Monday, February 1, 2016

आसान तरीकों से बढ़ायें आंखों की रोशनी

आखें शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है तभी वेदों में भी कहा गया है सभी इंद्रियों में आंखें ही श्रेष्ठ हैं। आंखों की रोशनी कम होने की वजह है भोजन में विटामिन की कमी, जिस वजह से छोटी उम्र से ही आंखें कमजोर होने लगती है।
दूसरी वजह घंटों कंप्यूटर पर बैठकर काम करना या टेलीविजन देखना।
तीसरी वजह आंखों की सफाई पर ध्यान न देना।
ये कुछ वजह हैं जो आंखों की रोशनी को कम करती हैं और आपको चश्मा लगाने के लिए विवश करती है।

आइए आप को बताते हैं एैसे आयुर्वेदिक उपाय जो आपकी आंखों की रोशनी को बढ़ायेगा-
1. प्रतिदिन पपीता खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
2. सेब का मुरब्बा खायें और उसके बाद दूध का सेवन करें एैसा करने से आंखों की रोशनी तेज होती है।
3. प्रतिदिन फल और सब्जियों का सेवन करने से आंखों की शक्ति बढ़ती है।
4. प्रतिदिन यदि आप गाजर का जूस पीयें तो आंखों की रोशनी बढ़ेगी।
5. सेब के सेवन करने और उसका जूस पीने से आंखों की ज्याति तेज होती है।
6. काली मिर्च का चूर्ण, घी और मिश्री मिलाकर रोज सेवन करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
7. प्रतिदिन नहाने से पहले पांवों के अंगूठे में तेल मलकर नहाने से आंखों की रोशनी प्रबल होती है।
8. सुबह जल्दी उठकर पार्क में ओस पड़ी घास में नंगे पैरों से चलने से कमजोर आंखें तेज होती है।
9. सुबह उठकर मुंह में ठंडा पानी भरकर मुंह को फुलायें और ठंडे पानी से आखों में छीटें मारें।
10. हरे धनिया को पीसकर उसका रस निकाल लें और उसे साफ कपड़े में छान लें और इसकी 2-2 बूंदें आंखों में 
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Sunday, January 31, 2016

आई लैश को घना बना देगें ये तरीके

आंखों की खूबसूरती केवल घनी पलको से होती हैं लेकिन हम में से बहुत से लोग हैं जो पलको पर बिल्‍कुल भी ध्‍यान नहीं देते। कई महिलाओं की पलके घनी नहीं होती इसलिये वे अपनी आंखों की सुंदरता को उभारने के लिये नकली या आर्टिफीशियल पलको का इस्‍तमाल करती हैं। लेकिन जब आप अपनी पलको को प्राकृतिक रूप से घना बना सकती हैं, तो आपको इतनी तकलीफ उठाने की क्‍या जरुरत। पर हां कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जो अब डॉक्‍टरों से सलाह लेने लगी हैं कि वे अपनी पलको को घना, उनकी लंबाई और उन्‍हें बजबूत कैसे बना सकती हैं। तो आइये इसी बात पर हम भी जानते हैं कि हम अपनी लाई लैश को घना और खूबसूरत कैसे बना सकते हैं।
Published: Saturday, October 26, 2013, 12:45 [IST] Give your rating: सोशल नेटवर्क पर इसे शेयर करें:   शेयर करें   ट्वीट करें  शेयर करें कमेंट करें (0)   ई-मेल करें आंखों की खूबसूरती केवल घनी पलको से होती हैं लेकिन हम में से बहुत से लोग हैं जो पलको पर बिल्‍कुल भी ध्‍यान नहीं देते। कई महिलाओं की पलके घनी नहीं होती इसलिये वे अपनी आंखों की सुंदरता को उभारने के लिये नकली या आर्टिफीशियल पलको का इस्‍तमाल करती हैं। लेकिन जब आप अपनी पलको को प्राकृतिक रूप से घना बना सकती हैं, तो आपको इतनी तकलीफ उठाने की क्‍या जरुरत। पर हां कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जो अब डॉक्‍टरों से सलाह लेने लगी हैं कि वे अपनी पलको को घना, उनकी लंबाई और उन्‍हें बजबूत कैसे बना सकती हैं। तो आइये इसी बात पर हम भी जानते हैं कि हम अपनी लाई लैश को घना और खूबसूरत कैसे बना सकते हैं। आइये जानते हैं कि किस तरह से आप अपनी पलको को घना और मोटा बना सकती हैं-
 1. हमेशा अपने आई मेकअप को साफ करें अगर आप अपने आंखों के मेकअप को दिनभर रखने के बाद भी रात को साफ कर के नही सोएंगी तो आंखों की आई लैश और आंखों के आस पास की संवेदनशील त्‍वचा खराब हो जाएगी। 
2. अपनी आई लैशेज को सांस लेने दें आई लेश कर्ल, लैश बढाने वाले यंत्रों और बाजारू प्रोडक्‍ट ज्‍यादा इस्‍तमाल करने से आंखों की बरौनी कमजोर पड़ जाती है और बाल गायब होने लगते हैं। याद रखें कि आपकी आई लैश को फिर से दुबारा ठीक होना है इसलिये उसे सांस लेने दें और उस पर ज्‍यादा एक्‍सपेरिमेंट ना करें।
 3. प्रोटीन डाइट अगर आपका शरीर स्‍वस्‍थ्‍य रहेगा, तो जाहिर सी बात है कि आपकी आंखें और पलके भी ठीक रहेंगी। रोजाना अपनी डाइट में प्रोटीन खाइये क्‍योंकि त्‍वचा, बाल, नाखून और पलको को इसकी बहुत जरुरत होती है। अपने आहार में दाल, मछली, मीट, चने और मेवे आदि को शामिल कीजिये।

