्स को घटाता है और साथ ही समाप्त करता है और इस तरह लीवर कैंसर का इलाज करता है।

पपीता के लाभ वजन कम करें (Weight loss)

पपीते से आप वजन को घटा सकते है। इसमें ज्यादा पोषण रहता है और कम कैलोरी मजूद होती है। ये उनके लिए सही है जिन्हें वजन घटाना है और साथ ही पतला होना है।

कब्ज को दूर करें (Prevents constipation)

बुरे स्वास्थय का हम रोजाना सामना करते है जैसे की बीमार से पेट खराब तक, और ये सब समस्या का सामना करना आसान नहीं है। पपीते से आप अपने स्वास्थय को सुरक्षित रख सकते है। ये कब्ज को उत्पन्न होने से भी रोकता है और साथ ही पाचन में सहायक होता है। पपीते में एंजाइम प- पैन है जो की प्राकृतिक पाचन पदार्थ है जिस से पाचन में सहायता मिलती है।
पपीता एक ऐसा लाभकारी पदार्थ है जिसका सेवन आपको करते रहना चाहिए। हफ्ते में एक बार आपको इस फल को खाना चाहिए। अगर आपको खाना नहीं है तो आप इसको त्वचा पर भी लगा सकते है और इस से अपने फेसिअल और क्लीन- अप में खर्च किये जाने वाले पैसों को बचा सकते है। ये एक प्राकृतिक एक्स्फोलिएटर (exfoliator) है। आप पपीते को सलाद में भी खा सकते है या अपने अनेक पकवानों में इसे शामिल भी कर सकते है। ये अपना अच्छा असर त्वचा, बाल और स्वास्थ्य पर दिखाता है।

पपीता खाने के फायदे – पपीते के स्वास्थय लाभ (Health benefits of papaya)

  • त्वचा की सुरक्षा के लिए पपीता बहुत ही गुनी माना जाता है क्यूंकि इसमें एंटी ऑक्सीडेंट, विटामिन c, विटामिन E और केरोटीनोइड (carotenoid) मौजूद है जो त्वचा को फ्री रेडिकल (free radical) से सुरक्षित रखता है। इन फ्री रेडिकल से रिंकल, फाइन लाइन्स होती है और साथ ही त्वचा ढीली भी पड़ने लगती है। पपीते से आप जलन को दूर कर सकते है और साथ ही उसका इलाज भी कर सकते है।
  • पका पपीता आँखों के लिए अच्छा होता है। पपीते के कारण आँख UV रेस से सुरक्षित रहती है और साथ ही यह हाई एनर्जी ब्लू लाइट जिस से आँखों के रेटिना को क्षति पहुँच सकती है उस से यह आँखों को सुरक्षित रखता है। पपीते में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट गुण को विटामिन A में बदला जा सकता है जो आँखों के स्वास्थय और रौशनी के लिए आवश्यक है। पपीते में मौजूद ल्युट – इन (lute- in) और ज़ीआक्सानथिन (zeaxanthin) आँखों को कैटरेक्ट (cataract), ग्लूकोमा (glaucoma) और अन्य आँखों के रोग से सुरक्षित रखता है।
  • पपीते से हार्ट सम्बंधित रोग से दूर रहा जा सकता है – पपीते में मौजूद पौष्टिक तत्व जैसे विटामिन c और विटामिन A सहित अनेक ऑक्सीडेंट, आर्टरीज (arteries) में जमे ऑक्सीडेशन और कोलेस्ट्रोल को कम करता है। कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ने से आर्टरीज ब्लॉक हो सकती है जिस से हार्ट अटैक उत्पन्न हो सकता है। एंटी ऑक्सीडेंट के बढ़ने से हृदय में खून का बहाव बेहतर हो जाता है और इस तरह हार्ट की समस्या के जोखिम को कम किया जा सकता है।
  • फोल-एट (fol-ate) के लिए भी पपीता एक अच्छा पदार्थ है जो खून के बहाव में होमोसिस्टीन (homocysteine) की मात्रा को नियंत्रित करता है। होमोसिस्टीन की मात्रा बढ़ने से ब्लड वेसल (blood vessel) को क्षति पहुँच सकती है और इस तरह ये हृदय समबन्धित समस्या का कारण बन सकता है।
  • पपीते में मौजूद गुणकारी फाइबर भी बुरे LDL कोलेस्ट्रोल की मात्रा को खून में से पाचन के दौरान सोख कर कम करता है।
  • पपीता पाचन को सुधारता है। पपीते में मौजूद एंजाइम पाचन को सुधारने में क्षक्षिम है क्यूंकि ये पदार्थो को तोड़ कर उन्हें एमिनो एसिड (amino acid) में बदल देता है। प्रोटीन जो पचाया नहीं गया हो वो स्वास्थ्य समस्या जैसे पेट और कोलन (colon) सम्बंधित रोग का कारण बन सकता है।
  • पपीते से कैंसर को आने से रोका जा सकता है। पपीते में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट कैंसर को उत्पन्न करने वाले सेल्स को कम करते है और इस कारण कैंसर का जोखिम घट जाता है। पपीते में मौजूद एंजाइम, कैंसर सेल्स के फाइब्रिन प्रोटीन लेयर (fibrin protein layer) को पचाता है और इस तरह सुरक्षित रखता है। इस से कैंसर के सेल्स को बढ़ने से कम किया जा सकता है और कैंसर को फैलने से रोका जा सकता है।
  • अगर आपकी आँखों के पास झुर्रियां (crow’s feet) हैं तो आप उनसे पपीते के उपयोग से छुटकारा प्राप्त कर सकते है। पपीता प्राकृतिक रूप से इस समस्या पर काम करता है और इसे दूर करता है। जैसे की आप जानते है की पपीते में एंटी ऑक्सीडेंट है इसलिए आप आँखों के पास की झुर्रियों से बच सकते है। आपको पपीते का एक स्लाइस लेना है और उसे आँखों के स्थान पर रब करना है। इसे 5 मिनट के लिए रहने दें। जल्द ही आप देख सकते है की आँखों के पास बनी झुर्रियां दूर होती जा रही है।

पपीते के त्वचा सम्बंधित लाभ (Skin care benefits of papaya)

  • एजिंग के संकेत का इलाज आप पपीते से कर सकते है। इसके लिए पपीते को अपने चेहरे पर रब करें और फिर 5 मिनट के लिए रहने दें। इसके बाद ठंडे पानी से धो लें।
  • आप पपीते का उपयोग डार्क स्पॉट का इलाज करने के लिए भी कर सकते है। पपीते को दूध के साथ मिला कर एक मिश्रण बना लें और इस मिश्रण को अपने डार्क स्पॉट पर लगा लें। इस से आपके डार्क स्पॉट दूर हो सकते है। ये त्वचा को निखारता है और साथ ही त्वचा के रंग को उज्ज्वल बनाता है।
  • पपीते को मसल कर उसमे कुछ बूंद शहद को डालें और अच्छे से मिला लें। अब इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाए, इस से आपकी त्वचा हाइड्रेटेड रहती है।
  • पपीते सूखी त्वचा का इलाज करने में प्रभावशाली है। एक कप पके पपीते में मलाई को मिला लें, अब इसे अपने चेहरे पर लगा लें। इसे 20 मिनट के लिए रहने दें और फिर पानी से धो लें।
  • पपीते को त्वचा के लिए मोइस्चराइज़र के रूप में भी उपयोग कर सकते है। पके हुए पपीते का पेस्ट बना कर उसे अपने चेहरे पर लगा लें और 15 मिनट के लिए रख लें और फिर धो लें।
  • पपीते, चावल के आटे और शहद के मिश्रण से बना पैक त्वचा को टाइट करने में सहायक है।
  • पपीते को स्क्रब के रूप में भी उपयोग कर सकते है, इसके लिए आपको एक पके पपीते में साल्ट स्पा (salt spa), ओलिव आयल और शहद को मिलाना है।
  • पपीते से आप सन टैन को भी दूर कर सकते है। पपीता केवल आपकी त्वचा के  लिए लाभकारी नहीं होता बल्कि यह बालों के लिए भी लाभकारी है।