4. अपनी आंखों को मलना बंद करें कई लोग अपनी आंखों को रगड़ने से बाज नहीं आते खासतौर पर तब जब उनकी आंखें खुजलाती हैं या फिर जब उन्‍हें नींद लगी होती है। ऐसा करने से आंखों में कई समस्‍याएं पैदा हो सकती हैं खासकर कि पलक के बाल कम होना शुरु हो जाते हैं। इसलिये अपने आथों को अपनी आंखों से दूर रखें।
 5. वि‍टामिन इ तेल एक छोटा सा आइ लैश ब्रश लें और उसे इस तेल में डुबा कर रोजाना अपनी आंखों की पलको पर लगाएं। चाहें तो विटामिन इ की कुछ टैबलेट को क्रश कर के इस तेल के साथ मिला कर लगा सकती हैं। अगर आपकी पलको पर खुजली होती है तो वह भी इस तेल को लगाने से खतम हो जाएगी।

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मोटी-घनी पलको के लिये घर पर बनाएं नेचुरल मस्‍कारा

मोटी, घनी और लंबी पलके भला किसे अच्‍छी नहीं लगती। अगर आंखें छोटी भी हुई तो भी पलके अगर घनी हैं तो भी वह अच्‍छी लगेंगी। आंखों पर मस्‍कारा बहुत अच्‍छा लगता है क्‍योंकि इससे पलके घनी लगती हैं। पर अच्‍छा होगा कि आप घर का बना हुआ नेचुरल मस्‍कारा लगाएं जिससे आपकी आंखों को कोई नुकसान ना पहुंचे। 
READ: आई लैश को घना बना देगें ये तरीके
 आज के इस आर्टिकल में हम आपको घर पर ही मस्‍कारा बनाना सिखाएंगे जो कि आपकी आईलैश को मोटा और लंबा दिखाने में मदद करेगा। आप इसे आराम से कुछ ही सामग्रियों के साथ मिला कर बना सकती हैं। अगर आप इस प्राकृतिक मस्‍कारे का नियमित इस्‍तमाल करेंगी तो आपकी पलके कुछ ही दिनों में घनी दिखने लगेंगी। इसलिये यह मस्‍कारा आपके बैग में जरुर होना चाहिये। अब आइये जानते हैं मस्‍कारा बनाने की विधि।

कैसे बनाएं नारियल तेल, एलोवेरा और बी वैक्‍स ले कर कटोरे में मिला कर गरम तब तक गरम करें जब तक कि ये पिघल ना जाएं। फिर इसमें कोकोआ पावडर मिला कर महीन पेस्‍ट तैयार करें। अब इस मिश्रण को किसी पुराने मस्‍कारा बॉटल में भर दें। इसको लगाने से आपकी पलकें और भी ज्‍यादा घनी दिखेंगी।