पपीते के बालों की देखभाल सम्बंधित लाभ (Hair care benefits of papaya)

  • पपीते में मौजूद पोषण बालों को मजबूत बनाता है और साथ ही उनको बढ़ने में भी सहायता करता है जिस से गंजेपन को दूर किया जा सकता है।
  • ये रूसी (dandruff) को दूर रखने और नियंत्रित करने में प्रभावशाली माना जाता है।
  • पपीते से आप अपने बालों को पतला होने से रोक सकते है। ये बालों को नौरिश (nourish) करता है और उन्हें मोटा और घना बनाता है।
  • प्राकृतिक रूप से पपीता बालों में से अधीक तेल, जमे केमिकल और गंद को इसमें मौजूद विटामिन्स, मिनरल्स और एंजाइम की सहायता से दूर करता है।
  • पपीते के पत्ते से निकले एक्सट्रेक्ट (extract) का उपयोग आप हेयर कंडीशनर के रूप में कर सकते है।
  • पपीते का हेयर मास्क बालों को घने, मजबूत और चमकदार बनाता है। आप मास्क को पके पपीते, पके केला, गुड़, नारियल का तेल और दही के साथ मिलाकर बना सकते है। अब इस मिश्रण को अपने गीले बालों पर लगाए। अपने सिर को प्लास्टिक कैप से ढक लें और इसे 30 मिनट के लिए रहने दें। इसके बाद इसे साधारण तरीके से धो लें।

पपीते के सुंदरता सम्बंधित लाभ (Beauty benefits of papaya)

पपीता का उपयोग पिम्पल और एक्ने को कम करें (Pimples and acne reduction)

अपनी त्वचा से पिम्पल को दूर करने के लिए आपने बहुत से कॉस्मेटिक पदार्थों का उपयोग किया होगा। क्या आप जानते है की घरेलु नुस्खो से आप पिम्पल की समस्या से छुटकारा पा सकते है? हाँ, आपने सही सुना! पपीते से आप घर पर ही पिम्पल को दूर कर सकते है। आपको ¼ कच्चे पपीते के भाग को लेना है और इस से जूस निकाल लेना है। अब कॉटन बॉल (cotton ball) की सहायता से आपको ये पपीते के रस को अपने चेहरे पर लगाना है। इसके उपयोग से आप देख सकते है की पिम्पल और एक्ने कम हो चुकें है।

रंग को गोरा करें (Brightness of complexion)

अगर आपका रंग डार्क और सुस्त है तो आपको इस नुस्खे को अपनाना चाहिए। पपीते में मौजूद एंजाइम त्वचा को उज्ज्वल बनाते है। आपको ¼ भाग पपीते का लेना है और इसे ग्राइंडर में ग्राइंड कर लेना है। इसे इस तरह करें की इसका पल्प (pulp) बन जाए। अब इस पल्प में आधे निम्बू के रस को निचोड़ें। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगा लें। इसे 20 मिनट के लिए रहने दें और फिर धो लें।
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Thursday, January 12, 2017