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आँखों के नीचे काले घेरे ( Dark Circle / Under Eye dark circle issue )

खूबसूरत  आंखे देखने वाले को अपनी और खीच लेती हे। लेकिन अगर आँखों के नीचे  झुर्रिया या lines  हो तो चेहरे की खूबसूरती फीकी पड  जाती हे। आँखों के नीचे की त्वचा काफी नाजुक होती हे और इनमे oil glandes न होने की वजह से इस जहा सबसे पहले झुर्रिया आ जाती हे।

steam या भाप चहरे पर - चेहरे पर भाप लेने से आँखों के नीचे को कोशिकाए को काफी नुकसान होता हे। आँखों पर गुलाब जल का फाया रखने से ठंडक जरुर मिलती हे लेकिन भाप से हुए नुकसान सही नहीं होता। और न ही केवल खीरा या आलू का टुकड़ा रखने से फायदा होता हे। इसलिए आलू या खीरे को कद्दुकस करके उसके छल्ले या रस निकाल के आँखों पर रखे। ये काफी फायदा करता हे।

घरेलु उपाय काले घेरो के लिए - 
1. आँखों के नीचे या आस पास कभी भी कोई फेस पैक न लगाये। जब पैक सूखता हे तो उससे त्वचा में खेचाव होता हे जिससे झुर्रिया हो जाती हे।

2. चेहरे की मालिश के बाद आँखों के आस पास अंडर आई क्रीम से मालिश करे। या अगर नार्मल क्रीम से मालिश की हे तो मालिश के बाद extra क्रीम को गीली रुई से साफ कर दे।

3. 2 चम्मच चाय की पत्ती को थोड़े से पानी में 2 मिनिट के लिए उबाल ले। फिर छान  ले।
इस पानी को 2 भागो में बाट ले। एक हिस्से को फ्रीजर में रख कर ठंडा करे। और दुसरे को हल्का गरम ही रहने दे।

अब इस गरम पानी में रुई डुबो कर 2 मिनिट के लिए आँखों के नीचे रखे। फिर 2 मिनिट बाद ठन्डे पानी में रुई डुबो कर सेक करे। इस तरह 5 बार ठंडा गरम का सेक करे। ध्यान दे ये हफ्ते में 2 बार से ज्यादा न करे।

4. अब आँखों के नीचे अंडर आई पैक लगाये
अंडर आई पैक - 1 छोटा चम्मच शहद में 1/4 चम्मच खीरे का रस, 1/4 चम्मच आलू का रस और 2 drops बादाम का तेल डाले।

इस पैक को आँखों के चारो तरफ लगा कर 20 मिनिट के लिए सूखने दे। फिर सादे पानी से धो ले।

हफ्ते में 1 या 2 बार ये उपाय करके आँखों के खूबसूरती को वापस लाया जा सकता हे। और हमेशा बरक़रार रखा जा सकता हे।

कुछ और टिप्स -
- रात  को सोने से पहले middle finger से आँखों के चारो और बादाम के तेल की मालिश करे। इससे dark circle तो दूर होंगे ही। साथ ही त्वचा में खिचाव आयेगा और झुर्रिया कम हो जाएगी।

- सुबह उतने के बाद मुह में पानी भर के ठन्डे पानी से 30 से 40 बार आँखों में छींटे मारे इससे आँखों को ठंडक भी मिलेगी और साथ ही आँखों की रौशनी भी बढ़ेगी।
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नेचुरल तरीके से पाएं सुंदर आंखें