मेकअप के बाद त्वचा को तैलीय बनने से बचाने के उपाय

जिन लोगों की त्वचा तैलीय होती है, उनके चेहरे से काफी मात्रा में तेल निकलता है। वे अच्छे से अपने चेहरे पर मेकअप का भी प्रयोग नहीं कर सकते। अतिरिक्त तेल की वजह से आपका मेकअप खराब होने की संभावना होती है। अतः तैलीय त्वचा वाली महिलाओं के लिए मेकअप लगाने की प्रक्रिया थोड़ी सी अलग होती है। आप या तो मेकअप लगाने से पहले अपनी तैलीय त्वचा का उपचार कर सकती हैं या फिर ऐसा मेकअप लगा सकती हैं जो कि आपकी तैलीय त्वचा के साथ मेल खाए। तैलीय त्वचा जब मेकअप के संपर्क में आती है तो इसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। तैलीय त्वचा वाली महिलाओं को अपना मेकअप पिघलने की काफी समस्या होती है। यह एक ख़ास तरह की त्वचा का प्रकार है जहां मेकअप काफी तेज़ी से ऑक्सीडाइज (oxidize) हो जाता है। पर आपने कई तैलीय त्वचा वाली महिलाओं को आकर्षक मेकअप लगाए भी देखा होगा। अतः मेकअप को सही प्रकार से लगाने और तेल दूर करने की तकनीक वास्तव में काम करती है। आपको कुछ तरीके आने चाहिए जो तैलीय त्वचा पर काम करते हैं।

तैलीय त्वचा वाले लोगों को कुछ गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चेहरे के तैलीय सीबम (sebum) से तेल निकलने से आपकी सुन्दरता पर काफी ज़्यादा फर्क पड़ता है। आपको तब कैसा लगेगा जब आप किसी कार्यक्रम में जाएं और आपके चेहरे पर अतिरिक्त तेल का हमला हो जाए। यह अतिरिक्त तैलीय और चिपचिपा दिखेगा। मेकअप लगाने के बाद भी आपका तैलीय चेहरा उसी तरह रहेगा। ऐसे कुछ तरीके और तरकीबें हैं जिनकी मदद से आपकी त्वचा से तेल को दूर किया जा सकता है, जिससे कि मेकअप लगाने के बाद यह दिख ना सके।

तैलीय त्वचा के मेकअप पर तेल आने से रोकने के उपाय (Tips to prevent oil on oily face makeup)

सबसे पहले त्वचा को साफ करें (Cleansing your skin first)

अगर आप अपनी तैलीय त्वचा पर से तेल और गन्दगी को निकाले बिना ही मेकअप लगाने की सोच रही हैं तो यह एक गलत कदम होगा। सबसे पहले आपको अपना चेहरा साफ़ करने के लिए एक क्लीन्ज़र का प्रयोग करना होगा.आजकल बाज़ार में कई तरह के क्लींजिंग (cleansing) उत्पाद उपलब्ध हैं। आप इनमें से किसी का भी चुनाव कर सकते हैं और अपना चेहरा साफ़ कर सकते हैं। एक अच्छी गुणवत्ता के क्लीन्ज़र का ही प्रयोग करें जिससे आपके त्वचा की गुणवत्ता भी अच्छी बनी रहे।

त्वचा की प्रिमिंग करना (Priming up the skin se oliy skin ka makeup)

मेकअप लगाने के बाद त्वचा से तेल को दूर करने का एक और तरीका है चेहरे की प्रिमिंग। तैलीय त्वचा वाले लोगों के चेहरे पर एक ऐसा भाग रहता है जहां तेल का जमाव सबसे ज़्यादा होता है। इन भागों में T – ज़ोन (T-zone), जिसमें माथा और नाक आते हैं, शामिल हैं। असल मेकअप लगाने से पहले इन भागों की सबसे पहले प्रिमिंग कर लें। त्वचा की प्रिमिंग तेल निकलने के रोमछिद्रों (pores) को बंद करने में आपकी मदद करती है जिससे कि आप आसानी से अपनी त्वचा का तैलियपन दूर कर सकें। इससे आपके चेहरे का मेकअप लम्बे समय तक चलेगा।
बाज़ार में विभिन्न प्रकार के मेकअप प्राइमर (primer) मौजूद हैं जो त्वचा के विभिन्न स्वरूपों के लिए उपलब्ध हैं। अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो आपको ऐसे मेकअप प्राइमर का चुनाव करना चाहिए जो कि तैलीय त्वचा के लिए बना हो। यह चमक और तेल से रहित होने चाहिए।