आंखें दिल का आइना होती हैं क्‍योंकि वह दिल की सारी बातें एक नज़र में बयां कर देती हैं। एक सुंदर आंख ना केवल खूबसूरती को दर्शाती है बल्कि स्‍वास्‍थ्‍य को भी प्रकट करती है इसलिये आपको अपनी आंखों के प्रति सचेत रहना चाहिये। आइये जानते हैं कि किस तरह से हम अपनी आंखों की खूबसूरती बढा सकते हैं, वो भी नेचुरल तरीके से। 
नेचुरल तरीके- 1. 
नींद पूरी करें- नींद को हम अनदेखा नहीं कर सकते। आपकी आंखों की फ्रेशनेस केवल आपकी नींद की क्‍वालिटी पर डिपेंड है। लेट नाइट पार्टी या मूवी आपकी नींद को खराब कर सकते हैं, इसलिये जरुरी है कि आप यह सब कार्य वीकेंड पर छोड़ दें।
 2. तनाव ना लें- 
आंखें हमारे दिल की खिड़की होती हैं। हमारे दिल में जो कुछ भी होता है वह आंखे बयां कर देती हैं। अगर आप किसी गंभीर तनाव में हैं तो आंखों से सब कुछ पता चल जाता है। आंखे थकी-थकी महसूस होने लगती हैं। 
3. अंडर आइ क्रीम- 
कई लोग सोचते हैं कि अंडर आइ क्रीम केवल डार्क सर्कल को दूर करने के लिये प्रयोग किया जाता है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि आंखों के नीचे की स्‍किन हमारे गालों की स्‍किन के मुकाबले बहुत पतली होती है। इसलिये इस पर हर रोज़ क्रीम लगाएं।
 4. आइ पैक- 
हम अक्‍सर फेस पैक को आंखों पर नहीं लगाते क्‍योंकि इससे जलन महसूस होने लगती है। लेकिन आंखों को रिलैक्‍स करने के लिये आप इन पर स्‍ट्रॉबेरी या खीरे की स्‍लाइस लगा सकती हैं। स्‍लाइस को अपनी बंद आंखों पर रखिये और कुछ देर के लिये रिलैक्‍स कीजिये।
 5. खूब पानी पिएं- 
अगर आपके अंदर पानी की कमी है तो जाहिर सी बात है कि आप सुंदर नहीं लग सकती। इससे आपकी स्‍किन रूखी और गहरे रंग की लगेगी, इसलिये दिन भर में खूब सारा पानी पीजिये।
 6. चश्‍मा लगाने वालों के लिये- 
जो लोग चश्‍मा लगाते हैं, असलियत में उनकी आंखें पूरी तरह से खुलती ही नहीं हैं। इसलिये उन्‍हें ऐसा फ्रेम चुनना चाहिये जो कि उनकी पूरी आइ लैश को ना ढंके। साथ ही उन्‍हें चश्‍में से बाहर निकल कर लेंस बनावा लेना चाहिये।

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Eye care tips in Hindi for children – बच्चों के लिये बेहतरीन आंखों की देखभाल की सलाह

बच्चों की दृष्टि के लिये चेतावनी लक्षण

नवजात के लिये

आप अपने नवजात की आंखें पानीदार या लटकती हुई अवश्य पायेंगे। ग्लूकोमा या मोतियाबिंद का पारिवारिक इतिहास आपके बच्चों की आंखों में दिखायी पड़ सकता है। सुनिश्चित हो लें कि वह अपनी पलकें अधिक बार न झपकाता हो। नवजात को आंखों के विशेषज्ञ के पास ले जायें, जो नवजात की आंखों को जांच कर किसी तंत्रिकीय समस्या को पता लगा सके।

छोटे बच्चों के लिये

आंखों के भैंगेपन या देर से आंखों द्वारा देखने को ध्यान से जांचे। घूमती वस्तुओं के साथ नज़रों को घुमाने पर ध्यान दें। ध्यान दे यदि वह बिना किसी कारण आंखों को घुमाता हो। आप घूमने वाली वस्तु के माध्यम से इस बात का भी पता लगा सकते है कि वह उन्हें देखता या भ्रमित होता है। अगर बहुत अधिक कीचड़ आता हो या सामान्य रोशनी असह्य हो तो तुरंत किसी डॉक्टर के पास जाकर जांच करायें।

स्कूली बच्चों के लिये

अगर स्कूली बच्चा बोर्ड को नहीं देख पाता या टेलीविज़न को तिरछा देखता है तो तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। अगर वे कॉपी या पुस्तक सामान्य से अधिक नज़दीकी से देखते हो तो आपको उसकी दृष्टि के बारे में पता लगाना चाहिये। टेलीविज़न के बहुत अधिक नज़दीक बैठना या रात में गिर पड़ना भी आंखों की समस्या को प्रदर्शित करता है। वे आसपास में रूचि कम कर देते है या पढ़ाई बंद कर देते हैं।  इन परिस्थितियों को अंदेखा नही करना चाहिये।

बचपन में आंखों की देखभाल के लिये सलाह

  1. आहार: एक संतुलित आहार जिसमें लाल और हरी पत्त्तेदार सब्जियां जैसे पालक, गाजर, चुकंदर और पीले फल जिसमें शामिल हैं आम, पपीता जो कैरोटीन (विटामिन ए से युक्त) से भरपूर है संतानों के लिये बनाया गया है।
  2. टीवी देखना: एक अच्छे रोशनी वाले कमरे में टीवी को 3.5 मीटर या उससे अधिक दूरी से देखना चाहिये।
  3. कम्प्यूटर का उपयोग: बच्चों को इसका उपयोग विवेकपूर्ण ढ़ंग से करने के लिये प्रोत्साहित करना चाहिये जिससे आंखें थकें नहीं। कम्प्यूटर की स्क्रीन आंख के स्तर से नीचे होना चाहिये। यह आंखों को पूरा झपकने देती है जिससे सूखेपन और आंखों के थकान के लक्षण को कम किया जा सकता है। अत: बच्चों को अपनी आंखें अवश्य झपकाना और निश्चित अंतराल पर आंखों को आराम देना चाहिये।
  4. रोशनी: किताबों को पीछे से आने वाली रोशनी में 14 इंच की दूरी से पढ़ना चाहिये।
  5. अगर संतान किसी खेल में सहभागिता करता है तो उसे आंखों की रक्षा करने वाले चश्मों का प्रयोग करना चाहिये।
  6. स्नान करते समय क्लोरीन और अन्य रसायन से आंखों को बचाने के लिये सूरक्षात्मक चश्मोंको प्रयोग करें।
  7. स्कूली बच्चों में एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस पाया जाता है इससे बचने के लिये बच्चों को बार आंख पोछने से मना करना चाहिये।
  8. नवजात की आंखों में काजल लगाना और गुलाब्बजल से धुलना हानिकारक हो सकता है।
  9. नवजात और छोटे बच्चों को बहुत ही तेज़ और एकदृष्टि वाले खेलों का उपयोग करना उन्हें निराश करेगा।
  10. इलेक्ट्रोनिक यंत्रों पर गेम खेलना कम करें: सुनिश्चित करें की वे लम्बे समय तक खेल यंत्रों पर खेल न खेलें। वीडियो और पिक्चर भी इसमें शामिल हैं।
  11. नियमित अन्तराल: पढ़ने, कम्प्यूटर पर कार्य करने और ऐसे ही अन्य आंखों से होने वाले कार्यों के लिये नियमित अंतर दिया जाना चाहिये। उन्हें आंखों पर पानी के छिटें डालने की आदत डालनी चाहिये।
  12. दूर से वस्तुओं को देखना: अपने आराम के समय उन्हें वस्तुओं को दूर से देखना चाहिये। यह उनकी देखने की क्षमता को और अधिक बढ़ायेगा।
  13. खुली जगहों के खेलों को खेलना: बच्चों को खुले मैदानों के खेल खेलना चाहिये। इससे उनका पर्याप्त व्यायाम होगा और दृष्टि पर दबाव कम होगा।
  14. उन्हें पर्याप्त रोशनी वाली जगहों पर पढ़ाई करने के लिये प्रोत्साहित करना चाहिये।
  15. खेल यंत्रों या कम्प्यूटर की स्क्रीन को आंखो से दूरी पर रखें, ये स्क्रीने कम से कम 40 सेंटीमीटर की दूरी पर होना चाहिय्ये।
  16. आंखों को पर्याप्त आराम दे और उचित नींद के साथ ये दोनों ही आपकी आंखों की शक्ति को बढ़ायेंगे।
  17. किसी समस्या के होने पर या नियमित जांच के लिये आंख रोग विशेषज्ञ से मिलते रहना चाहिये। वह समय पूर्व आपके लिये उचित समाधान उपलब्ध करायेगा।