आँखों के मेकअप की तैयारी (Eye makeup preparation)

आँखों का मेकअप आपके चेहरे का काफी महत्वपूर्ण भाग है क्योंकि यह आँखों की चौड़ी रेखाओं, मोटी आई शैडो (eye shadow) आदि से आँखों को उभार देता है। तैलीय त्वचा वाली महिलाओं की आँखों के पास कुंचित त्वचा होती है जिससे वे काफी अनाकर्षक लगती हैं। आँखों के इन कुंचित भागों को दूर करने के लिए आपको सिर्फ प्रिमिंग आई लिड्स (eye lids) का प्रयोग बंद करने की आवश्यकता होती है। जिन महिलाओं कीआँखों के नीचे काले घेरे होते हैं, उनमें अपने आँखों के मेकअप की प्रिमिंग की आदत होती है। पर तैलीय त्वचा वाली महिलाओं को इस आदत को ज़्यादा बढ़ावा नहीं देना चाहिए। आपको ऐसे प्राइमर का प्रयोग करना चाहिए जो सिर्फ आँखों की पलकों के लिए हों। इससे आपके चेहरे के तेल को सोखने में मदद मिलेगी और यह आपके आई लाइनर (eye liner) तथा आई शैडो (eye shadow) के लिए सही बेस (base) साबित होता है।

स्किन की देखभाल – फाउंडेशन का प्रयोग (Foundation application)

तैलीय त्वचा की महिलाओं के मेकअप का अगला चरण है फाउंडेशन का सही इस्तेमाल। त्वचा के हर तरह के मेकअप के लिए आपको असल मेकअप के पहले अपने चेहरे पर बेस का प्रयोग करना चाहिए। हर तरह की त्वचा के लिए फाउंडेशन भी अलग होना चाहिए। ऐसे कई फाउंडेशन हैं जो जल्दी ही फीके पड़ जाते हैं। अतः आपको फिर से टचअप (touch up) करना पड़ता है। आपको अच्छी गुणवत्ता के फाउंडेशन का प्रयोग करना चाहिए जिससे कि यह फीका ना पड़ जाए। तैलीय त्वचा का फाउंडेशन चमकदार नहीं होना चाहिए और त्वचा पर भारी भी नहीं लगना चाहिए। अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो सबसे अच्छा फाउंडेशन पाउडर (powder) वाला फाउंडेशन होता है।

अच्छी गुणवत्ता का फेस पाउडर (Quality face powder for taily twacha)

सही प्रकार से फाउंडेशन का प्रयोग करने के तुरंत बाद अगला कदम चेहरे पर फेस पाउडर का प्रयोग करना है। तैलीय त्वचा के लिए यह कदम उठाना काफी ज़रूरी है, क्योंकि यह पाउडर त्वचा की परत से अतिरिक्त तेल सोखने के लिए काफी ज़रूरी है। आप बाज़ार में कई तरह के तेल मुक्त फेस पाउडर प्राप्त कर सकती हैं जो कि खासतौर पर तैलीय त्वचा वाले लोगों को ध्यान में रखकर बनाए गए होते हैं। पर अच्छी कंपनी का फेस पाउडर खरीदना भी एक ज़रूरी कदम है। ये पाउडर आपके चेहरे पर तैलीय त्वचा के फलस्वरूप आई अतिरिक्त चमक को दूर करते हैं। इसके अलावा आपका फाउंडेशन भी लम्बे समय तक चलेगा।

मैट फिनिश वाले ब्लशेस (Blushes with matte finish)