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जानें कैसे की जाती है आंखों की सही देखभाल

आंखों की देखभाल करना बहुत जरूरी है। यदि आंखों की ठीक प्रकार से देखभाल न की जाए तो आंखों में विकार पैदा हो सकते हैं। कंप्यूटर, मोबाइल, आईपौड, स्मारटफोन की बढ़ती मांग से आंखों को दिनादिन खतरा पहुंच रहा है। आंखों को बीमारियों से बचाने के लिए उनकी देखभाल जरूरी हो जाता है। आइए जानें कैसे करें आंखों की देखभाल।

आंखो के बचाव के तरीके

  • लगातार रोजाना दो से तीन घंटे कंप्यूटर पर कार्य करने से व्यक्ति में कंप्यूटर विजन सिन्ड्रोम के लक्षण देखने को मिल सकते है। कुछ सावधानियाँ बरतकर कंप्यूटर विजन सिन्ड्रोम से बचाव किया जा सकता है।
  • आंखों को सुरक्षित रखने के लिए कंप्यूटर, आईपैड, स्मार्टफोन से दूरी के साथ ही लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी है। तभी अधिकतर सीवीएस के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • जिस कमरे में कंप्यूटर हो उसमें उचित प्रकाश होना जरूरी है ज्यादा तेज रोशनी भी नहीं होनी चाहिए, एवं प्रकाश व्यक्ति के पीछे से होना चाहिये, सामने से नहीं।
  • जब भी कंप्यूटर के पास बैठें तो हर 20 मिनट के गैप में 20 सेकेंड के लिए स्क्रीन से नजरें हटा लें और 20 फुट दूर किसी फिक्स्ड प्वाइंट पर फोकस करें।
  • आइज मूवमेंट आंखों को बेहतर करने में लाभकारी है। ऑफिस या घर पर मॉनिटर को कुछ इस तरह सेट करें कि आंखें मॉनिटर के टॉप लेवल पर हों।
  • कंप्यूटर डिवाइस का कंट्रास्ट या ब्राइटनेस लेवल को सेट करें या एन्टीग्लेयर कवर और कंप्यूटर ग्लास फिट कराएं।


  • बेहतर लेंस का प्रयोग करें या एन्टी ग्लेयर (चौंध रहित) चश्मा पहने एवं चौंध रहित स्क्रीन का प्रयोग करना चाहिये।
  • जब कभी भी स्क्रीन के सामने घंटे भर से अधिक बैठे हों तो ड्राई आईज से बचने के लिए पलकें, धीरे-धीरे झपकाएं। साथ ही, सीवीएस से बचने के लिए स्मॉल ब्रेक्स और हेल्दी लाइफस्टाइल भी जरूरी है।
  • आंखों के लिए कंप्यूटर विजुअल चैलेंज हो सकता है पर जब परहेज के साथ इस्तेमाल किया जाए तो पर्मानेंट डैमेज कभी नहीं होने देता। आंखों में जब भी अच्छा सा महसूस ना हो तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
  • साल में एक बार आंखों की जांच जरूर करवाएं।
  • प्रतिदिन रात के समय में सोने से पहले अपनी आंखों को स्वच्छ ठण्डे पानी से धोएं।

आंखों में समस्या  होने पर लक्षण

आंख एवं सिर में भारीपन, धुंधला दिखना, आँख लाल होना, आँख से पानी जाना, आँख में जलन होना, आँख में खुजली होना, आँख का ड्राई आई, रगों का साफ न दिखना ।

अगर आप कंप्यूटर पर कार्य करते समय इन सावधानियों को ध्यान में रखकर कार्य करते हैं तब आप खुद को काफी हद तक कंप्यूटर विजन सिन्ड्रोम की समस्या से खुद को बचाये रख सकते हैं।



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Friday, January 29, 2016

कैसे बढ़ाएं ब्रेस्‍ट साइज

कैसे बढ़ाएं ब्रेस्‍ट साइज  
अगर आप अपना ब्रेस्‍ट साइज या कप साइज बढाना चाहती हैं और वो भी बिना पैसे खर्च किए हुए तो हम आपको बताएगें कुछ ऐसे प्राकृतिक तरीके जिनसे आप यह पा सकती हैं। वह औरतें जिनके स्‍तन देखने में छोटे लगते हैं, जब वह उन औरतों के सामने आती हैं जिनके स्‍तन बड़े और ठीक शेप में होते हैं, तो उनके मन में थोडी अजीब सी झिझक और हीन भावना रहती है। यहां दिए गए यह प्राकृतिक तरीके प्‍लास्‍टिक सरजरी से कहीं बेहतर हैं। अगर आप इस तरीके को अपनाएगीं तो महीने भर में आपका रिजल्‍ट आपके आंखों के सामने होगा। 

क्‍या है उपाय- 1.हर्बल ब्रेस्‍ट इंहैन्‍समेंट पिल- यह सबसे ज्‍यादा इस्‍तमाल की जाने वाली प्राकृतिक जड़ी- बूटी है जो ब्रेस्‍ट के साइज को बढाती है। इस जड़ी बूटी में मेथी, सौंफ, दामियाना आदि जैसे अनेक हर्ब होते हैं। यह दवाई अपना असर तब से दिखाना शुरु कर देती है जब लड़की यौवन में कदम रख देती है। यह दवा अपना असर 2-3 महीने के भीतर ही दिखाने लगती है। 2.हर्बल ब्रेस्‍ट इंहैन्‍समेंट लोशन- अगर आप ऊपर दी हुई दवाएं ले रहीं हैं तों इसके साथ यह लोशन-क्रीम भी लगा सकती हैं। इस क्रीम में भी कई प्रकार की जड़ी-बूटियां शामिल होने के साथ-साथ कुछ हल्‍के केमिकल्‍स भी मौजूद हैं। यह केमिकल्‍स ब्रेस्‍ट में फैट सेल का विकास करते हैं जिससे ब्रेस्‍ट का साइज बड़ा हो जाता है। अगर आपको अपने स्‍तनों में अंतर चाहिये तो इस लोशन से मसाज करें। 3.व्‍यायाम- यह तरीका ब्रेस्‍ट साइज बढाने का सबसे सस्‍ता और प्राकृतिक इलाज है। अगर आपको अपने ब्रेस्‍ट साइज बढाने हैं तो अच्‍छा होगा कि आप अभी से ही पुश अप करना शुरु कर दें। पर हां, इसको करने के लिए आपको पूरी लगन दिखानी होगी वरना आपका यह व्‍यायाम करना बेकार होगा। * कभी भी छोटे स्‍तन वाली महिलाओं को निराश नहीं होना चाहिये क्‍योंकि इस समस्‍या को ठीक करने के लिए ऐसे कई प्राकृति इलाज हैं जिसे अपना कर आप संतुष्‍ट हो सकती हैं। आपके स्‍तनों का आकार पूरी तरह से आपके हार्मोन पर र्निभर करता है। इसलिए चिंता न करें और अपनाएं हमारे दिए गए यह सरल उपाय। View commentsPost Co

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Breast growth tips in Hindi – भोजन, व्यायाम के साथ स्वाभाविक रूप से स्तन का आकार कैसे बढ़ाए

बहुत सी लड़कियों अपन स्तनों के आकार को लेकर बहुत चिंतित रहती हैं | आपके पास जो हैं उसे सोच के हमेशा खुश रहना चाहिए | आपके लिए आपका शरीर बहुत महत्वपूर्ण हैं यह हमेशा स्वस्थ्य और मजबूत रहने के साथ साथ आपको हमेशा आत्मविश्वास से पूर्ण और खुबसूरत भी दिखना चाहिए | अगर आप अपने स्तनों का आकर सच में बढ़ने चाहते हैं तो इसके लिए कई उपचार यहाँ दिए हुए हैं :