क्योंकि आपकी त्वचा का स्वरुप तैलीय है, अतः आपके लिए मैट फिनिश वाले ब्लश का प्रयोग करना काफी ज़रूरी होता है। यह भी आजकल बाज़ार में आसानी से उपलब्ध है। रूखी या सामान्य त्वचा वाले लोग शिमर (shimmer) का प्रयोग भी कर सकते हैं। पर तैलीय त्वचा के लिए इसका प्रयोग बिल्कुल वर्जित है। क्योंकि शिमर से हमेशा चमक प्राप्त होती रहती है, अतः तैलीय त्वचा वाले लोग हमेशा ही चेहरे पर अतिरिक्त तेल का अनुभव करेंगे। इसके लिए सबसे अच्छा उपाय यही है कि मेकअप के लिए शिमर का प्रयोग पूरी तरह बंद कर दिया जाए। क्रीम (cream) के विकल्पों का प्रयोग करने की बजाय पाउडर वाले ब्लश ज़्यादा सही साबित होंगे।

मेकअप टिप्स – तेल मुक्त मेकअप (Oil free makeup)

अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो तेल मुक्त मेकअप का प्रयोग एक विकल्प साबित हो सकता है। क्योंकि तैलीय त्वचा वाले लोगों के चेहरे से सामान्य के मुकाबले ज़्यादा तेल रिसता है, अतः तेल युक्त मेकअप उनके लिए अभिशाप के समान होता है। ऐसे मेकअप के उत्पादों का प्रयोग ज़्यादा अच्छा होता है जो पूरी तरह से तेल से मुक्त होते हैं। तैलीय त्वचा वाले लोगों को ऐसे टोनर (toner) का प्रयोग करना चाहिए जिसमें ग्लाईकोलिक एसिड (glycolic acid) मौजूद हो। इसके अलावा जिस उत्पाद में सैलिसिलिक एसिड (salicylic acid) मौजूद होता है, वह भी तैलीय त्वचा के लिए काफी अच्छा होता है। आप बाज़ार में खनिज युक्त मेकअप भी प्राप्त कर सकते हैं जो अजैविक खनिज पदार्थों से भरे होते हैं। ये खनिज पदार्थ आमतौर पर तेल मुक्त होते हैं।

अतिरिक्त तेल सोखना (Absorbing excess oil)

जब भी आप कहीं बाहर जाएं तो अपने साथ टिश्यू पेपर या ब्लॉटिंग पेपर (tissue paper or blotting paper) हमेशा रखें। तैलीय मेकअप के नुस्खों के साथ मेकअप का प्रयोग करने पर भी आपके चेहरे पर तेल का जमाव रह जाता है। आप अपने चेहरे से अतिरिक्त तेल को सोखने के लिए टिश्यू पेपर या ब्लॉटिंग पेपर अपने साथ रखें। आप अपने चेहरे से अतिरिक्त तेल निकालने के लिए मिट्टी के मास्क का भी प्रयोग कर सकती हैं। अपनी त्वचा को साफ़ सुथरा बनाए रखने के लिए इसका प्रयोग हफ्ते में एक बार किया जा सकता है। बाज़ार में तेल को सोखने वाली औषधियां भी उपलब्ध हैं। आप इनका फायदा उठा सकती हैं।

आँखों की देखभाल (Peepers prep for twacha ki dekhbhal)

तैलीय त्वचा वाली महिलाओं की आँखों के ऊपर मेकअप का प्रयोग करेने के बाद झुर्रियों जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है, क्योंकि तेल का रिसना एक जगह से संकुचित हो जाता है तथा मेकअप के साथ मिश्रित होकर इस समस्या को जन्म देता है अतः अपनी आँखों की पलकों को कंसीलर (concealer) से प्राइम ना करें। आप प्राइमर बाज़ार से प्राप्त कर सकती हैं जो खासतौर पर आँखों की पलकों के लिए बने होते हैं। आप इसे ऐसी स्थिति में प्रयोग में ला सकती हैं।