स्तनों को बढाने के तरीके

  • जो सबसे पहला तरीका हैं स्तनों को बढाने का वो हैं रोज़ व्यायाम करना | आपको रोजाना व्यायाम और संतुलित आहार लेना चाहिए | पुश अप्स से एक बहुत अच्छा व्यायाम हैं जो आपके स्तनों के आकार को बड़ा सकता हैं |  यह व्यायाम आपकी छाती के हिस्से को बढाती हैं जिसकी वजह से आपके स्तन भी बढ़ जाते हैं | दिन भर में कम से कम १५ के क्रम में ३ बार पुश उप्स करने चाहिए | ज़मीन पर पैर पेट के बल लेट जायें और अपने हाथों को अपने बगल में मोड़ के रखें | जब बगल में सेट हो जायें तो आपके हाथ आप उन पर जोर दे कर अपने शरीर को ऊपर और नीचे उठा सकते हैं | याद रखें की व्यायाम करते वक्त आपके पैर जमीन में ही टिके रहे | आप डम्बबेल भी उठा सकते हैं अपने स्तनों को बढ़ाने के लिए | आप ज़मीन पर लेट जायें और  डम्बबेल उठा के अपनी छाती पर रखें इस व्यायाम को ८ और १२ के क्रम से ३ बार करें एस्ट्रोजन युक्त भोजन करे| इसोमेत्रिक व्यायाम 
  • स्तनों को बाधा करने के एक और तरीके का व्यायाम हैं आप जमीं पे खड़े हो जायें और पैरों को इतना खोल लें जितने आपके कन्धों की चौडाई हैं अपनी बाखीं को आगे की तरफ लायें और नहाने वाली तौलिये को हाथ में पकडे और दोनों तरफ से खींचे इसे कम से कम ३ बार करें | इन व्यायाम को करने से निश्चित ही आपके स्तनों का आकर बढ़ जायेगा|
    • एस्ट्रोजन की मात्रा अपने खाने में बढ़ा सकते हैं जैसे की सोया उत्पादों को आप निश्चित ही अपने आहार में शामिल करें| एस्ट्रोजन की मात्र बढ़ने के लिए आप टोफू ,सोया बीन्स ,सोया चीज आदिका सेवन कर सकते हैं  | बाज़ार में एस्ट्रोजन के लिए बहुत दवाइ भी मिलती हैं आप उनका सेवन भी कर सकते हैं |

    • अगर आपका वजन बढेगा तो आपके स्तनों का आकर भी बढ़ जायेगा तो इसलिए संतुलित आहर लें |
    • गर्भावस्था के दौरान भी स्तनों का आकार बढ़ जाता हैं |

    • आप अपने स्तनों पे मेक अप भी कर सकते हैं उन्हें उभरने लके लिए लेकिन यह तभी संभव हैं जब आपने गहरे गले के कपडे पहने हों | लेकिन इसकी आदत न डालें क्यूंकि पर आप जिअसे हैं वैसे ही दिखने चाहिए | आप मेक अप में कांसीलर का इस्तेमाल कर सकते हैं अगरआपके पास नहीं हैं तो उसकी जगह पे आप गहरे रंग का ऑय शैडो इस्तेमाल कर सकते हैं |
    • पुश अप ब्रा पहनने से आपके स्तन और बढे लगते हैं | आप अपने सामान्य आकार से ज्यादा का भी ले सकते इससे आपके स्तन का आकर भी बढ़ा हुआ प्रतीत होता हैं | आपको ऐसी ब्रा पहने के बाद अच्छा महसूस होगा और आप उसके ऊपर जब कोई टॉप या ब्लाउज पहनेंगे तो आपका आत्मविश्वास और बढ़ जायेगा |
    • आप बाज़ार से चिकन फिल्लेट्स भी kharid सकते हैं इनके इस्तेमाल से आपके स्तन गोल और सुडोल दिखेंगे | वह आपकी त्वचा के ही रंग के और पारदर्शी रंग के आते हैं तो कोई पता नहीं कर सकता की आपने क्या इस्तेमाल किया हुआ हैं |

      • आप अपने स्तनों को बढ़ने के लिए बाज़ार में मिलने वाली क्रीम भी इस्तेमाल कर सकते हैं |कुछ और तरीके भी हैं जिससे की आप अपने स्तनों को बढ़ा सकते हैं जैसे की सर्जरी , इलेक्ट्रिकल एकुपंक्चर , फिल्लेर्स जैसे की इंजेक्टशन आदि | जो हमने ऊपर इस लेख में उपाय बताएं हैं उनका कोई विपरीत प्रभाव नहीं हैं |
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