अतिरिक्त फेस पाउडर से करें तौबा (No excess face powder)

अगर आपकी त्वचा तैलीय है और आप मेकअप का प्रयोग करना चाहती हैं तो चेहरे पर अतिरिक्त पाउडर का प्रयोग ना करें। महिलाओं में इस पाउडर का प्रयोग करने की आदत होती है, क्योंकि उन्हें लगता है कि पाउडर तेल सोख सकता है और सामान्य एवं सुन्दर त्वचा प्रदान करता है। पर यह बिल्कुल ही गलत धारणा है। अगर आप फेस पाउडर का अतिरिक्त प्रयोग करेंगी तो ऐसा भी हो सकता है कि ये आपके रोमछिद्रों को और भी ज्यादा प्रभावित करके और भी अतिरिक्त तेल बाहर निकाले। अतः सिर्फ उस जगह पाउडर की एक परत लगाएं जहां चमकीला भाव दिख रहा है।

मैटीफाइंग प्राइमर्स (Mattifying primers)

असल मेकअप का प्रयोग करने से पहले एक परत या प्राइमर का इस्तेमाल करना काफी आवश्यक होता है। यह प्राइमर चेहरे के स्वरुप और लोगों की त्वचा के प्रकार के आधार पर भिन्न होता है। अतः अगर आपकी त्वचा का स्वरुप तैलीय है तो असल मेकअप के पहले बेस के रूप में मैट फिनिश वाले प्राइमर का प्रयोग बेहतर होता है। यह चमक को सोखता है तथा आपको सारे दिन दमकती हुई और आकर्षक बनाकर रखता है। अगर आप किसी पार्टी (party) में भी जा रही हों तो भी यह आपके तेल से दूर रहने का सबसे अच्छा विकल्प साबित होता है।
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Wednesday, January 11, 2017

पैर के तलवों के लिए बेहतरीन मेहंदी डिज़ाइन

पैरों के तलवों में मेहंदी लगाना एक आम बात तो नहीं है लेकिन कुछ भारतीय रीति रिवाजों में यह एक खास परंपरा है जिसका निर्वहन कई जगह किया जाता है। अगर आप भी किसी खास समारोह के लिए या शौकिया अपने पैरों के तलवों में मेहंदी डिज़ाइन बनवाना चाहती हैं तो यहाँ कुछ खास मेहंदी डिज़ाइन दी जा रही है जिसके माध्यम से आप अपने लिए खूबसूरत और आकर्षक मेहंदी डिज़ाइन चुन सकती हैं।

हाथ फूल मेहंदी डिज़ाइन (Hath-phool shaped mehndi design with dangling chains – Best foot mehndi design in Hindi)

यह खूबसूरत मेहंदी डिज़ाइन का नाम हाथ फूल मेहंदी डिज़ाइन है, पैर के नीचे के हिस्से में बीच के भाग को पूरी तरह कवर करने वाली यह मेहंदी डिज़ाइन बहुत आकर्षक लग रही है। इसमें चेन की तरह की डिज़ाइन भी बनाई गई है एड़ियों पर मेहंदी से जाली वर्क किया गया है। फ्लोरल पैटर्न के साथ इस मेहंदी डिज़ाइन में उँगलियों पर फूल बने हुये हैं। यह खूबसूरत डिज़ाइन पैरों के तलवों को बहुत खूबसूरत बना रही है।

रोज़ मेहंदी डिज़ाइन – पैर के तलवे के लिए ऐसे लगाएँ मेहंदी (Rose mehndi design for the sole of foot)


इस मेहंदी डिज़ाइन में खास तौर पर गुलाब के फूल की आकृति आकर्षण का केंद्र लग रही है। इसमें पूरे तलवे पर बहुत ही सामान्य और सरल सी डिज़ाइन है लेकिन बीच में एक गुलाब का फूल बना कर इसे एक सुंदर रूप दिया गया है जो सिंपल दिखने के साथ खूबसूरत भी है। इस मेहंदी डिज़ाइन में पैर की उँगलियों को खाली छोड़ दिया गया है।

विभाजित किए हुये मेहंदी की डिज़ाइन – पैर की मेहंदी डिज़ाइन हिन्दी में (Disjoint mehndi design for the sole of foot)


यह पैरों के तलवे में दो हिस्सों में बँटी हुई मेहंदी की डिज़ाइन है जो बहुत खूबसूरती के साथ बनाई गई है। यह डिज़ाइन ‘V’ शेप में है। एड़ी को जाली वर्क से डिज़ाइन किया गया है और पैर की उँगलियों में छोटे छोटे फूलों वाली आकृति बनाई गई है। यह भी एक सुंदर और आसानी से बनाई जा सकने वाली मेहंदी डिज़ाइन है।

बेस्ट मेहंदी डिज़ाइन हिन्दी में – फुल जाली वर्क मेहंदी डिज़ाइन (Full jali work mehndi design with curved border)


यह मेहंदी डिज़ाइन तलवे के पूरे हिस्से में फैली हुई है और पूरे निचले हिस्से को एक जालीदार डिज़ाइन में कवर कर रही है। इसमें बीच बीच में मोटी बूटियों से जालीदार डिज़ाइन को हाइलाइट किया गया है इसके साथ ही बार्डर में एक अन्य तरह की फ्री हैंड डिज़ाइन बनाई गई है। बॉर्डर की यह डिज़ाइन पैरों की उँगलियों में भी मौजूद है।

दोहरे फूलों वाली मेहंदी डिज़ाइन (Double flower mehndi design for the sole of foot)


यह एक बहुत ही सिंपल मेहंदी डिज़ाइन है जिसमें दो फूल बने हुये हैं और तलवों का अधिकांश हिस्सा खाली दिखाई दे रहा है। एड़ी के किनारे और तलवों के किनारों पर भी कोणीय आकार में डिज़ाइन बनी हुई है, उँगलियों पर पत्तियाँ और बेलों का आकार बना हुआ दिखाई दे रहा है। अगर आप एक सिंपल मेहंदी को अपने तलवों में सजना चाहती हैं तो यह डिज़ाइन आपके लिए उपयुक्त रहेगी।

क्लस्टर फ्लोरल डिज़ाइन – पैर के तलवों के लिए मेहंदी डिज़ाइन (Decorative clustered floral design for the sole)


इस मेहंदी डिज़ाइन में बहुत ही छोटे हिस्से पर मेहंदी डिज़ाइन बनाई गई है, जिसमें काफी डॉट्स या बिन्दुओं का इस्तेमाल किया गया है। इसमें महीन रूप से की गई फ्लोरल क्लिस्टर डिज़ाइन बहुत खास और आकर्षक लग रही है, अगर आप केवल किसी रीति रिवाज को पूरा करने के उद्देश्य से तलवों में मेहंदी लगाने जा रही है और आपको मेहंदी लगाना ज़्यादा पसंद नहीं तो इस तरह की डिज़ाइन आपके पैरों की शोभा बढ़ा सकती है।

फ्लोरल बॉर्डर वाली मेहंदी तलवों के लिए (Easy sole mehndi design – Floral bordering mehndi design for the sole)


यह फूलों वाली डिज़ाइन आपको ज़रूर पसंद आएगी जिसे लगाने के बाद आपके पैर के तलवे बहुत खास रूप से सुंदर दिखेंगे। इस डिज़ाइन में केवल फूल और पत्तों वाली डिज़ाइन बनी हुई है इसमें और किसी अन्य तरह की कोई डिज़ाइन नहीं है। तलवों का भीतरी हिस्सा खाली छोड़ दिया गया है और केवल किनारों पर फैले हुये रूप में मेहंदी डिज़ाइन बनाई गई है।
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